फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly arrived on foot from Mumbai, quarantine in hospital

मुंबई से पैदल सफर तय कर पहुंचे बरेली, अस्पताल में क्वारंटीन

Mon, 27 Apr 2020 12:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2020 12:46 AM IST
विज्ञापन
Bareilly arrived on foot from Mumbai, quarantine in hospital
मुंबई से लौटे तीनों युवक क्वारंटीन किए गए। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

जेब खाली हुई तो फर्नीचर का काम करने वाले तीन दोस्तों ने पैदल शुरू किया सफर

विज्ञापन
बरेली। कोरोना के चलते काम छिना तो धीरे-धीरे जमा पूंजी भी खत्म हो गई। मुंबई में रहने वाले तीन दोस्तों की जेबें खाली हुईं तो खाने पीने का भी संकट आ गया। ऐसे में तीनों पैदल ही मुंबई से घर के लिए चल पड़े। राज्य की सीमाएं सील थीं, मगर पुलिस की मदद से वह शनिवार की रात अपने घर पहुंच गए। रविवार को जांच के लिए सैंपल लेने के बाद तीनों को अस्पताल में क्वारंटीन कर दिया गया है। युवकों का दावा है कि मुंबई समेत जहां से भी वह गुजरे वहां स्क्रीनिंग हुई, उनमें कोरोना के लक्षण नहीं मिले।

इज्जतनगर के रहपुरा महलुआ निवासी मोहम्मद शानू, मुनीर अहमद, ताजीम मुंबई के थाणा स्थित घी मंडी में फर्नीचर फैक्ट्री में काम करते थे। बताया कि 22 मार्च को फैक्ट्री बंद हो गई। 14 अप्रैल को लॉक डाउन खुलना था। तीनों के पास कुल मिलाकर बचत के 30 हजार रुपये थे। 14 अप्रैल तक रुपये से किसी तरह गुजारा करते रहे, लेकिन लॉक डाउन आगे बढ़ाने की बात सुन उनकी हिम्मत पस्त हो गई। युवकों ने बताया कि मुंबई में दूध 80 रुपये, चीनी 60 रुपये, दाल दो सौ, आटा 50 यहां तक की नमक के पैकेट पर भी 10 रुपये की कालाबाजारी हो रही है। जमा पूंजी खत्म होने वाली थी। जब जेब में केवल छह हजार रुपये बचे तो घर आने का निर्णय लिया और पैदल ही बरेली के लिए निकल पड़े। करीब 14 सौ किमी. तक का सफर तय करने की कोशिश में जब पांव थक जाते तो तीनों रास्ते से गुजरने वाले वाहनों से मदद मांगते। बताया कि बीच बीच में कुछ ट्रक वाले उन्हें बिठाकर जिले की सीमा पर छोड़ देते थे। इसके अलावा वह सीमा पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मदद मांगते थे। खाना मिलने के बाद वह फिर चल पड़ते। पुलिस चौकी, बस स्टेशन पर सोते थे। बताया कि उदयपुर तक तो मदद मिली लेकिन इसके बाद वह पैदल ही घर तक पहुंचे। बताया कि घर पहुंचने पर पड़ोसियों ने कोरोना जांच कराने का दबाव बनाया। लिहाजा, वह अस्पताल आए और सैंपल लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed