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अनामिका शुक्ला प्रकरण जैसा एक और मामला खुला, अनुदेशिका के खाते में भेजा दो फर्जी शिक्षामित्रों का मानदेय

Fri, 11 Sep 2020 09:03 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 11 Sep 2020 09:03 PM IST
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Another case like Anamika Shukla came out Instructor taking three people salary on one job in lakhimpur kheri
फर्जी शिक्षिका प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

रायबरेली जिले में अनामिका शुक्ला प्रकरण से मिलता-जुलता एक और मामला बिजुआ ब्लॉक में सामने आया है, जहां कार्यरत अनुदेशिका एक जगह नौकरी कर तीन लोगों के मानदेय लेती रही। इसमें से दो मानदेय फर्जी शिक्षामित्रों के नाम से थे। तीनों का मानदेय एक ही खाता नंबर में भेजा जाता रहा। करीब दो साल से पूरा गड़बड़झाला चल रहा था, लेकिन मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग दौरान एक ही पेन कार्ड और खाता नंबर सामने आने पर लखनऊ से मामला पकड़ में आया। बीएसए ने जांच कराई तो ब्लॉक के सहायक लेखाकार के जरिए फर्जी शिक्षामित्रों के नाम पर राशि गबन होने की बात सामने आई। बीएसए ने सहायक लेखाकार को निलंबित कर बीईओ को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। 

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बिजुआ ब्लॉक के फूलपुर पूर्व माध्यमिक स्कूल में तैनात अनुदेशिका वंदना कुशवाहा की तैनाती साल 2013 में पल्हनापुर पूर्व माध्यमिक स्कूल में हुई थी। इस बीच वंदना का स्थानांतरण 2019-20 में फूलपुर में हो गया। इससे पहले सत्र 2018-19 से तिहरे मानदेय का खेल शुरू हुआ। वंदना के अनुदेशिका मानदेय के लिए बिजुआ स्थित इंडियन बैंक में चल रहे खाते में नवंबर 2018 से सर्व शिक्षा अभियान के तहत गोंधिया प्राइमरी स्कूल में कार्यरत शिक्षामित्र पद का मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह जाना शुरू हो गया।
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यह खेल यहीं नहीं रुका, इसी सत्र के अक्तूबर 2018 से मार्च 2019 तक का छह माह का एकमुश्त मानदेय 60 हजार की एडवाइज बेसिक शिक्षामित्र मद से भेजी गई, फिर लगातार अनुदेशिका को उसके पद के अलावा उसको दो अन्य स्कूलों में शिक्षामित्र दिखाकर बेसिक और सर्व शिक्षा अभियान का मानदेय 20 हजार रुपये महीना जाता रहा। एक अनुदेशिका को तीन लोगों का मानदेय भेजा जाना विभागीय कर्मचारी के शामिल हुए बगैर मुमकिन नहीं था, ऐसे में जांच हुई तो बिजुआ ब्लॉक के सहायक लेखाकार रमाकांत वर्मा का नाम सामने आया। 
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राज्य परियोजना निदेशक के आदेश पर हुई जांच, तो पकड़ा गया गड़बड़झाला 
मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग में एक ही खाता नंबर पर अनुदेशिका और शिक्षामित्र के मानदेय भेजे जाने का मामला प्रकाश में आने पर राज्य परियोजना निदेशक ने 18 अगस्त, 2020 को पत्र भेजकर बीएसए को  मामले में कार्रवाई के आदेश दिए। बीएसए बुद्धप्रिय सिंह ने आरोपी अनुदेशिका के बयान लिए तो पता चला कि उसे सहायक लेखाकार रमाकांत ने कहा कि उसके खाते में जो पैसा आए वह उसे वापस कर दे। उसके बदले में उसे स्कूल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस समझौते में अनुदेशिका के खाते में सर्व शिक्षा अभियान का नवंबर-2018 से एक लाख 79 हजार 277 रुपये, जबकि बेसिक शिक्षा मद से एक लाख 89 हजार 680 रुपये मानदेय कुल तीन लाख 69 हजार 377 रुपये भेजे गए। 

लेनदेन की राशि निजी खाते में लेकर फंस गया आरोपी सहायक लेखाकार 
इस प्रकरण में वंदना के मुताबिक पहले उसने रुपये नकद दिए। बाद में जून 2019 से जून 2020 तक आरोपी लेखाकार ने अपने निजी बैंक खाते में अनुदेशिका से दो लाख 14 हजार 187 रुपये जमा कराए। बीएसए ने जब बैंक स्टेटमेंट निकलवाए तो मामला पकड़ा गया। 


आरोपी सहायक लेखाकार के खिलाफ निलंबन कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद आरोपी लेखाकार की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। अनुदेशिका और आरोपी रमाकांत से गबन किए गए पैसे की वसूली कराने के आदेश दिए हैं। 
-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए

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