अतीक के भाई को सताया डर: बरेली से रवानगी के दौरान गाड़ी में बैठा अशरफ बोला- हां, मुझे खतरा है
बरेली जेल से सोमवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच अशरफ को प्रयागराज पुलिस लेकर गई। इस दौरान जब मीडिया ने उससे सवाल किया कि किसी तरह का खतरा है तो उसने साफ कहा कि हां उसे खतरा है।
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माफिया अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ को सोमवार सुबह करीब नौ बजे प्रयागराज पुलिस बरेली जेल से प्रयागराज ले गई। इस दौरान पुलिस ने ऐसा बंदोबस्त किया कि मीडिया से अशरफ का सीधा सामना न हो सका। हालांकि गाड़ी में बैठे अशरफ ने मीडिया से बातचीत में हाथ हिलाकर बस इतना कहा कि उसे खतरा है।
प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ रविवार रात में ही बरेली आ गई थी। सुबह नौ बजे अशरफ को जेल से निकाला गया तो बड़ी संख्या में मीडिया की मौजूदगी थी। प्रयागराज पुलिस ने जेल गेट पर पुलिस वैन इस तरह लगाई कि मीडिया से अशरफ का सामना न हो सके। हालांकि गाड़ी में अशरफ के बैठने के बाद मीडिया ने उससे पूछा कि उसे कोई खतरा तो नहीं है। अशरफ ने अंदर से हाथ हिलाया।
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पुलिस वैन के थोड़ा आगे बढ़ने पर पत्रकारों ने फिर यही सवाल दोहराया तो अशरफ ने साफ कहा कि उसे खतरा है। इस दौरान सीओ लाइन, आरआई निरोत्तम सिंह समेत बिथरी थाना पुलिस की गाड़ियां मौजूद थीं। प्रयागराज से भी चार गाड़ियों में पुलिस व एसटीएफ की टीम यहां आई थी। इसके अलावा मीडिया की ओवी वैन समेत करीब दर्जन भर गाड़ियां मौजूद थीं।
ये है मामला
प्रयागराज में राजू पाल हत्याकांड के बाद गवाह उमेश पाल का अपहरण कर लिया गया था। उमेश पाल ने छूटने के बाद इस मामले में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपहरण मामले में 28 मार्च को सजा सुनाई जा सकती है। इसलिए साबरमती जेल से अतीक अहमद और बरेली जेल से अशरफ को प्रयागराज लाया जा रहा है। सजा के ऐलान के वक्त दोनों मुख्य आरोपी कटघरे में मौजूद रहेंगे।
बरेली के एसपी सिटी राहुल भाटी ने कहा कि अशरफ को प्रयागराज पुलिस अपनी सुरक्षा में वहां ले गई है। जिले की सीमा तक स्थानीय पुलिस बल ने भी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई। लौटने पर दोबारा सुरक्षा बंदोबस्त किए जाएंगे।