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धुंध में घुला है जहर, सुबह की सैर से करें परहेज
बरेली
Updated Thu, 09 Nov 2017 02:43 AM IST
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fog
दो दिन से आसमान पर छाई धुंध को आप कोहरा समझने की गलती न करें। यह स्मॉग है जिसमें मौजूद पार्टीकुलेट मेटर (प्रदूषण) की मात्रा काफी पाई गई है जो आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आप सुबह-सुबह सैर सपाटे के शौकीन हैं तो कुछ दिन इस शौक को छोड़ दें। खासतौर से वह लोग जिनको हृदय और श्वांस संबंधी बीमारियां हैं। बुधवार को सबसे ज्यादा प्रदूषण चौपला और शाहमतगंज में रिकार्ड किया गया। शाम को इज्जतनगर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर (पीएम 2.5) वायु गुणवत्ता सूचकांक 301 रिकार्ड किया गया। जबकि शाम को यह बढ़कर 439 पहुंच गया। शाहमतगंज में रात दस बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 467 तक जा पहुंचा। चौपला क्षेत्र का हाल इससे भी खराब मिला।
इसलिए छाई है धुंध
सेंटर फॉर इंवायरमेंटल स्टडीज के प्रभारी डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार निर्माण कार्य, वाहनों के धुएं और फसलों का वेस्ट जलाने के कारण पार्टीकुलेट मेटर निकलते हैं जो हवा में घुल जाते हैं। अमूमन हवा चलने और मौसम में कम नमी होने के कारण यह कण बह जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों हवा की गणित 0-3 किमी. प्रति घंटा है। धूल के कणों के साथ मिलकर इसकी एक लेयर वातावरण में बन जाती हैै। इस कारण सूरज की रोशनी भी पूरी नहीं आ पाती। ओस के साथ इसके कण नीचे आते हैं। इसलिए सुबह सुबह बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है।
बरेली में वाहनों के धुएं और निर्माण कार्य बन रहा कारण
डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार बरेली और उसके आसपास के क्षेत्र में खेतों में फसलों का वेस्ट जलाना धुंध का कारण नहीं है। यहां निर्माण कार्य और वाहनों की बढ़ रही संख्या कारण है। इनसे भी पीएम 2.5 निकलता है जो वातावरण में स्मॉग का रूप ले लेता है।
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इसलिए छाई है धुंध
सेंटर फॉर इंवायरमेंटल स्टडीज के प्रभारी डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार निर्माण कार्य, वाहनों के धुएं और फसलों का वेस्ट जलाने के कारण पार्टीकुलेट मेटर निकलते हैं जो हवा में घुल जाते हैं। अमूमन हवा चलने और मौसम में कम नमी होने के कारण यह कण बह जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों हवा की गणित 0-3 किमी. प्रति घंटा है। धूल के कणों के साथ मिलकर इसकी एक लेयर वातावरण में बन जाती हैै। इस कारण सूरज की रोशनी भी पूरी नहीं आ पाती। ओस के साथ इसके कण नीचे आते हैं। इसलिए सुबह सुबह बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है।
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बरेली में वाहनों के धुएं और निर्माण कार्य बन रहा कारण
डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार बरेली और उसके आसपास के क्षेत्र में खेतों में फसलों का वेस्ट जलाना धुंध का कारण नहीं है। यहां निर्माण कार्य और वाहनों की बढ़ रही संख्या कारण है। इनसे भी पीएम 2.5 निकलता है जो वातावरण में स्मॉग का रूप ले लेता है।
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