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किसान रामबहादुर की पत्नी अनशन पर बैठीं
बरेली
Updated Tue, 08 Sep 2015 01:44 AM IST
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बरेली। कैंट थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के बकाएदार किसान रामबहादुर की मौत के मामले में कोई कार्रवाई न होने पर उनकी पत्नी कृष्णा देवी ने अपने घर पर ही अनशन शुरू कर दिया है। उनके बेटे अशोक ने बताया कि तीन दिन पहले किसी ने कृष्णा देवी से कह दिया कि उनके पति की मौत के मामले में कोई कार्रवाई नहीं होगी, उसके बाद से ही उन्होंने कुछ भी खाया-पिया नहीं हैं। घरवालों के समझाने पर भी नहीं मान रहीं हैं।
किसान रामबहादुर ने कई साल पहले ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा की बभिया शाखा से पट्टे की अपनी जमीन पर फसल बोने के लिए 20 हजार रुपये लोन लिया था, लेकिन 10 साल पहले नाम हुई पट्टे की जमीन पर कब्जा नहीं मिलने से वह फसल नहीं उगा पाए और लोन ब्याज समेत बढ़कर 50 हजार से ज्यादा हो गया। इस बार ओलावृष्टि की वजह से फसल चौपट होने की वजह से शासन ने किसानों से बकाए की वसूली अक्टूबर तक स्थगित कर रखी है। इसके बावजूद रामबहादुर पर लोन का पैसा देने के लिए दबाव डाला गया। बैंक की ओर से अमीन बताने वाले व्यक्ति ने 22 अगस्त को रामबहादुर से कह दिया था कि अगर पैसा जमा नहीं किया गया तो जेल जाने को तैयार रहो। बेटे अशोक का कहना है कि अमीन के प्रताड़ित करने की वजह से उनको ब्रेन हेमरेज हो गया। 23 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराए गए रामबहादुर की 26 अगस्त को मौत हो गई। इसके बाद परिवार वालों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। सिटी मजिस्ट्रेट उमेश कुमार मंगला ने पोस्टमार्टम कराकर मामले में कानूनी कार्रवाई और एसडीएम सदर से जांच कराने का आश्वासन दिया। यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कोष से परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा और पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाया जाएगा लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। अशोक ने बताया कि न्याय के लिए मंगलवार को वह अपनी मां और सारे परिजनों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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किसान रामबहादुर ने कई साल पहले ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा की बभिया शाखा से पट्टे की अपनी जमीन पर फसल बोने के लिए 20 हजार रुपये लोन लिया था, लेकिन 10 साल पहले नाम हुई पट्टे की जमीन पर कब्जा नहीं मिलने से वह फसल नहीं उगा पाए और लोन ब्याज समेत बढ़कर 50 हजार से ज्यादा हो गया। इस बार ओलावृष्टि की वजह से फसल चौपट होने की वजह से शासन ने किसानों से बकाए की वसूली अक्टूबर तक स्थगित कर रखी है। इसके बावजूद रामबहादुर पर लोन का पैसा देने के लिए दबाव डाला गया। बैंक की ओर से अमीन बताने वाले व्यक्ति ने 22 अगस्त को रामबहादुर से कह दिया था कि अगर पैसा जमा नहीं किया गया तो जेल जाने को तैयार रहो। बेटे अशोक का कहना है कि अमीन के प्रताड़ित करने की वजह से उनको ब्रेन हेमरेज हो गया। 23 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराए गए रामबहादुर की 26 अगस्त को मौत हो गई। इसके बाद परिवार वालों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। सिटी मजिस्ट्रेट उमेश कुमार मंगला ने पोस्टमार्टम कराकर मामले में कानूनी कार्रवाई और एसडीएम सदर से जांच कराने का आश्वासन दिया। यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कोष से परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा और पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाया जाएगा लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। अशोक ने बताया कि न्याय के लिए मंगलवार को वह अपनी मां और सारे परिजनों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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