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Bareilly News: कब्जा हटाते ही फिर अतिक्रमण... रस्म अदायगी बना अभियान

Wed, 26 Jun 2024 07:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Wed, 26 Jun 2024 07:04 AM IST
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As soon as encroachment is removed, encroachment again... a campaign becomes a ritual
बरेली। शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान रस्म अदायगी बन गया है। जिस जगह पर अभियान चलाया जाता है, वहां कुछ घंटे बीतते ही फिर से सड़क घेर ली जाती है। पुलिस इस पर जहां आंखें मूंद लेती है वहीं, फिर से अतिक्रमण न होने देने की जिम्मेदारी स्थानीय थाना प्रभारी की बताकर नगर निगम के अधिकारी भी किनारा कर ले रहे हैं। इस वजह से आम लोगों को संकरी सड़क की वजह से लगने वाले जाम से जूझना पड़ रहा है।
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मंगलवार को नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने अय्यूब खां चौराहे से इंदिरा मार्केट, कुतुबखाना चौराहा, कोहाड़ापीर चौकी के साथ डेलापीर मंडी व उसके आस-पास के इलाके में अभियान चलाया था। अब यहां फिर अतिक्रमण हो गया है। यही हाल महादेव पुल के नीचे कोतवाली से कुतुबखाना तक है। महादेव पुल के नीचे और इंदिरा मार्केट में पिछले दो माह में 10 बार अभियान चलाया जा चुका है।
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14 दिसंबर 2012 को जारी शासनादेश में यह स्पष्ट किया गया था कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद संबंधित क्षेत्र में फिर से अतिक्रमण न हो सके यह जिम्मेदारी संबंधित थाने के प्रभारी की होगी। इसी आदेश का हवाला लेकर हर बार नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर डाल देते हैं। दूसरी ओर पुलिस अतिक्रमण हटाने का काम स्थानीय निकाय का बताकर अपना पल्ला झाड़ लेती है।
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शहर में कोतवालीके अलावा अय्यूब खां, डेलापीर, कुतुबखाना, कोहाड़ापीर, सेटेलाइट सहित कई पुलिस चौकी और थानों के सामने भी सड़क घेरकर कारोबार हो रहा है। यहां हर समय पुलिस विभाग के जिम्मेदारों का आवागमन होता है मगर, वह हर बार आंख मूंदकर यहां से गुजर जाते हैं। अभियान चलने के दौरान यहां कई बार कार्रवाई भी हुई। कुछ समय बाद फिर यहां कब्जे हो गए। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस थानों के सामने ही अतिक्रमण फिर से होने से नहीं रोक सकती तो शहर के अन्य हिस्सों में वह भला क्यों ध्यान देगी?


शहर में सबसे बुरा हाल पुलों के नीचे है। कुतुबखाना, चौपुला, सेटेलाइट, किला के अलावा श्यामगंज में भी पुल के नीचे की सड़क घेरकर कारोबार होता है। जिला अस्पताल के लिए जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण के चलते आए दिन एंबुलेंस फंस जाती हैं।
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