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Bareilly News: बीएड, एमएड और बीएलएड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में धांधली का आरोप
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सत्र 2024-25 की बीएड, एमएड और बीएलएड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिकायत परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार से की गई है। आरोप है कि विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षक नियुक्त करने में नियमों की घोर अनदेखी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और शुचिता पर सवाल उठ रहे हैं।
बीएड, एमएड बोर्ड ऑफ स्टडीज के समन्वयक प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह के अनुसार, फार्मेसी विभाग (स्ववित्तपोषित) के सहायक प्रोफेसर को परीक्षक नियुक्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। आरोप है कि वे अपनी नियुक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं और वरिष्ठता तथा योग्यता को दरकिनार करते हुए अपने परिचित और नजदीकी शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर परीक्षक नियुक्त कर रहे हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वह वरिष्ठ शिक्षकों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और कॉलेज शिक्षकों के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं। इस प्रकार की मनमानी से न केवल परीक्षा की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि योग्य और अनुभवी शिक्षकों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
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इस पूरे प्रकरण को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल और न्यायोचित कार्यवाही सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्रयोगात्मक परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा बनी रहे। संवाद
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बीएड, एमएड बोर्ड ऑफ स्टडीज के समन्वयक प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह के अनुसार, फार्मेसी विभाग (स्ववित्तपोषित) के सहायक प्रोफेसर को परीक्षक नियुक्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। आरोप है कि वे अपनी नियुक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं और वरिष्ठता तथा योग्यता को दरकिनार करते हुए अपने परिचित और नजदीकी शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर परीक्षक नियुक्त कर रहे हैं।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि वह वरिष्ठ शिक्षकों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और कॉलेज शिक्षकों के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं। इस प्रकार की मनमानी से न केवल परीक्षा की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि योग्य और अनुभवी शिक्षकों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
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इस पूरे प्रकरण को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल और न्यायोचित कार्यवाही सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्रयोगात्मक परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा बनी रहे। संवाद