फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly: BDA's own land breaking illegal construction

बरेलीः दूसरे के अवैध निर्माण तोड़ने वाले बीडीए की खुद की जमीन पर कब्जा

Tue, 17 Mar 2020 11:11 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2020 11:11 PM IST
विज्ञापन
Bareilly: BDA's own land breaking illegal construction
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

रामगंगानगर योजना में अधिग्रहण की गई भूमि पर कई लोगों ने बनवा दी दुकान व मकान
विज्ञापन

एसएलएओ ने कब्जे की रिपोर्ट तैयार कर बीडीए को भेजी

बरेली। जिस बीडीए पर अवैध निर्माण तोड़ने का जिम्मा है, उसकी खुद की जमीन पर कब्जा हो गया। बीडीए ने रामगंगानगर आवासीय परियोजना के तहत जिस जमीन का अधिग्रहण किया था, उसमें कई जगहों पर कई लोगों ने दुकान-मकान बनवा लिए हैं। जबकि बीडीए की ओर से कब्जा की गई भूमि को चिह्नित तक नहीं किया गया है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) ने इस आवासीय परियोजना के फेस-टू के निर्माण में तरह से अनाधिकृत निर्माण को लेकर रिपोर्ट बीडीए सचिव अंबरीष कुमार को भेज दी है।
शहर की सबसे बड़ी इस आवासीय परियोजना के लिए बीडीए ने फेज-टू के लिए चंदपुर बिचपुरी, डोहरिया, अहरौला व मोहनपुर उर्फ रामनगर के काश्तकारों से भूमि का अधिग्रहण किया था। जबकि एसएलएओ मदन कुमार ने प्रथम दृष्टया रिपोर्ट में यह सामने आया है कि इन चारों गांवों से संबंधित राजस्व रिकार्ड में जो भूमि बीडीए के नाम पर दर्ज है। उसके कुछ खसरा नंबरों पर तमाम पूर्व भूस्वामियों ने उसकी बिक्री कर बैनामा करा दिया है। कई जगह इस जमीन पर दुकान और मकान तक के निर्माण हो गए हैं। नकटिया नदी के आगे डोहरा रोड पर बीडीए की जगह पर कई दुकानें बनाई जा चुकी है। उसके आगे भी कुछ जगहों पर बीडीए ने जिस भूमि का अधिग्रहण किया था, वहां भी लोगों ने निर्माण करा लिए हैं। जबकि इस आवासीय योजना के लिए वर्ष 2004-05 में भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ था। वर्ष 2005, 2007, 2011 और 2012 को बीडीए को प्रशासन ने भूमि का हस्तांतरण कराए जाने के बाद राजस्व अभिलेखों में यह जमीन बीडीए के नाम दर्ज हो चुकी है। एसएलएओ मदन कुमार ने इस मामले को लेकर बीडीए सचिव अंबरीष कुमार को कब्जा वाली भूमि की अवैध तरीके से बिक्री और उस पर भवन निर्माण के मामले की जांच कराकर अग्रिम कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट भेज दी है।
विज्ञापन

मुआवजा न मिलने से काश्तकारों ने बेच दी भूमि

लंबे समय तक जबरदस्त घाटे में रही रामगंगानगर परियोजना में जमीन देने वाले बड़ी संख्या में भूस्वामियों को बीडीए ने वर्षों तक मुआवजा ही नहीं दिया। इससे तमाम काश्तकारों ने इस जमीन या तो बिक्री कर दी या फिर उस पर निर्माण करा लिया। हालांकि बीडीए ने हाल में करीब 55 करोड़ का मुआवजा भूस्वामियों को देने के लिए एसएलएओ को दिया है लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान वर्ष 2014 के आधार पर बढ़े मुआवजे की डिमांड कर रहे हैं तो वो किसान भी मुआवजा लेने के लिए नहीं आ रहे, जिन्होंने भूमि पर कब्जा या उसकी बिक्री कर दी है। यही वजह है कि अब तक केवल छह करोड़ का मुआवजा ही बंट सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जमीन अधिग्रहण के बाद अगर किसी ने बीडीए की जगह पर दुकान या दूसरे निर्माण करा लिए हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। बीडीए इस जमीन को वापस लेने की कार्रवाई करेगा। -अंबरीष कुमार, सचिव, बीडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed