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Bareilly News: पर्यटन स्थलों की बदलेगी सूरत, सुविधाओं को मिलेगा विस्तार

Fri, 04 Aug 2023 02:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 04 Aug 2023 02:01 AM IST
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Appearance of tourist places will change, facilities will get expansion
बरेली। आने वाले समय में प्रमुख नाथ मंदिरों और पौराणिक मान्यताओं से जुड़े विभिन्न धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इन स्थानों पर बहुउद्देश्यीय भवन के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से शासन को 703 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इनमें शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने और घूमने के लिए विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं। प्रस्ताव की स्वीकृति पर विभिन्न धार्मिक आयोजनों को भी विस्तार मिलेगा। पर्यटन सूचना अधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि शासन स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी।
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इन स्थलों के लिए भेजा गया है प्रस्ताव
आगर सागर ताल
रामनगर के गांव जगन्नाथपुर में स्थित आगर-सागर ताल महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि पांडवों ने पूजा और तपस्या के बाद इस ताल में स्नान किया था। धार्मिक गतिविधियों के लिहाज से यह स्थान आज भी काफी प्रचलित है। इस स्थल को 100 करोड़ की लागत से विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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तुलसीमठ
किला रोड स्थित तुलसीमठ के बारे में मान्यता है कि तुलसीदास ने इस स्थान पर रहकर ही रामचरितमानस की रचना की थी। मंदिर में स्थित हनुमान जी की प्राचीन प्रतिमा की स्थापना भी की थी। प्राचीन काल से ही मठ में संतों का आना जाना रहा है। इस स्थल के विकास के लिए भी 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
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सुखराम धाम
नवाबगंज के ग्राम रिछोला ताराचंद्र में स्थिति सुखराम धाम के विकास के लिए भी सौ करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सौ साल पुराने इस स्थान को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। महत्वपूर्ण तिथियों पर यहां मेला लगता है। राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों से लोग यहां आते हैं।
केसरपुर का प्राचीन शिव मंदिर
बिथरी चैनपुर के केसरपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में शिवरात्रि और विभिन्न तिथियों पर शिवभक्त पहुंचते हैं। सावन में मंदिर का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहां भक्तों की मुराद निश्चित ही पूरी होती है। पर्यटन की दृष्टि से इस मंदिर को भी करीब सौ करोड़ की लागत से विकसित किया जाना है।
भीठानाथ मंदिर
बिथरी चैनपुर स्थित भीठानाथ मंदिर भी प्राचीन नाथ मंदिरों में से एक है। प्रमुख अवसरों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। पर्यटन विभाग जिले में पर्यटन को गति देने के लिए शिव मंदिरों पर विशेष ध्यान दे रहा है। इस स्थान पर 100 करोड़ की लागत से पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
धोपेश्वरनाथ मंदिर
कैंट क्षेत्र में स्थित इस शिव मंदिर के बारे में मान्यता है कि किसी ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर ही भगवान शिव यहां प्रकट हुए थे। मंदिर में एक पौराणिक तालाब भी है। इसके पानी से स्नान करने से चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है। मंदिर परिसर में नवग्रह वाटिका भी है। सौ करोड़ की लागत से इसका विकास कराया जाएगा।
रांमगंगा में पक्के घाटों का निर्माण
रामगंगा नदी को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर जोर दिया है। प्रमुख धार्मिक तिथियों पर नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यटन विकास के लिए नदी के दोनों ओर सौ करोड़ की लागत से पक्के घाटों का निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा गया है।

अलखनाथ मंदिर
अलखनाथ मंदिर के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। मंदिर के बाहर का मुख्य द्वार विकसित किया जाएगा। मंदिर में बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण भी कराया जाएगा।
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