{"_id":"66ea36aad863a049de021a69","slug":"appeal-against-dj-rejected-fatwa-also-ineffective-bareilly-news-c-4-lko1018-483604-2024-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: डीजे के खिलाफ अपील खारिज, फतवा भी बेअसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: डीजे के खिलाफ अपील खारिज, फतवा भी बेअसर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- जुलूस-ए-मोहम्मदी में लाखों रुपये किराये के डीजे आए और साथ चले
बरेली। जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे को रोकने के लिए चार साल से कोशिशें चल रही हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। इस बार भी सारी अपील को अंजुमनों ने खारिज दिया। शरीयत का हवाला देकर जारी किया गया फतवा भी बेअसर रहा। यह स्थिति तब है, जबकि जुलूस में डीजे न लाने के लिए आला हजरत दरगाह के जिम्मेदारान और उर्स-ए-रजवी के मंच से भी अपील की गई थी।
जुलूस-ए-मोहम्मदी की आयोजक अंजुमनों की ओर से भी बैठक में इस बारे में आगाह किया था। सौदागरान स्थित चश्म-ए-दारुल इफ्ता से मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने डीजे के खिलाफ फतवा भी जारी किया था। इसके बाद भी अंजुमनें डीजे के साथ जुलूस में शामिल हुईं। उन्हें किसी ने नहीं रोका। शहर के सारे डीजे बुक हो गए तो मेरठ से 1.60 लाख, मुरादाबाद और अमरोहा से 1.20 लाख रुपये किराये पर लाए गए।
आवाज ऐसी थी कि लोग भाग गए
जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल अंजुमनें डीजे लेकर नावल्टी चौराहे से गुजरीं तो उनमें मुकाबला हो गया। इतनी तेज आवाज में साउंउ सिस्टम बजाया कि तमाम लोग वहां से भाग गए। आसपास की दुकानें तक बंद करके लोग चले गए। इस दौरान कुछ लोग मोबाइल फोन से फोटो खींचने लगे। इस पर एलान किया गया कि कैमरा न चलाएं, नहीं तो मोबाइल फोन खराब हो जाएगा। इस बीच कुछ लोगों के मोबाइल फोन चलते-चलते बंद भी हो गए।
विज्ञापन
मौलाना बोले...शरीयत का उल्लंघन
शरीयत पर अमल करना बेहद जरूरी है। जो लोग उलमा की बात नहीं मान रहे हैं, वह शरीयत का उल्लंघन कर रहे हैं। वह सख्त गुनहगार हैं। उन्हें खुदा के यहां जवाब देना होगा। - मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, अध्यक्ष मुस्लिम जमात, बरेली।
अगले वर्ष सख्ती से पालन कराएंगे
कुछ अंजुमनें डीजे लेकर चोरी-छिपे जुलूस में शामिल हो गईं। भीड़ ज्यादा होने से हम उन्हें अलग नहीं कर पाए। जुलूस में व्यवधान का अंदेशा था। उन्हें चिह्रित कर लिया है। अगले साल से उन्हें जुलूस में शामिल नहीं किया जाएगा। - शान रजा, सचिव अंजुमन खुद्दाम-ए-रसूल, शहर कमेटी।
हमारा काम समझाने का है। पिछली बार डीजे रोकने में प्रशासन का सहयोग मिल गया था। इस बार कुछ व्यवधान के चलते प्रशासन और आयोजकों की सारी ताकत जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में लगी हुई थी। इसका फायदा उठाकर कुछ अंजुमनें डीजे के साथ आ गईं। - अंजुम शमीम, महासचिव अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लेमीन, पुराना शहर।
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
बरेली। जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे को रोकने के लिए चार साल से कोशिशें चल रही हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। इस बार भी सारी अपील को अंजुमनों ने खारिज दिया। शरीयत का हवाला देकर जारी किया गया फतवा भी बेअसर रहा। यह स्थिति तब है, जबकि जुलूस में डीजे न लाने के लिए आला हजरत दरगाह के जिम्मेदारान और उर्स-ए-रजवी के मंच से भी अपील की गई थी।
जुलूस-ए-मोहम्मदी की आयोजक अंजुमनों की ओर से भी बैठक में इस बारे में आगाह किया था। सौदागरान स्थित चश्म-ए-दारुल इफ्ता से मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने डीजे के खिलाफ फतवा भी जारी किया था। इसके बाद भी अंजुमनें डीजे के साथ जुलूस में शामिल हुईं। उन्हें किसी ने नहीं रोका। शहर के सारे डीजे बुक हो गए तो मेरठ से 1.60 लाख, मुरादाबाद और अमरोहा से 1.20 लाख रुपये किराये पर लाए गए।
विज्ञापन
आवाज ऐसी थी कि लोग भाग गए
जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल अंजुमनें डीजे लेकर नावल्टी चौराहे से गुजरीं तो उनमें मुकाबला हो गया। इतनी तेज आवाज में साउंउ सिस्टम बजाया कि तमाम लोग वहां से भाग गए। आसपास की दुकानें तक बंद करके लोग चले गए। इस दौरान कुछ लोग मोबाइल फोन से फोटो खींचने लगे। इस पर एलान किया गया कि कैमरा न चलाएं, नहीं तो मोबाइल फोन खराब हो जाएगा। इस बीच कुछ लोगों के मोबाइल फोन चलते-चलते बंद भी हो गए।
विज्ञापन
मौलाना बोले...शरीयत का उल्लंघन
शरीयत पर अमल करना बेहद जरूरी है। जो लोग उलमा की बात नहीं मान रहे हैं, वह शरीयत का उल्लंघन कर रहे हैं। वह सख्त गुनहगार हैं। उन्हें खुदा के यहां जवाब देना होगा। - मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, अध्यक्ष मुस्लिम जमात, बरेली।
अगले वर्ष सख्ती से पालन कराएंगे
कुछ अंजुमनें डीजे लेकर चोरी-छिपे जुलूस में शामिल हो गईं। भीड़ ज्यादा होने से हम उन्हें अलग नहीं कर पाए। जुलूस में व्यवधान का अंदेशा था। उन्हें चिह्रित कर लिया है। अगले साल से उन्हें जुलूस में शामिल नहीं किया जाएगा। - शान रजा, सचिव अंजुमन खुद्दाम-ए-रसूल, शहर कमेटी।
हमारा काम समझाने का है। पिछली बार डीजे रोकने में प्रशासन का सहयोग मिल गया था। इस बार कुछ व्यवधान के चलते प्रशासन और आयोजकों की सारी ताकत जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में लगी हुई थी। इसका फायदा उठाकर कुछ अंजुमनें डीजे के साथ आ गईं। - अंजुम शमीम, महासचिव अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लेमीन, पुराना शहर।
संवाद न्यूज एजेंसी