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मां तुझे प्रणाम: बरेली में पुलिसकर्मियों के शौर्य का सम्मान, वीरांगनाओं का अभिनंदन; देखिए तस्वीरें
Sat, 12 Aug 2023 12:43 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 12 Aug 2023 12:43 PM IST
सार
अमर उजाला की ओर से अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के तहत पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जांबाजों को सम्मानित किया गया। देश की सीमा की रक्षा के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं को नमन कर उन्हें सम्मानित किया गया।
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पुलिसकर्मियों को किया गया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला की ओर से अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के तहत पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जांबाजों को सम्मानित किया गया। देश की सीमा की रक्षा के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं को नमन कर उन्हें सम्मानित किया गया।
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रेडिसन होटल के हॉल में शुक्रवार को आयोजित हुए शौर्य सम्मान में मुख्य अतिथि आईजी डॉ. राकेश सिंह, विशिष्ट अतिथि एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान, अमरत्व कंपनी के चेयरमैन निहाल सिंह, बांबे होजरी से गीत सेठी, राजश्री ग्रुप के चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल, फनसिटी से अमिता अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद जांबाजों को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान व अन्य अतिथिगण
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मुख्य अतिथि आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि अपराधी प्रवृत्ति के लोग भी हमारे समाज से ही होते हैं। पुलिस का काम उन्हें तलाश कर अपराध को खत्म करना है। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने कहा कि पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। हम आपके मित्र हैं। अपराधियों के लिए कठोर तो आम जनमानस के लिए मृदुल हैं। इस सम्मान के बाद जिले के पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे बेहतर से बेहतर काम करें।
सेल्फी लेतीं महिला पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर हिमांशु निगम (बारादरी थाना प्रभारी) : इनके कार्यकाल में बरेली कोतवाली को साल 2022 में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त मिला था। जनता के साथ बेहतर तालमेल और सौम्य व्यवहार के लिए उन्हें जाना जाता है।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार शर्मा (एसओजी प्रभारी) : जिले में थानों की पुलिस के साथ अपराध और अपराधियों के खात्मे में सुनील कुमार शर्मा की भूमिका सराही जाती है।
इंस्पेक्टर बलवीर सिंह (कैंट थाना प्रभारी) : इन्हें जनता से जुड़ाव और बातचीत से समस्याओं के निस्तारण के लिए जाना जाता है। भूमाफिया की 1.54 अरब से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की है।
आरक्षी कीर्ति शर्मा (थाना सीबीगंज)- कीर्ति शर्मा महिला संबंधी अपराधों में प्राथमिकता से कार्रवाई व निस्तारण कराने में उच्चाधिकारियों की मदद करती हैं। एक किशोरी से दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट के एक मामले में विशेष पैरवी से आरोपी को 25 साल की सजा हुई।
आरक्षी विशाल शर्मा (थाना कैंट) व मुख्य आरक्षी सत्येंद्र (अभियोजन कार्यालय) : कोर्ट में पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाने के लिए जाने जाते हैं।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार शर्मा (एसओजी प्रभारी) : जिले में थानों की पुलिस के साथ अपराध और अपराधियों के खात्मे में सुनील कुमार शर्मा की भूमिका सराही जाती है।
इंस्पेक्टर बलवीर सिंह (कैंट थाना प्रभारी) : इन्हें जनता से जुड़ाव और बातचीत से समस्याओं के निस्तारण के लिए जाना जाता है। भूमाफिया की 1.54 अरब से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की है।
आरक्षी कीर्ति शर्मा (थाना सीबीगंज)- कीर्ति शर्मा महिला संबंधी अपराधों में प्राथमिकता से कार्रवाई व निस्तारण कराने में उच्चाधिकारियों की मदद करती हैं। एक किशोरी से दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट के एक मामले में विशेष पैरवी से आरोपी को 25 साल की सजा हुई।
आरक्षी विशाल शर्मा (थाना कैंट) व मुख्य आरक्षी सत्येंद्र (अभियोजन कार्यालय) : कोर्ट में पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाने के लिए जाने जाते हैं।
शौर्य सम्मान कार्यक्रम में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
आरक्षी चंचल शर्मा (थाना फरीदपुर) : इनकी पैरवी की वजह से शस्त्र अधिनियम की धारा के आरोपी महेश को दो साल कैद और जुर्माने की सजा फरीदपुर कोर्ट ने सुनाई है।
उप निरीक्षक रामरतन सिंह व मुख्य आरक्षी रिंकू सिंह (सेटेलाइट चौकी, बारादरी थाना) : 19 जुलाई को सेटेलाइट बस स्टैंड पर एक बुजुर्ग को हार्टअटैक आया था। तब ड्यूटी पर मौजूद इन दोनों लोगों ने उन्हें न केवल बचाया, बल्कि नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर उनके जीवन की रक्षा की।
आरक्षी शुभम कुमार (थाना बारादरी) : वह उच्चाधिकारियों द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाओं को कुछ ही समय में तैयार करके भेजते हैं। इसके लिए विभाग से पुरस्कृत हो चुके हैं।
इंस्पेक्टर शीतांशु शर्मा (थाना प्रभारी बिशारतगंज) : पुलिस विभाग में निर्माण कार्यों के लिए उन्हें जाना जाता है। बारादरी व बिथरी थाने के नए सिरे से निर्माण व प्रेमनगर थाने की तीन चौकियों का निर्माण उन्हीं के थाना प्रभारी रहते हुआ। सीबीआई में दस साल के कार्यकाल में गुणवत्तापूर्ण विवेचनाओं के लिए उन्हें विशेष सेवा पदक मिल चुका है।
वरिष्ठ उप निरीक्षक सतीश कुमार (बिथरी चैनपुर थाना) : कानून व्यवस्था का बेहतर तरीके से अनुपालन कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान मिला चुका है।
उप निरीक्षक रामरतन सिंह व मुख्य आरक्षी रिंकू सिंह (सेटेलाइट चौकी, बारादरी थाना) : 19 जुलाई को सेटेलाइट बस स्टैंड पर एक बुजुर्ग को हार्टअटैक आया था। तब ड्यूटी पर मौजूद इन दोनों लोगों ने उन्हें न केवल बचाया, बल्कि नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर उनके जीवन की रक्षा की।
आरक्षी शुभम कुमार (थाना बारादरी) : वह उच्चाधिकारियों द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाओं को कुछ ही समय में तैयार करके भेजते हैं। इसके लिए विभाग से पुरस्कृत हो चुके हैं।
इंस्पेक्टर शीतांशु शर्मा (थाना प्रभारी बिशारतगंज) : पुलिस विभाग में निर्माण कार्यों के लिए उन्हें जाना जाता है। बारादरी व बिथरी थाने के नए सिरे से निर्माण व प्रेमनगर थाने की तीन चौकियों का निर्माण उन्हीं के थाना प्रभारी रहते हुआ। सीबीआई में दस साल के कार्यकाल में गुणवत्तापूर्ण विवेचनाओं के लिए उन्हें विशेष सेवा पदक मिल चुका है।
वरिष्ठ उप निरीक्षक सतीश कुमार (बिथरी चैनपुर थाना) : कानून व्यवस्था का बेहतर तरीके से अनुपालन कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान मिला चुका है।
इंस्पेक्टर राहुल सिंह (रीडर, आईजी कार्यालय) : उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन करना, टीम भावना से कार्य कराना और मांगी जाने वाली सूचनाओं को समय से तैयार कराकर संबंधित को प्रेषित कराते हैं।
उपनिरीक्षक, सत्यवीर सिंह (आईजी कार्यालय) : कानून व्यवस्था से संबंधित आदेश, निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए जाने जाते हैं।
मुख्य आरक्षी लोकेश कुमार (आईजी कार्यालय) : आदेश-निर्देशों का पालन करना व उच्चाधिकारियों की ओर से मांगी जाने वाली सूचनाओं को समय से प्रेषित करना इनकी प्राथमिकता है।
मुख्य आरक्षी, रश्मि चौधरी (आईजी कार्यालय) : जनता के साथ मधुर व्यवहार रखना, समस्याओं का निस्तारण उनकी प्राथमिकता रहती है।
कंप्यूटर ऑपरेटर, ध्रुव कुमार (आईजी कार्यालय) : अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना व बरेली रेंज के चारों जनपदों के थानों में कंप्यूटर ऑपरेटरों से समन्वय स्थापित कर कामकाज बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है।
उप निरीक्षक अमित कुमार (साइबर थाना) : कर्मठता के लिए जाने जाते हैं। वह ठगी के मामलों में दूसरे प्रदेशों में जाकर साइबर अपराधियों की छानबीन कर लोगों की रकम को वापस कराने का काम कर रहे हैं।
उपनिरीक्षक, सत्यवीर सिंह (आईजी कार्यालय) : कानून व्यवस्था से संबंधित आदेश, निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए जाने जाते हैं।
मुख्य आरक्षी लोकेश कुमार (आईजी कार्यालय) : आदेश-निर्देशों का पालन करना व उच्चाधिकारियों की ओर से मांगी जाने वाली सूचनाओं को समय से प्रेषित करना इनकी प्राथमिकता है।
मुख्य आरक्षी, रश्मि चौधरी (आईजी कार्यालय) : जनता के साथ मधुर व्यवहार रखना, समस्याओं का निस्तारण उनकी प्राथमिकता रहती है।
कंप्यूटर ऑपरेटर, ध्रुव कुमार (आईजी कार्यालय) : अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना व बरेली रेंज के चारों जनपदों के थानों में कंप्यूटर ऑपरेटरों से समन्वय स्थापित कर कामकाज बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है।
उप निरीक्षक अमित कुमार (साइबर थाना) : कर्मठता के लिए जाने जाते हैं। वह ठगी के मामलों में दूसरे प्रदेशों में जाकर साइबर अपराधियों की छानबीन कर लोगों की रकम को वापस कराने का काम कर रहे हैं।
कांस्टेबल आशा यादव (आरपीएफ) : खुद की जान खतरे में डालकर ट्रेन से गिरती हुई महिला को बचाया। इसके लिए विभाग की ओर से भी इन्हें सम्मानित किया गया था।
हेड कांस्टेबल चरन सिंह (जीआरपी) : एक महिला और बच्चा चलती गाड़ी से प्लेटफार्म पर गिर गए और ट्रैक पर जाने लगे। जान की बाजी लगाकर दोनों को खींच लिया।
इंस्पेक्टर अजीत प्रताप सिंह (जीआरपी) : चोरी के मामलों के खुलासे किए। 250 से अधिक चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कराए।
ऊषारानी (वीरागंना) : लांस नायक दीन दयाल श्रीनगर में तैनात थे। आतंकवादियों की ओर से बम फेंका गया तो इनकी गाड़ी खाई में गिर गई और शहीद हो गए।
सुहागा देवी (वीरागंना) : ऑपरेशन पराक्रम के दौरान सेना के गोला-बारूद ले जाते हुए इनके पति नायक कप्तान सिंह दुर्घटना में शहीद हो गए थे।
हेड कांस्टेबल चरन सिंह (जीआरपी) : एक महिला और बच्चा चलती गाड़ी से प्लेटफार्म पर गिर गए और ट्रैक पर जाने लगे। जान की बाजी लगाकर दोनों को खींच लिया।
इंस्पेक्टर अजीत प्रताप सिंह (जीआरपी) : चोरी के मामलों के खुलासे किए। 250 से अधिक चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कराए।
इन वीरागंनाओं का हुआ सम्मान
लीलावती (वीरागंना) : नायक राम सहाय मिश्रा 28 दिसंबर 2001 को ऑपरेशन पराक्रम में बारूदी सुरंग बिछा रहे थे। वहां से निकलते समय धमाका होने से 25 जवान शहीद हो गए थे। इसमें राम सहाय मिश्रा भी थे।ऊषारानी (वीरागंना) : लांस नायक दीन दयाल श्रीनगर में तैनात थे। आतंकवादियों की ओर से बम फेंका गया तो इनकी गाड़ी खाई में गिर गई और शहीद हो गए।
सुहागा देवी (वीरागंना) : ऑपरेशन पराक्रम के दौरान सेना के गोला-बारूद ले जाते हुए इनके पति नायक कप्तान सिंह दुर्घटना में शहीद हो गए थे।