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100 करोड़ की टैक्स चोरी का मामलाः लचर पैरवी की वजह से दो महीने में ही जेल से छूटा पूर्व मंत्री अमरमणि का साला अश्वनी
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बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टिलरी में सौ करोड़ की टैक्स चोरी के मामले की जांच एसआईटी कर रही है और कड़ी कार्रवाई के दावे भी किए जा रहे हैं। मगर इस डिस्टिलरी के मालिक प्रणय अनेजा की लाइजनिंग और कंपनी के पीआरओ का काम करने वाला पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का साला अश्वनी उपाध्याय पुलिस की लचर पैरवी की वजह से दो महीने में ही जमानत पर छूटकर आ गया।
वह 25 हजार का इनामी था और पिछले साल 23 सितंबर को एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पिछले साल तीन मार्च को एसटीएफ ने सहारनपुर स्थित टपरी डिस्टिलरी में स्थानीय आबकारी विभाग, डिस्ट्रीब्यूटर्स, ट्रांसपोर्टर और फैक्टरी में नियुक्त आबकारी अधिकारी की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के शराब के अवैध कारोबार का खुलासा किया था।
इसके पीछे करीब सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की बात सामने आई थी। मूलरूप से गाजीपुर के गहमर में रहने वाला अश्वनी उपाध्याय इस कंपनी के लिए पीआरओ का काम करता था। वह बरेली में सीबीगंज की वेस्ट एंड कॉलोनी में रहता है। कार्रवाई के दौरान मौके से फरार होने पर अश्वनी के खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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कॉलोनी वालों को बताया जर्मनी गया था अश्वनी : एसटीएफ ने अश्वनी को 23 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब दो महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटकर घर पहुंच गया है। इस दौरान उसके परिवार के लोगों ने मोहल्ले वालों को बताया कि वह अपनी बहन के पास जर्मनी गया था। मगर यह मामला फिर से सुर्खियों में आने के बाद कॉलोनी में उसके बारे में चर्चा शुरू हो गई है।
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वह 25 हजार का इनामी था और पिछले साल 23 सितंबर को एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पिछले साल तीन मार्च को एसटीएफ ने सहारनपुर स्थित टपरी डिस्टिलरी में स्थानीय आबकारी विभाग, डिस्ट्रीब्यूटर्स, ट्रांसपोर्टर और फैक्टरी में नियुक्त आबकारी अधिकारी की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के शराब के अवैध कारोबार का खुलासा किया था।
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इसके पीछे करीब सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की बात सामने आई थी। मूलरूप से गाजीपुर के गहमर में रहने वाला अश्वनी उपाध्याय इस कंपनी के लिए पीआरओ का काम करता था। वह बरेली में सीबीगंज की वेस्ट एंड कॉलोनी में रहता है। कार्रवाई के दौरान मौके से फरार होने पर अश्वनी के खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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कॉलोनी वालों को बताया जर्मनी गया था अश्वनी : एसटीएफ ने अश्वनी को 23 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब दो महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटकर घर पहुंच गया है। इस दौरान उसके परिवार के लोगों ने मोहल्ले वालों को बताया कि वह अपनी बहन के पास जर्मनी गया था। मगर यह मामला फिर से सुर्खियों में आने के बाद कॉलोनी में उसके बारे में चर्चा शुरू हो गई है।