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Bareilly News: चार महीने बरेली जेल में रहने के दौरान अतीक ने खड़ा किया था नेटवर्क
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बरेली। माफिया अतीक अहमद ने चार महीने बरेली जेल में रहने के दौरान यहां भी अपना नेटवर्क खड़ा कर दिया था। अतीक के यहां से जाने के बाद अशरफ को नैनी जेल से बरेली भेजा दिया गया था। उसी दौरान अशरफ का साला सद्दाम भी बरेली आया और यहां अस्थायी रूप से रहने लगा। अशरफ ने सद्दाम के जरिये नेटवर्क को आगे बढ़ाते हुए यहां लल्ला गद्दी जैसे गुर्गे तैयार किए। आपराधिक कृत्यों और अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित करनी शुरू कर दी। उमेश पाल की हत्या की साजिश भी बरेली जेल में ही रची गई थी।
अतीक अहमद अप्रैल 2019 में नैनी से बरेली सेंट्रल जेल लाया गया था। वह यहां चार महीने रहा। इसके बाद उसे यहां से दूसरी जेल भेज दिया और और नैनी जेल से अशरफ को जुलाई 2020 में बरेली शिफ्ट कर दिया गया था। अशरफ के जेल में रहने के दौरान सद्दाम और लल्ला गद्दी उससे मिलते थे। जेल में अशरफ का दरबार लगता था और आपराधिक षड्यंत्र रचे जाते थे। बिथरी चैनपुर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम की जांच में साफ हो गया कि दोनों ने बारादरी थाना क्षेत्र के हरूनगला में गिरोहबंद अपराध के जरिये तीन बीघा जमीन अर्जित की थी।
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो गनर की गोली और बम मारकर हत्या के बाद बरेली जेल भी सुर्खियों में आ गई थी। सद्दाम, लल्ला गद्दी के साथ अक्सर जेल में अशरफ से मिलता था। जांच के दौरान कई वीडियो भी सामने आए। इसके बाद सद्दाम और लल्ला गद्दी के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में गैंगस्टर समेत दो-दो मामले दर्ज किए गए थे।
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जेल अधिकारियों पर भी हुई थी कार्रवाई
माफिया अशरफ के बरेली सेंट्रल जेल में रहने के दौरान जेल के अधिकारी और कुछ कर्मचारी उसकी मदद करते थे। मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा जेल वार्डर मनोज कुमार, शिवहरि अवस्थी और जेल कैंटीन संचालक दयाराम उर्फ नन्हे के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसएसपी की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई
एसएसपी ने चार फरवरी को डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें सद्दाम व लल्ला गद्दी की हरूनगला स्थित भूमि गाटा संख्या 530 व 531 कुल क्षेत्रफल 1.5810 हेक्टेयर में से 1/10 भाग करीब तीन बीघा भूमि जिसकी अनुमानित कीमत 5,29,44,360 रुपये है को गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा (14) 1 के तहत राज्य सरकार के पक्ष में कुर्क करने का अनुरोध किया था। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने अधिनियम के तहत शक्तियों और अधिकारों का प्रयोग करते हुए 15 दिन के भीतर अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। संवाद
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अतीक अहमद अप्रैल 2019 में नैनी से बरेली सेंट्रल जेल लाया गया था। वह यहां चार महीने रहा। इसके बाद उसे यहां से दूसरी जेल भेज दिया और और नैनी जेल से अशरफ को जुलाई 2020 में बरेली शिफ्ट कर दिया गया था। अशरफ के जेल में रहने के दौरान सद्दाम और लल्ला गद्दी उससे मिलते थे। जेल में अशरफ का दरबार लगता था और आपराधिक षड्यंत्र रचे जाते थे। बिथरी चैनपुर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम की जांच में साफ हो गया कि दोनों ने बारादरी थाना क्षेत्र के हरूनगला में गिरोहबंद अपराध के जरिये तीन बीघा जमीन अर्जित की थी।
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24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो गनर की गोली और बम मारकर हत्या के बाद बरेली जेल भी सुर्खियों में आ गई थी। सद्दाम, लल्ला गद्दी के साथ अक्सर जेल में अशरफ से मिलता था। जांच के दौरान कई वीडियो भी सामने आए। इसके बाद सद्दाम और लल्ला गद्दी के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में गैंगस्टर समेत दो-दो मामले दर्ज किए गए थे।
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जेल अधिकारियों पर भी हुई थी कार्रवाई
माफिया अशरफ के बरेली सेंट्रल जेल में रहने के दौरान जेल के अधिकारी और कुछ कर्मचारी उसकी मदद करते थे। मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा जेल वार्डर मनोज कुमार, शिवहरि अवस्थी और जेल कैंटीन संचालक दयाराम उर्फ नन्हे के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसएसपी की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई
एसएसपी ने चार फरवरी को डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें सद्दाम व लल्ला गद्दी की हरूनगला स्थित भूमि गाटा संख्या 530 व 531 कुल क्षेत्रफल 1.5810 हेक्टेयर में से 1/10 भाग करीब तीन बीघा भूमि जिसकी अनुमानित कीमत 5,29,44,360 रुपये है को गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा (14) 1 के तहत राज्य सरकार के पक्ष में कुर्क करने का अनुरोध किया था। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने अधिनियम के तहत शक्तियों और अधिकारों का प्रयोग करते हुए 15 दिन के भीतर अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। संवाद