UP News: जेल में सद्दाम को सता रही 'तन्हाई', मुलाकात को बताया जरूरी, अधीक्षक ने मांगे 10 करीबियों के नाम
माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ का साला सद्दाम को सेंट्रल जेल-2 में तन्हाई की बैरक में रखा गया है। उसने खुद को सामान्य बैरक में भेजने और परिचितों से मुलाकात कराने की मांग की है। इस पर जेल अधीक्षक ने उससे 10 करीबियों के नाम मांगे हैं।
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बरेली जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में डाले गए सद्दाम ने मानवाधिकारों का हवाला देते हुए मुलाकातों को जरूरी बताकर फरियाद की है। इस पर जेल अधीक्षक ने उससे 10 करीबियों के नाम की सूची मांगी है। बता दें कि सद्दाम माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ का साला है। उमेश पाल हत्याकांड से पहले उसने जेल में अशरफ से शूटरों की मुलाकात कराई थी। बरेली में उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
सद्दाम को सेंट्रल जेल-2 में तन्हाई की बैरक रास नहीं आ रही है। उसने खुद को सामान्य बैरक में भेजने और परिचितों से मुलाकात कराने की मांग की है। इसी जेल में उसका बहनोई अशरफ भी तीन साल तक बंद रहा था। तब अशरफ की वजह से सद्दाम भी जेल में खूब आता-जाता था, मगर इस बार हालात जुदा हैं। महफिलों और पार्टियों के शौकीन सद्दाम को ये स्थिति असहज लग रही है। उसने जेल प्रशासन से कहा है कि उस पर कोई गंभीर आरोप नहीं है, इसलिए उसे तन्हाई में रखना गलत है।
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा ने बताया कि सद्दाम से 10 रिश्तेदारों व करीबियों के नाम मांगे गए हैं। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक को ये सूची भेजकर सत्यापन कराया जाएगा। सही छवि के लोग हुए तो नियमानुसार मुलाकात कराई जा सकती है। सद्दाम को किसी से अकेले में मुलाकात नहीं करने दी जाएगी। बैरक से निकलते ही जेलर या डिप्टी जेलर को साथ रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मोबाइल फोन से खुल सकते हैं और राज
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने सद्दाम के पास से दो मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। इस कार का इस्तेमाल हत्या के वक्त किया गया। इसका भी रजिस्ट्रेशन नंबर 0016 है। यह गिरोह इसी नंबर की गाड़ियां लेता है। इस कार को लोगों की नजरों से छिपाकर रखा गया था। सूत्र बताते हैं कि हत्याकांड के बाद इसी नई कार से असद, जैनब, शाइस्ता और शूटरों की भी फरारी के दौरान मदद की गई।
असद के एनकाउंटर और अतीक-अशरफ की हत्या के बाद सद्दाम इस कार का इस्तेमाल खुद ही कर रहा था। जिस अब्दुल बारी के नाम यह कार है, वह अधिकतर सद्दाम के साथ ही रहता था। पुलिस कार मालिक अब्दुल बारी पर भी शिकंजा कस सकती है। सद्दाम के फोन से भी उसके बरेली के संपर्क और करीबियों का पता लगा है। दोनों मोबाइल में कई अहम सबूत हो सकते हैं।