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Bareilly News: आय प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर पांच हजार रुपये मांगने का आरोप
Fri, 09 Feb 2024 04:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 09 Feb 2024 04:46 AM IST
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नवाबगंज। ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनाने के लिए हल्का लेखपाल ने ग्रामीण से पांच हजार रुपये की मांग लिए। जब ग्रामीण ने रुपये देने से मना किया तो उसे डराया-धमकाया जाने लगा। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है।
मोहल्ला नया अस्पताल निवासी अनेंद्र पाल सिंह ने अपने पुत्र के लिए ईडब्ल्यूएस आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ ही उसने पूर्व में जारी किया गया ईडब्ल्यूडी आय प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी भी संलग्न की थी। आरोप है कि इसके बाद भी हल्का लेखपाल गौरव कुमार ने उससे पांच हजार रुपये मांगे। सुविधा शुल्क देने से इन्कार करने पर लेखपाल ने उसके आवेदन में कई कमियां निकाल दीं। आरोप है कि इससे पहले भी उसने लेखपाल की शिकायत की थी। इसकी जांच की जिम्मेदारी अधिकारियों ने आरोपी लेखपाल को ही दे दी।
आरोपी लेखपाल गौरव कुमार ने बताया कि ईडब्ल्यूडीएस आय प्रमाणपत्र के लिए नगर में 100 वर्ग गज से अधिक का मकान या प्लाट नहीं होना चाहिए, लेकिन अनेंद्र पाल के पास कस्बे में 379 वर्ग गज में मकान और 200 वर्ग गज का प्लॉट है। साथ ही गांव बबूरी में संपत्ति है। इस वजह से प्रमाणपत्र नहीं बन सकता है। सुविधा शुल्क मांगने का आरोप निराधार है।
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मोहल्ला नया अस्पताल निवासी अनेंद्र पाल सिंह ने अपने पुत्र के लिए ईडब्ल्यूएस आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ ही उसने पूर्व में जारी किया गया ईडब्ल्यूडी आय प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी भी संलग्न की थी। आरोप है कि इसके बाद भी हल्का लेखपाल गौरव कुमार ने उससे पांच हजार रुपये मांगे। सुविधा शुल्क देने से इन्कार करने पर लेखपाल ने उसके आवेदन में कई कमियां निकाल दीं। आरोप है कि इससे पहले भी उसने लेखपाल की शिकायत की थी। इसकी जांच की जिम्मेदारी अधिकारियों ने आरोपी लेखपाल को ही दे दी।
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आरोपी लेखपाल गौरव कुमार ने बताया कि ईडब्ल्यूडीएस आय प्रमाणपत्र के लिए नगर में 100 वर्ग गज से अधिक का मकान या प्लाट नहीं होना चाहिए, लेकिन अनेंद्र पाल के पास कस्बे में 379 वर्ग गज में मकान और 200 वर्ग गज का प्लॉट है। साथ ही गांव बबूरी में संपत्ति है। इस वजह से प्रमाणपत्र नहीं बन सकता है। सुविधा शुल्क मांगने का आरोप निराधार है।
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