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Bareilly News: सालाना छह करोड़ रुपये का भुगतान, फिर भी डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में लापरवाही

Wed, 30 Sep 2026 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 12:47 AM IST
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Annual payment of 6 crore, yet negligence in door-to-door garbage collection.
बरेली। नगर निगम में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है। शहर को चार सेक्टरों में बांटकर दो एजेंसियों को यह जिम्मेदारी दी गई है। इन एजेंसियों को सालाना करीब छह करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है, फिर भी सप्ताह में केवल तीन से चार दिन ही कूड़ा उठाया जा रहा है।
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निगम क्षेत्र की आबादी 14 लाख है और इसमें 80 वार्ड शामिल हैं। करीब दो लाख घरों से कूड़ा उठाने का ठेका आरुषि इंटरप्राइजेज और युसूफ खान ट्रिपल पी सर्विसेज को दिया गया है। आरुषि इंटरप्राइजेज जोन प्रथम, द्वितीय व तृतीय में, जबकि युसूफ खान ट्रिपल पी सर्विसेज जोन चार में काम करती है। निगम बोर्ड की बैठक में प्रति घर 100 रुपये मासिक शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके बदले एजेंसियों को साल में होली और दिवाली को छोड़कर सातों दिन सेवा देनी होगी। एजेंसियों को निगम की ओर से वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्हें अपने तेल और कर्मचारियों के खर्च पर कूड़ा उठान करना होता है। इसके बावजूद वे रोजाना घरों से कूड़ा नहीं उठा रहे हैं। कई क्षेत्रों में सप्ताह में केवल तीन या चार दिन ही कूड़ा उठाया जाता है। लोगों को निर्धारित शुल्क से अधिक भुगतान करने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है।
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लोगों का आरोप है कि उनसे 150 से 200 रुपये तक मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है और रसीद भी नहीं दी जाती। बानखाना, गुलाबनगर, मौलानगर, रामपुर गार्डन, सिविल लाइंस जैसे कई इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं। कूड़ा न उठने के कारण लोग सड़कों पर कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। पार्षद राजेश अग्रवाल और शमीम अहमद ने बताया कि खराब प्रदर्शन के बावजूद इन्हीं कंपनियों को बार-बार ठेका दिया जा रहा है।
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रोजाना निकलता है सैकड़ों टन कूड़ा
बरेली से रोजाना 450 से 500 टन कूड़ा निकलता है। निगम को लगभग दो लाख घरों से कूड़े का उठान करना होता है। आंकड़ों के अनुसार, प्रति व्यक्ति से 400 से 600 ग्राम कचरा उत्पन्न होता है।
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केस एक :-बानखाना निवासी वसीम खान ने बताया कि डोर-टू-डोर वाले रोजाना कूड़ा उठाने नहीं आते हैं, लेकिन शुल्क समय पर वसूली करने आ जाते हैं। इससे बहुत समस्या होती है।



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केस दो :-रामपुर गार्डन में वयोवृद्ध जीएस भिंडर ने बताया कि इनके यहां तो कूड़ा छह-छह दिन तक नहीं उठता है। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से शिकायत के बाद कर्मचारी पहुंचते हैं।

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केस तीन :- इनकम टैक्स वाले मार्ग पर राजीव अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां भी तीन से चार दिनों तक कूड़ा ही नहीं उठता है। शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं होता है।

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वर्जन ...
जहां भी शिकायतें प्राप्त होती हैं उनका निस्तारण कराया जाता है। ठीक से काम न करने पर दोनों फर्मों को कई बार नोटिस भेजकर भुगतान भी रोका गया। - डॉ. भानुप्रकाश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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