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‘नीलम’ के चक्कर में जांच शुरू हो गई
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 27 Jul 2016 01:12 AM IST
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जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ( अभिहित अधिकारी) ममता कुमारी पर शहर के एक ज्योतिषाचार्य आरोप लगाया है कि उन्होंने एक नग नीलम लिया लेकिन अब भुगतान नहीं कर रही हैं। ढाई महीने तक भुगतान न मिलने पर ज्योतिषाचार्य ने डीएम से शिकायत कर भुगतान कराने की फरियाद की है। ज्योतिषाचार्य ने कहा कि ममता कुमारी ने भुगतान करने के नाम पर घर में बुलाकर उन्हें बेइज्जत भी किया। डीएम ने इस मामले की जांच एडीएम (सिटी) आलोक कुमार को सौंप दी है।
शहर की ज्योतिषाचार्य शिखा गुप्ता ने डीएम से शिकायत में कहा है कि करीब ढाई महीने पहले उनकी मुलाकात खाद्य सुरक्षा अधिकारी ममता कुमारी से हुई थी। उन्होंने अच्छा नीलम रतन उपलब्ध कराने को कहा था। कुछ दिनों के बाद उन्हें नीलम दे दिया था, करीब एक महीने तक उसे परीक्षण के लिए रखने पर सहमति हुई। समय पूरा होने पर उनसे नग के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि नीलम सूट कर रहा है, जल्दी भुगतान कर देंगे। दो - तीन दिन के बाद नीलम की एवज में एक लाख पांच हजार रुपये की रसीद भी दे दी थी। इस राशि के लिए वह डेढ़ महीने से आश्वासन देती रहीं हैं। उस दौरान उनसे यह भी कहा कि आपको नीलम नहीं लेना है तो वापस कर दें। ज्यादा कहा तो पिछले सप्ताह उन्होंने भुगतान के लिए घर बुलाया और कहा कि कुछ और बात करनी है। घर पहुंची तो कुछ देर तक तो ठीक से बात की लेकिन बाद में भुगतान करने को कहा तो उन्होंने और उनके भाई ने बेइज्जत किया तथा देख लेने की धमकी दी।
‘ परीक्षण के लिए नीलम लिया था लेकिन वह नकली है, बिल में भी हेरा फेरी की गई है। वापस करने की बात हुई थी। अब यह प्रकरण लिखा पढ़ी में आ गया है तो नियमानुसार लिखित में ही वापस करूंगी।’ ममता कुमारी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी (अभिहित अधिकारी)
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‘ढाई महीने पहले नीलम दिया था, एक महीने परीक्षण के लिए तय हुआ था। डेढ़ महीने से भुगतान मांग रहीं हूं लेकिन वह टालमटोल कर रही हैं। पिछले सप्ताह तो घर बुलाकर बुरा बर्ताव किया। मैं तो अब भी कह रहीं हूं कि आपको नग पसंद नहीं है तो वापस कर दें लेकिन वह पैसे भी नहीं दे रहीं हैं और नीलम भी वापस नहीं कर रहीं हैं। शिखा गुप्ता, ज्योतिषाचार्य’
‘डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश किए है। यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट को तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भेज दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट अपने स्तर से अभिहीत अधिकारी और आरोपी से जानकारी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उसी के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।’ आलोक कुमार, एडीएम सिटी
शहर की ज्योतिषाचार्य शिखा गुप्ता ने डीएम से शिकायत में कहा है कि करीब ढाई महीने पहले उनकी मुलाकात खाद्य सुरक्षा अधिकारी ममता कुमारी से हुई थी। उन्होंने अच्छा नीलम रतन उपलब्ध कराने को कहा था। कुछ दिनों के बाद उन्हें नीलम दे दिया था, करीब एक महीने तक उसे परीक्षण के लिए रखने पर सहमति हुई। समय पूरा होने पर उनसे नग के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि नीलम सूट कर रहा है, जल्दी भुगतान कर देंगे। दो - तीन दिन के बाद नीलम की एवज में एक लाख पांच हजार रुपये की रसीद भी दे दी थी। इस राशि के लिए वह डेढ़ महीने से आश्वासन देती रहीं हैं। उस दौरान उनसे यह भी कहा कि आपको नीलम नहीं लेना है तो वापस कर दें। ज्यादा कहा तो पिछले सप्ताह उन्होंने भुगतान के लिए घर बुलाया और कहा कि कुछ और बात करनी है। घर पहुंची तो कुछ देर तक तो ठीक से बात की लेकिन बाद में भुगतान करने को कहा तो उन्होंने और उनके भाई ने बेइज्जत किया तथा देख लेने की धमकी दी।
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‘ परीक्षण के लिए नीलम लिया था लेकिन वह नकली है, बिल में भी हेरा फेरी की गई है। वापस करने की बात हुई थी। अब यह प्रकरण लिखा पढ़ी में आ गया है तो नियमानुसार लिखित में ही वापस करूंगी।’ ममता कुमारी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी (अभिहित अधिकारी)
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‘ढाई महीने पहले नीलम दिया था, एक महीने परीक्षण के लिए तय हुआ था। डेढ़ महीने से भुगतान मांग रहीं हूं लेकिन वह टालमटोल कर रही हैं। पिछले सप्ताह तो घर बुलाकर बुरा बर्ताव किया। मैं तो अब भी कह रहीं हूं कि आपको नग पसंद नहीं है तो वापस कर दें लेकिन वह पैसे भी नहीं दे रहीं हैं और नीलम भी वापस नहीं कर रहीं हैं। शिखा गुप्ता, ज्योतिषाचार्य’
‘डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश किए है। यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट को तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भेज दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट अपने स्तर से अभिहीत अधिकारी और आरोपी से जानकारी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उसी के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।’ आलोक कुमार, एडीएम सिटी