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जिला अस्पताल में बाबुओं का मायाजाल मेडिकल कराकर थमाए फर्जी नियुक्तिपत्र
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300 बेड हॉस्पिटल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
तीन सौ बेड अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, ड्राइवर समेत कई फर्जी रिक्तियों पर की गई भर्ती
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नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तब पता चली असलियत
बरेली। झोलाछापों से वसूली समेत घूसखोरी के तमाम मामलों के लिए बदनाम स्वास्थ्य विभाग में ठगी के नए मामले में बाबुओं पर सीधे-सीधे आरोप लगने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। पीड़ितों के मुताबिक उन लोगों से तीन-तीन लाख रुपये लेने के बाद नौकरी लगवाने के लिए उन्हें जिला अस्पताल बुलाकर मेडिकल कराया गया और फिर नियुक्ति पत्र भी दिए गए थे। उन्हें बाद में पता चला कि ये नियुक्ति पत्र फर्जी हैं।
एसएसपी दफ्तर पहुंचे ठगी के शिकार बेरोजगारों ने बताया कि बाबुओं के तीन सौ बेड अस्पताल में फर्जी तौर पर रिक्तियों की बात प्रचारित करने के बाद तमाम लोग उनके पास पहुंचे थे। जिन लोगों ने एडवांस में तीन-तीन लाख रुपये दिए, उन्हें बाबुओं ने जल्द ही नौकरी लगवा देने का भरोसा दिलाया था। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने 2019 में उन सभी को जिला अस्पताल बुलाकर उनके मेडिकल कराए तो उन्हें नौकरी मिलने का यकीन हो गया। कुछ दिन बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिए गए। वे लोग जब नियुक्ति पत्र लेकर 300 बेड अस्पताल पहुंचे तब उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला।
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अस्पताल के अफसरों ने बताया कि न तो रिक्तियां निकाली गईं हैं और न किसी की भर्ती हुई है। इसके बाद वे लोग आरोपियों के पास पहुंचे तो उन लोगों ने फिर नौकरी लगवाने का दावा किया। भरोसा दिलाया कि नौकरी नहीं लगी तो उनकी रकम वापस कर देंगे मगर साल भर से ज्यादा समय से वे टालमटोल करते आ रहे हैं और अब तक उनकी रकम वापस नहीं की है। यह यकीन होने के बाद कि अब उनकी रकम वापस नहीं मिलेगी, शुक्रवार को वे लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे।
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यूपी के कई जिलों के साथ उत्तराखंड के लोग भी ठगे
आरोपियों ने ठगी का धंधा लंबे समय तक चलाया। उन्होंने बरेली के अलावा रामपुर, पीलीभीत, गाजियाबाद आदि जिलों के साथ ही उत्तराखंड के लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया। इनमें पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी के मोहल्ला वशीरगंज के महेश कश्यप, आकाश कश्यप, सत्येंद्र कुमार, कामिनी राजपूत, सिविल लाइंस के राहुल कश्यप, खपरैल गाैंटिया के विपिन मौर्य, बरेली में कटरा चांद खां के दिनेश कुमार, सूरज मौर्य, प्रदीप कुमार, बिशनपुर नवाबगंज के डोरी लाल, रिठौरा के प्रेमप्रकाश, मोहनपुर नकटिया के संजीव कुमार, उत्तराखंड में किच्छा के गांव लालपुर के पवन कुमार, लालकुआं के महेश कश्यप, बारादरी में फाल्तूनगंज के सुभाष, रजत, नरेंद्र, सिकलापुर के राजेश, बाबूपाल, प्रेमनरायन, अमर बाबू, पूजा, आजमनगर के सुमित कुमार, अमित कुमार, रोहली टोला के बबलू, ताहिर मियां, चनेहटा के मोहम्मद फईम, करेली के इशहाक, कांधरपुर के मोहम्मद अकबर, जोगी नवादा के आदिल हसन, मोहनपुर कैंट के सूरज, लक्ष्मी, एजाजनगर गौंटिया के इमरान, भोजीपुरा में घाटमपुर के अशोक, भरतौल कैंट के राजकुमार, रामकुमार, कुंदन सिंह, राजेश, सर्वेश मिश्र, सिविल लाइंस की मीना कश्यप, रामपुर में थाना स्वार के गांव मसवासी के अमर सिंह और गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी के रामवीर सिंह ठगी का शिकार हुए।
300 बेड अस्पताल में नौकरी के नाम पर तीन-तीन लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने शिकायत की है। इस मामले की जांच सीओ प्रथम को दी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तब पता चली असलियत बरेली। झोलाछापों से वसूली समेत घूसखोरी के तमाम मामलों के लिए बदनाम स्वास्थ्य विभाग में ठगी के नए मामले में बाबुओं पर सीधे-सीधे आरोप लगने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। पीड़ितों के मुताबिक उन लोगों से तीन-तीन लाख रुपये लेने के बाद नौकरी लगवाने के लिए उन्हें जिला अस्पताल बुलाकर मेडिकल कराया गया और फिर नियुक्ति पत्र भी दिए गए थे। उन्हें बाद में पता चला कि ये नियुक्ति पत्र फर्जी हैं।
एसएसपी दफ्तर पहुंचे ठगी के शिकार बेरोजगारों ने बताया कि बाबुओं के तीन सौ बेड अस्पताल में फर्जी तौर पर रिक्तियों की बात प्रचारित करने के बाद तमाम लोग उनके पास पहुंचे थे। जिन लोगों ने एडवांस में तीन-तीन लाख रुपये दिए, उन्हें बाबुओं ने जल्द ही नौकरी लगवा देने का भरोसा दिलाया था। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने 2019 में उन सभी को जिला अस्पताल बुलाकर उनके मेडिकल कराए तो उन्हें नौकरी मिलने का यकीन हो गया। कुछ दिन बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिए गए। वे लोग जब नियुक्ति पत्र लेकर 300 बेड अस्पताल पहुंचे तब उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला।
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अस्पताल के अफसरों ने बताया कि न तो रिक्तियां निकाली गईं हैं और न किसी की भर्ती हुई है। इसके बाद वे लोग आरोपियों के पास पहुंचे तो उन लोगों ने फिर नौकरी लगवाने का दावा किया। भरोसा दिलाया कि नौकरी नहीं लगी तो उनकी रकम वापस कर देंगे मगर साल भर से ज्यादा समय से वे टालमटोल करते आ रहे हैं और अब तक उनकी रकम वापस नहीं की है। यह यकीन होने के बाद कि अब उनकी रकम वापस नहीं मिलेगी, शुक्रवार को वे लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे।
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यूपी के कई जिलों के साथ उत्तराखंड के लोग भी ठगे
आरोपियों ने ठगी का धंधा लंबे समय तक चलाया। उन्होंने बरेली के अलावा रामपुर, पीलीभीत, गाजियाबाद आदि जिलों के साथ ही उत्तराखंड के लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया। इनमें पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी के मोहल्ला वशीरगंज के महेश कश्यप, आकाश कश्यप, सत्येंद्र कुमार, कामिनी राजपूत, सिविल लाइंस के राहुल कश्यप, खपरैल गाैंटिया के विपिन मौर्य, बरेली में कटरा चांद खां के दिनेश कुमार, सूरज मौर्य, प्रदीप कुमार, बिशनपुर नवाबगंज के डोरी लाल, रिठौरा के प्रेमप्रकाश, मोहनपुर नकटिया के संजीव कुमार, उत्तराखंड में किच्छा के गांव लालपुर के पवन कुमार, लालकुआं के महेश कश्यप, बारादरी में फाल्तूनगंज के सुभाष, रजत, नरेंद्र, सिकलापुर के राजेश, बाबूपाल, प्रेमनरायन, अमर बाबू, पूजा, आजमनगर के सुमित कुमार, अमित कुमार, रोहली टोला के बबलू, ताहिर मियां, चनेहटा के मोहम्मद फईम, करेली के इशहाक, कांधरपुर के मोहम्मद अकबर, जोगी नवादा के आदिल हसन, मोहनपुर कैंट के सूरज, लक्ष्मी, एजाजनगर गौंटिया के इमरान, भोजीपुरा में घाटमपुर के अशोक, भरतौल कैंट के राजकुमार, रामकुमार, कुंदन सिंह, राजेश, सर्वेश मिश्र, सिविल लाइंस की मीना कश्यप, रामपुर में थाना स्वार के गांव मसवासी के अमर सिंह और गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी के रामवीर सिंह ठगी का शिकार हुए।300 बेड अस्पताल में नौकरी के नाम पर तीन-तीन लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने शिकायत की है। इस मामले की जांच सीओ प्रथम को दी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी