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गरीबों को आसरा आवास मिलने की राह खुली
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बरेली। आसरा योजना के तहत गरीबों को आवास मिलने की राह खुल गई है। सूडा ने कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) संस्था से वर्ष 2014-15 में स्वीकृत कई जगहों पर इस स्कीम के तहत आवासों का निर्माण पूरा कराया है। सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएन पांडेय ने इन आवासों को स्थानीय निकाय को हैंडओवर कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन आवासों के आवंटित करने की प्रक्रिया को जल्द ही आगे बढ़ाया जाएगा।
आसरा योजना के तहत परसाखेड़ा के पास खड़उवा में अक्तूबर 2014 में 11.94 करोड़ की लागत से आवास बनने शुरू हुए हैं। सन्हैय्या रानी मेवा कुंवर में मार्च 2015 में 10.30 करोड़ से 216 आवासों का निर्माण का जिम्मा भी सीएनडीएस को दिया गया था। इसी क्रम में नगर पंचायत शाही में 84 गरीबों को आसरा आवास देने के लिए 4.29 करोड़ रुपये का बजट फरवरी 2015 में स्वीकृत हुआ था। नगर पंचायत नवाबगंज में 4.30 करोड़ रुपये से 84 आवास और नगर पंचायत शेरगढ़ में 36 आवास बनाने के लिए 1.87 करोड़ रुपये वर्ष 2015 में ही मंजूर होने थे। इन आवासों को पाने के लिए गरीब लंबे समय से चक्कर काट रहे थे। राहत वाली बात यह है कि संस्था इन आवासों का निर्माण पूरा कर लिया है। सीएनडीए के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएन पांडेय ने नगर निगम ये ट्रांसफर भी कर दिए हैं।
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आसरा योजना के तहत परसाखेड़ा के पास खड़उवा में अक्तूबर 2014 में 11.94 करोड़ की लागत से आवास बनने शुरू हुए हैं। सन्हैय्या रानी मेवा कुंवर में मार्च 2015 में 10.30 करोड़ से 216 आवासों का निर्माण का जिम्मा भी सीएनडीएस को दिया गया था। इसी क्रम में नगर पंचायत शाही में 84 गरीबों को आसरा आवास देने के लिए 4.29 करोड़ रुपये का बजट फरवरी 2015 में स्वीकृत हुआ था। नगर पंचायत नवाबगंज में 4.30 करोड़ रुपये से 84 आवास और नगर पंचायत शेरगढ़ में 36 आवास बनाने के लिए 1.87 करोड़ रुपये वर्ष 2015 में ही मंजूर होने थे। इन आवासों को पाने के लिए गरीब लंबे समय से चक्कर काट रहे थे। राहत वाली बात यह है कि संस्था इन आवासों का निर्माण पूरा कर लिया है। सीएनडीए के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएन पांडेय ने नगर निगम ये ट्रांसफर भी कर दिए हैं।
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