{"_id":"6ae7445c39d688c92c005efa","slug":"manipur-violence-bodies-of-two-missing-kuki-youths-found-protesters-clash-with-police-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"मणिपुर: तीन दिन से लापता दो युवकों के क्षत-विक्षत शव मिले, प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प; आंसू गैस छोड़ी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मणिपुर: तीन दिन से लापता दो युवकों के क्षत-विक्षत शव मिले, प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प; आंसू गैस छोड़ी
Sun, 01 Nov 2026 07:24 PM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, इंफाल
पीटीआई, इंफाल
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 01 Nov 2026 07:24 PM IST
सार
मणिपुर के कांगपोकपी से लापता दो कुकी युवकों के शव सेनापति जिले में मिलने के बाद तनाव बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। आखिर दोनों युवकों के साथ क्या हुआ था? मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है? आइए, जानते हैं...
विज्ञापन
मणिपुर में तनाव (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
मणिपुर में तीन दिन से लापता दो युवकों के क्षत-विक्षत शव रविवार को बरामद किए गए। दोनों युवक कुकी समुदाय से थे और 29 अक्तूबर को कांगपोकपी जिले के ताफू कुकी गांव से लापता हुए थे। पुलिस के मुताबिक, उनके शव पड़ोसी सेनापति जिले के पहाड़ी इलाके में केले के एक खेत से मिले। दोनों के शव बोरियों में बंद थे।
विज्ञापन
मृतकों की पहचान 21 वर्षीय टी. चोंग्लोई और 20 वर्षीय पाओगिनलाल हैंगशिंग के रूप में हुई है। शव मिलने की खबर फैलते ही कांगपोकपी जिला मुख्यालय में तनाव फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दोनों युवकों का अपहरण कर नगा उग्रवादियों ने उनकी हत्या की है।
विज्ञापन
एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
दोनों युवकों की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग कांगपोकपी स्थित पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के बाहर जमा हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि इस कार्रवाई में कुछ लोग घायल हुए हैं।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ने जताया दुख, आरोपियों को सजा देने की मांग
मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने दोनों युवकों की हत्या की निंदा की। उन्होंने बयान में कहा, "जो शुरुआत में उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद थी, उसका अंत दुखद घटना के रूप में हुआ।" उन्होंने मांग की कि इस गंभीर अपराध की पूरी जांच हो और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
वहीं, कांगपोकपी स्थित कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने घटना को लेकर दूसरे उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो के इस्तीफे की मांग की है। दिखो नगा समुदाय से आते हैं। समिति ने ताफू कुकी गांव को सेनापति एसपी के अधिकार क्षेत्र से हटाकर कांगपोकपी एसपी के अधीन करने की भी मांग की है। COTU ने कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक दोनों युवकों के शव अंतिम संस्कार के लिए गांव नहीं ले जाए जाएंगे।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने चलाया तलाशी अभियान
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों युवकों की तलाश में पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों ने कांगपोकपी और सेनापति जिलों की सीमा के आसपास अभियान चलाया था। रविवार को मणिपुर पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ, असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीमों ने एनएच-2 के पूर्व में एसपी रोड के आसपास तलाशी अभियान चलाया। इसी अभियान के दौरान दोनों युवकों के शव बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि मामले में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
एक दिन पहले गोलीबारी में तीन लोगों की हुई थी मौत
मणिपुर में हिंसा की एक और घटना शनिवार को सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, नॉनी जिले में प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी में कुकी समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस साल फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से तामेंगलॉन्ग, नॉनी, कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान कई घरों को भी आग के हवाले किया गया।
इससे पहले मणिपुर में इंफाल घाटी के मैतेई और आसपास के पहाड़ी इलाकों के कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा हुई थी। उस हिंसा में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि 49 लोग अब भी लापता थे। हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे।