{"_id":"58baece04f1c1b214e832996","slug":"and-took-full-form-now-serving-a-detour","type":"story","status":"publish","title_hn":"फार्म भरा और रख लिया अब काट रहे हैं चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फार्म भरा और रख लिया अब काट रहे हैं चक्कर
बरेली।
Updated Sun, 05 Mar 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
And took full form Now serving a detour
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा फार्म भरने में कॉलेजों के साथ छात्रों की लापरवाही भी कम नहीं रही। अब उसका खामियाजा उनको चुकाना पड़ रहा है। मजबूरन छात्र खुद विश्वविद्यालय पहुंचकर फार्म की हार्ड कॉपी जमा कर रहे हैं जबकि एक मार्च से परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। हालांकि केवल उन्हीं छात्रों के फार्म जमा कराए जा रहे हैं, जिनकी परीक्षाएं अभी शुरू नहीं हुई हैं, ताकि समय से रोलनंबर जारी कराकर उनकी परीक्षा हो सके।
छात्र ने ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरा और उसकी कॉपी कॉलेज में जमा कराने के बजाए अपने पास ही रख ली। अब परीक्षाओं का वक्त आया तो छात्रों ने कॉलेजों में प्रवेश पत्र के लिए संपर्क किया। तब पता चला कि हार्ड कॉपी जमा करनी होगी तभी विश्वविद्यालय रोलनंबर जारी करेगा। कॉलेजों ने हार्ड कॉपी जमा करने से मना कर दिया। अब छात्र मजबूरन विश्वविद्यालय में आकर अपने फार्म जमा करा रहे हैं।
परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि कुछ छात्रों के फार्म जमा नहीं हो पाए थे, इसलिए उनको लिया जा रहा है ताकि किसी भी छात्र की परीक्षा न छूटे।
बड़ी संख्या में छात्रों ने भरे गलत विषय
परीक्षा शुरू होने के बाद ऐसे छात्रों की संख्या काफी सामने आ रही है जिन्होंने परीक्षा फार्म में सब्जेक्ट कांबिनेशन से इतर फार्म भरे थे। हालांकि तीन सौ रुपये प्रति विषय अर्थदंड के साथ छात्रों के फार्म संशोधित करने की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में प्रतिदिन करीब 50 परीक्षा फार्म गलत विषय वाले आ रहे हैं। अगर कॉलेज सजग होते तो छात्रों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ता और कॉलेज की लॉगिन से ही विषय संशोधित हो सकते थे। गलत विषय भरने वाले छात्रों की संख्या हजारों में रही इस बार। कुछ पहले संशोधित कर दिए गए और कुछ अब संशोधित किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
छात्र ने ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरा और उसकी कॉपी कॉलेज में जमा कराने के बजाए अपने पास ही रख ली। अब परीक्षाओं का वक्त आया तो छात्रों ने कॉलेजों में प्रवेश पत्र के लिए संपर्क किया। तब पता चला कि हार्ड कॉपी जमा करनी होगी तभी विश्वविद्यालय रोलनंबर जारी करेगा। कॉलेजों ने हार्ड कॉपी जमा करने से मना कर दिया। अब छात्र मजबूरन विश्वविद्यालय में आकर अपने फार्म जमा करा रहे हैं।
विज्ञापन
परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि कुछ छात्रों के फार्म जमा नहीं हो पाए थे, इसलिए उनको लिया जा रहा है ताकि किसी भी छात्र की परीक्षा न छूटे।
बड़ी संख्या में छात्रों ने भरे गलत विषय
परीक्षा शुरू होने के बाद ऐसे छात्रों की संख्या काफी सामने आ रही है जिन्होंने परीक्षा फार्म में सब्जेक्ट कांबिनेशन से इतर फार्म भरे थे। हालांकि तीन सौ रुपये प्रति विषय अर्थदंड के साथ छात्रों के फार्म संशोधित करने की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में प्रतिदिन करीब 50 परीक्षा फार्म गलत विषय वाले आ रहे हैं। अगर कॉलेज सजग होते तो छात्रों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ता और कॉलेज की लॉगिन से ही विषय संशोधित हो सकते थे। गलत विषय भरने वाले छात्रों की संख्या हजारों में रही इस बार। कुछ पहले संशोधित कर दिए गए और कुछ अब संशोधित किए जा रहे हैं।
विज्ञापन