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UP Nikay Chunav 2023: बरेली के इस संसदीय क्षेत्र में BJP को करारा झटका, 12 में से सिर्फ 2 सीटों पर मिली जीत
Wed, 17 May 2023 10:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 17 May 2023 10:46 AM IST
सार
बरेली की आंवला संसदीय क्षेत्र में भाजपा को करारा झटका लगा है। भाजपा ने 12 में से सिर्फ दो सीटों पर जीत दर्ज की है। बदायूं जिले की नगर पालिका दातागंज और नगर पंचायत गुलड़िया में जीत मिली है। आंवला, फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी सीटें गंवा दी हैं। बाकी सीटों पर भी प्रत्याशी हार गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली के आंवला संसदीय क्षेत्र में भाजपा ने जीती हुईं दो नगर पालिका सीटें गंवा दी। एक नगर पंचायत अध्यक्ष पद भी पार्टी ने गंवा दिया। बाकी सीटों पर भी भाजपा के प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा। संसदीय क्षेत्र में बदायूं जिले की भी छह सीटें आती है। यहां सिर्फ दो सीटों पर ही कमल खिल सका।
अब पार्टी नेता हार की समीक्षा की बात कर रहे हैं और भितरघात को इसकी वजह बता रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदायूं के सभी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया था। उन्होंने भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य को भी साथ रखा था। वह दातागंज के गांव ब्रह्मपुरा के ही निवासी हैं।
यहां पार्टी को सिर्फ एक नगर पालिका और एक नगर पंचायत में ही जीत मिली है। आंवला से धर्मेंद्र कश्यप भाजपा के सांसद भी हैं। आंवला संसदीय क्षेत्र के बरेली में पड़ने वाले हिस्से की पांच में से तीन सीटें भाजपा के पास थीं, इस बार वो भी हाथ से निकल गईं।
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आंवला सीट भाजपा के पास थी। इस बार यहां सपा के आबिद अली ने जीत दर्ज की। फरीदपुर में भाजपा की पूनम गुप्ता नगर पालिका अध्यक्ष थीं। इस बार भाजपा ने उनके पति ब्रह्माशंकर गुप्ता को मैदान में उतारा था। उन्हें सपा के शराफत जरी वाला ने चुनाव हरा दिया। फतेहगंज पूर्वी में भाजपा के प्रदीप अग्रवाल पंचायत अध्यक्ष थे।
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अब पार्टी नेता हार की समीक्षा की बात कर रहे हैं और भितरघात को इसकी वजह बता रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदायूं के सभी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया था। उन्होंने भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य को भी साथ रखा था। वह दातागंज के गांव ब्रह्मपुरा के ही निवासी हैं।
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यहां पार्टी को सिर्फ एक नगर पालिका और एक नगर पंचायत में ही जीत मिली है। आंवला से धर्मेंद्र कश्यप भाजपा के सांसद भी हैं। आंवला संसदीय क्षेत्र के बरेली में पड़ने वाले हिस्से की पांच में से तीन सीटें भाजपा के पास थीं, इस बार वो भी हाथ से निकल गईं।
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आंवला सीट भाजपा के पास थी। इस बार यहां सपा के आबिद अली ने जीत दर्ज की। फरीदपुर में भाजपा की पूनम गुप्ता नगर पालिका अध्यक्ष थीं। इस बार भाजपा ने उनके पति ब्रह्माशंकर गुप्ता को मैदान में उतारा था। उन्हें सपा के शराफत जरी वाला ने चुनाव हरा दिया। फतेहगंज पूर्वी में भाजपा के प्रदीप अग्रवाल पंचायत अध्यक्ष थे।
उन्हें इस बार भाजपा के बागी संजय पाठक ने चुनाव हरा दिया। सिरौली सीट पर कांग्रेस की चमन आरा ने कब्जा किया तो ठिरिया निजावत खां में एआईएमआईएम के इमरान अली ने जीत दर्ज की।
बदायूं की अलापुर नगर पंचायत में आजाद समाज पार्टी की हुमा बी ने जीत दर्ज की। उसावां में निर्दलीय प्रत्याशी प्रियंका सिंह ने भाजपा के धीरेंद्र पाल को हराया। उसहैत में निर्दलीय नवाब हसन ने भाजपा के गौरव को चुनाव हराया। पिछले चुनाव में इनकी पत्नी सेनरा वैश्य ने यहां निर्दलीय चुनाव जीता था और फिर भाजपा में शामिल हो गई थीं।
ककराला नगर पालिका में निर्दलीय इंतखाब अहमद सकलैनी और सखानू में निर्दलीय मोहम्मद फैसल ने जीत हासिल की तो गुलड़िया नगर पंचायत में भाजपा की तारा देवी जीती हैं और दातागंज नगर पालिका सीट पर भाजपा की नैना गुप्ता ने जीत दर्ज की है।
संसदीय क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने जोश और जुनून के साथ प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाया। कुछ भितरघात करने वाले लोग थे। उनकी शिकायतें मिली हैं और उन पर कार्रवाई होगी। हार की समीक्षा करेंगे। - धर्मेंद्र कश्यप, सांसद, आंवला
जल्द हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। - दुर्विजय सिंह शाक्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष, भाजपा
संगठन पूरी योजना व मेहनत के साथ निकाय चुनाव में लगा। जनता का फैसला सर्वोपरि व स्वीकार्य है। - वीर सिंह पाल, जिलाध्यक्ष, आंवला भाजपा