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मोहनपुर और अहिरौला गांव के जमीनों का अवार्ड घोषित
बरेली
Updated Thu, 22 Jan 2015 01:15 AM IST
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बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की महत्वाकांक्षी रामगंगा आवासीय परियोजना की एक बड़ी अड़चन बुधवार को दूर हो गई। परियोजना के लिए मोहनपुर और अहिरौला गांव की करीब 46 हेक्टेयर भूमि का अवार्ड घोषित कर दिया गया। डीएम संजय कुमार ने अवार्ड का अनुमोदन कर फाइल बीडीए को सौंप दी। किसानों से ली जाने वाली जमीन के प्रतिकर की घोषणा एसएलएओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) एक हफ्ते में करेंगे।
परियोजना के लिए उक्त दोनों गांव के अलावा चंदपुर बिचपुरी और डोहरिया गांवों को मिलाकर 173.67 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। बीडीए बोर्ड की बैठक में अधिग्रहीत भूमि पर नई नीति से मुआवजा देने के अनुमोदन और शासन से अनुमति के बाद अवार्ड और प्रतिकर निर्धारण की प्रक्रिया चल रही थी। प्रभारी एसएलएओ और एसडीएम सदर मनीष नाहर से दोनों गांवों की अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का प्रतिकर संबंधी प्रस्ताव जिलाधिकारी को सौंपा था। बीडीए सचिव डा. गरिमा यादव ने बताया कि डीएम का अनुमोदन मिलते ही चिन्हित भूमि का अवार्ड घोषित कर दिया गया। अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे के लिए दर क्या होगी, यह एसएलएओ घोषित करेंगे।
सात गुना बढ़ सकती है मुआवजा राशि
वर्ष 2006 में नोटीफिकेशन के बाद जमीन की प्रतिकर राशि 140 से 150 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई थी। सूत्रों का कहना है कि नई अधिग्रहण नीति के अब इस भूमि के लिए प्रतिकर का निर्धारण 900 से 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किया गया है। माना जा रहा है मुआवजा भी इसी दर से दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रतिकर के दर की गणना 2006 के नोटीफिकेशन के आधार पर उस समय के सर्किल रेट और बैनामा के दर पर की गई है।
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आठ साल से लटकी है रामगंगा परियोजना
बरेली विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2006 में रामगंगा नगर आवासीय योजना के अंतर्गत चंदपुर बिचपुरी, अहिरोला, डोहरिया और मोहनपुर उर्फ रामनगर में 269.47 हेक्टेयर भूमि पर आवासीय योजना बनाई थी। 10.11 हेक्टेयर जमीन किसानों से सीधे बैनामा आधार पर क्रय की गई और 72.54 हेक्टेयर भूमि करार से ले चुका है। 13.14 हेक्टेयर जमीन पर उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश है। 173.67 हेक्टेयर जमीन का अवार्ड जिलाधिकारी द्वारा घोषित किया जाना था जिसमें 46 हेक्टेयर जमीन का अवार्ड घोषित कर दिया गया। बीडीए पुराने रेट के आधार पर किसानों को मुआवजा देने के लिए एसएलएओ को 52 करोड़ रुपये दे चुका है। इसमें 28 करोड़ बांटे जा चुके हैं।
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परियोजना के लिए उक्त दोनों गांव के अलावा चंदपुर बिचपुरी और डोहरिया गांवों को मिलाकर 173.67 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। बीडीए बोर्ड की बैठक में अधिग्रहीत भूमि पर नई नीति से मुआवजा देने के अनुमोदन और शासन से अनुमति के बाद अवार्ड और प्रतिकर निर्धारण की प्रक्रिया चल रही थी। प्रभारी एसएलएओ और एसडीएम सदर मनीष नाहर से दोनों गांवों की अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का प्रतिकर संबंधी प्रस्ताव जिलाधिकारी को सौंपा था। बीडीए सचिव डा. गरिमा यादव ने बताया कि डीएम का अनुमोदन मिलते ही चिन्हित भूमि का अवार्ड घोषित कर दिया गया। अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे के लिए दर क्या होगी, यह एसएलएओ घोषित करेंगे।
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सात गुना बढ़ सकती है मुआवजा राशि
वर्ष 2006 में नोटीफिकेशन के बाद जमीन की प्रतिकर राशि 140 से 150 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई थी। सूत्रों का कहना है कि नई अधिग्रहण नीति के अब इस भूमि के लिए प्रतिकर का निर्धारण 900 से 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किया गया है। माना जा रहा है मुआवजा भी इसी दर से दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रतिकर के दर की गणना 2006 के नोटीफिकेशन के आधार पर उस समय के सर्किल रेट और बैनामा के दर पर की गई है।
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आठ साल से लटकी है रामगंगा परियोजना
बरेली विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2006 में रामगंगा नगर आवासीय योजना के अंतर्गत चंदपुर बिचपुरी, अहिरोला, डोहरिया और मोहनपुर उर्फ रामनगर में 269.47 हेक्टेयर भूमि पर आवासीय योजना बनाई थी। 10.11 हेक्टेयर जमीन किसानों से सीधे बैनामा आधार पर क्रय की गई और 72.54 हेक्टेयर भूमि करार से ले चुका है। 13.14 हेक्टेयर जमीन पर उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश है। 173.67 हेक्टेयर जमीन का अवार्ड जिलाधिकारी द्वारा घोषित किया जाना था जिसमें 46 हेक्टेयर जमीन का अवार्ड घोषित कर दिया गया। बीडीए पुराने रेट के आधार पर किसानों को मुआवजा देने के लिए एसएलएओ को 52 करोड़ रुपये दे चुका है। इसमें 28 करोड़ बांटे जा चुके हैं।