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एक और खुदकुशी, सूदखोर का कर्ज नहीं चुका पाए तो जहर खा लिया
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संजीव कुमार शर्मा। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
टॉफी-बिस्कुट के सेल्समैन थे संजीव, देर रात घर पर खाया जहर, अस्पताल में मौत
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दो वितरकों का भी था बकाया, अक्सर करते थे अपमानित
बरेली। सूदखोर से त्रस्त एक और युवक ने शुक्रवार रात जहर खाकर जान दे दी। खुदकुशी करने वाले 36 वर्षीय संजीव कुमार शर्मा टॉफी-बिस्कुट के सेल्समैन थे। उन पर सूदखोर के अलावा दो वितरकों का भी कर्ज था। पत्नी सोनी का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से संजीव कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। सूदखोेर और दोनों वितरक लगातार उनके पति का उत्पीड़न कर रहे थे।
सोनी के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से संजीव का काम ठप हो गया था। उन पर दो वितरकों के 90 हजार रुपये बकाया थे। अपने भाई कैलाश से भी संजीव ने 20 हजार रुपये का कर्ज लिया था। एक सूदखोर से भी तीन साल पहले 50 हजार रुपये बतौर कर्ज लिए थे जिसे वह एक लाख से ज्यादा रकम दे चुके थे लेकिन इसके बावजूद वह उन पर बकाया बताता था और अक्सर उन्हें अपमानित करता था। कुछ समय से वितरकों ने भी उन्हें अपमानित करना शुरू कर दिया था और उन्हें अक्सर बाइक छीन लेने की धमकी देते थे।
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सोनी ने बताया कि चार-पांच दिन से संजीव गुमसुम थे। घरवालों से भी ठीक से बात नहीं कर रहे थे। शुक्रवार रात करीब दो बजे उन्हें अचानक उल्टियां शुरू हुईं। हालत लगातार बिगड़ती गई तो वह शनिवार सुबह करीब सात बजे उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं जहां पता चला कि उन्होंने जहर खाया है। करीब दस बजे संजीव ने दम तोड़ दिया।
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दो वितरकों का भी था बकाया, अक्सर करते थे अपमानित बरेली। सूदखोर से त्रस्त एक और युवक ने शुक्रवार रात जहर खाकर जान दे दी। खुदकुशी करने वाले 36 वर्षीय संजीव कुमार शर्मा टॉफी-बिस्कुट के सेल्समैन थे। उन पर सूदखोर के अलावा दो वितरकों का भी कर्ज था। पत्नी सोनी का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से संजीव कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। सूदखोेर और दोनों वितरक लगातार उनके पति का उत्पीड़न कर रहे थे।
सोनी के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से संजीव का काम ठप हो गया था। उन पर दो वितरकों के 90 हजार रुपये बकाया थे। अपने भाई कैलाश से भी संजीव ने 20 हजार रुपये का कर्ज लिया था। एक सूदखोर से भी तीन साल पहले 50 हजार रुपये बतौर कर्ज लिए थे जिसे वह एक लाख से ज्यादा रकम दे चुके थे लेकिन इसके बावजूद वह उन पर बकाया बताता था और अक्सर उन्हें अपमानित करता था। कुछ समय से वितरकों ने भी उन्हें अपमानित करना शुरू कर दिया था और उन्हें अक्सर बाइक छीन लेने की धमकी देते थे।
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सोनी ने बताया कि चार-पांच दिन से संजीव गुमसुम थे। घरवालों से भी ठीक से बात नहीं कर रहे थे। शुक्रवार रात करीब दो बजे उन्हें अचानक उल्टियां शुरू हुईं। हालत लगातार बिगड़ती गई तो वह शनिवार सुबह करीब सात बजे उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं जहां पता चला कि उन्होंने जहर खाया है। करीब दस बजे संजीव ने दम तोड़ दिया।