Cyber Crime: बरेली में व्यवसायी से 94 लाख रुपये की साइबर ठगी, शातिरों ने ऐसे फंसाया जाल में; रहें सावधान
इंटरनेट पर विज्ञापन देखकर एप डाउनलोड करना एक व्यवसायी को महंगा पड़ गया। उन्हें साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। उसके बाद उनसे 94 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विस्तार
बरेली में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठगों ने अब रामपुर गार्डन निवासी व्यवसायी को ट्रेडिंग में निवेश कराने का झांसा देकर 94 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रामपुर गार्डन निवासी पंकज व्यवसायी हैं। पंकज ने साइबर थाना के इंस्पेक्टर नीरज सिंह को बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर विज्ञापन देखकर एक्सिस सेल्फ नाम का एक एप अपने मोबाइल में डाउनलोड किया था। एप डाउनलोड करने के बाद साइबर ठग अलग-अलग तीन नंबरों से उनसे व्हाट्सएप पर चैट करने लगे। ट्रेडिंग में निवेश करने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया गया। उन्होंने पहले थोड़ी रकम निवेश की। तब इस एप पर बने उनके अकाउंट में मुनाफे की बड़ी रकम दिखने लगी।
सिक्योरिटी के तौर पर मांगी रकम
जब पंकज ने यह रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की तो वह उसे नहीं निकाल सके। उन्होंने जब व्हाट्सएप नंबरों पर संपर्क किया तो उन्होंने सिक्योरिटी के तौर पर और रकम जमा करने की बात बताई गई। इस पर पंकज को धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
पंकज से साइबर ठगों ने नौ बार में अलग-अलग खातों में 94 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में पंकज की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस्तेमाल किए गए मोबाइल व खाता नंबरों की जांच की जा रही है। इससे आरोपियों की पहचान कर टीम गिरफ्तारी में जुटेगी।
इंटरनेट पर खोजा डॉक्टर का नंबर, खाते से उड़ गई रकम
बच्चे की तबीयत खराब होने पर महिला ने डॉक्टर के यहां पर्चे का नंबर लगाने के लिए इंटरनेट पर नंबर खोजकर कॉल कर ली। इसके बाद महिला का फोन हैक कर खाते से रकम उड़ा दी गई। इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इज्जतनगर क्षेत्र के द्वारिका पुरम निवासी रीना श्रीवास्तव के बेटे की तबीयत खराब हो गई थी। रीना ने इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह को बताया कि लोगों ने उनको बेटे का इलाज स्टेशन रोड स्थित बाल रोग विशेषज्ञ से कराने की सलाह दी। उन्होंने डॉक्टर या उनके क्लीनिक का नंबर इंटरनेट पर खोजा।
यहां से मिले नंबर पर संपर्क किया तो दूसरी ओर से अनजान युवक ने एक लिंक भेजकर इसी पर ऑनलाइन अपना नंबर बुक करने के लिए कहा। रीना ने बताया कि उन्होंने जैसे ही यह लिंक खोला तो उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने रीना के खाते से एक बार में 20,600 और दूसरी बार में 4,999 रुपये निकाल लिए।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रीना की शिकायत पर इसमें से 20,600 रुपये की रकम फ्रीज करा दी। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के खाते से रुपये उड़ाने वालों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
नवाबगंज निवासी यूनुस भी साइबर ठगों के झांसे में आ गए। इंस्पेक्टर नीरज सिंह को बताया कि ठगों ने कई बार में उसके खाते से करीब 59,0000 रुपये निकाल लिए। यूनुस ने भी साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया है कि उनके पास न कोई कॉल, न मेसेज और न ही ओटीपी आया, फिर भी उनका खाता खाली कर दिया गया। साइबर थाना पुलिस इसकी जांच कर रही है।
ये बरतें सावधानी
- फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
- किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
- किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
- ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
- ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।