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एनओसी के मसले पर राहत देने के मूड में नहीं वायुसेना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:38 AM IST
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त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के चार किलोमीटर के दायरे में किसी भी निर्माण से एनओसी लेने की बाध्यता पर वायुसेना शहरवासियों को फिलहाल सीधे-सीधे कोई राहत देने के मू़ड में नहीं है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एमबी रानाडे वायुसेना मेडल ने इसे सुरक्षा से जुड़ा मसला बताते हुए कहा कि एयरबेस के आसपास निर्माण को लेकर वायुसेना की कई चिंताएं हैं, जिनका हल जिला प्रशासन के साथ बातचीत से ही ढूंढा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पत्राचार करे तो इस मामले में विचार किया जा सकता है।
एयरफोर्स स्टेशन पर ही मीडिया से रूबरू हुए एयर ऑफिसर कमांडिंग एमबी रानाडे ने कहा कि अवैध बूचड़खानों पर सख्ती के बाद वायुसेना के विमानों के लिए बर्ड हिट का खतरा कम हुआ है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट हालांकि बंद हो चुका है, लेकिन फिर भी अवैध पशु कटान पर सख्ती होने से इसमें मदद मिली है। वायुसेना के लोग हर तीन महीने में आसपास के इलाकों में बैठक कर लोगों जागरूक भी कर रहे हैं। लोगों को बताते हैं कि विमानों को बर्ड हिट से बचाने के लिए कूड़ा और मरे जानवरों का निस्तारण कैसे करें। महीना भर पहले जिला प्रशासन के साथ बैठक कर सॉलिड वेस्ट प्लांट शुरू कराने को भी कहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया कर्मियों को वायुसेना के इतिहास पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
सिविल उड़ानों के लिए वायुसेना की पट्टी इस्तेमाल करने में दिक्कत नहीं
सिविल उड़ानों के लिए वायुसेना की पट्टी इस्तेमाल करने में किसी खतरे की संभावना से इंकार करते हुए एयर कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि यह सब वायुसेना मुख्यालय और सिविल एविएशन के बीच तय हो चुका है। देश में कई जगह ऐसा किया जा रहा है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। डोकलाम विवाद पर कुछ भी स्पष्ट न बोलते हुए एमबी रानाडे ने कहा कि वहां सरकार और सेना की रणनीति से सफलता हासिल हुई।
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एयरफोर्स स्टेशन के आसपास न बजाए जाएं लाउडस्पीकर
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों एयरफोर्स ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर आसपास के इलाकों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने से परेशानी होने की समस्या बताई थी। अब काफी हद तक राहत मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि वायुसेना के जवानों की नींद पूरी होना जरूरी है, अगर उनकी नींद पूरी नहीं होती है तो हम उन्हें उड़ान से रोक देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय वायुसेना को अगले साल 36 राफेल विमान भी मिल जाएंगे। इस अवसर पर पीआरओ डिफेंस गार्गी मलिक सिन्हा और एयरफोर्स की पीआरओ रीना समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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एयरफोर्स स्टेशन पर ही मीडिया से रूबरू हुए एयर ऑफिसर कमांडिंग एमबी रानाडे ने कहा कि अवैध बूचड़खानों पर सख्ती के बाद वायुसेना के विमानों के लिए बर्ड हिट का खतरा कम हुआ है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट हालांकि बंद हो चुका है, लेकिन फिर भी अवैध पशु कटान पर सख्ती होने से इसमें मदद मिली है। वायुसेना के लोग हर तीन महीने में आसपास के इलाकों में बैठक कर लोगों जागरूक भी कर रहे हैं। लोगों को बताते हैं कि विमानों को बर्ड हिट से बचाने के लिए कूड़ा और मरे जानवरों का निस्तारण कैसे करें। महीना भर पहले जिला प्रशासन के साथ बैठक कर सॉलिड वेस्ट प्लांट शुरू कराने को भी कहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया कर्मियों को वायुसेना के इतिहास पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
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सिविल उड़ानों के लिए वायुसेना की पट्टी इस्तेमाल करने में दिक्कत नहीं
सिविल उड़ानों के लिए वायुसेना की पट्टी इस्तेमाल करने में किसी खतरे की संभावना से इंकार करते हुए एयर कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि यह सब वायुसेना मुख्यालय और सिविल एविएशन के बीच तय हो चुका है। देश में कई जगह ऐसा किया जा रहा है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। डोकलाम विवाद पर कुछ भी स्पष्ट न बोलते हुए एमबी रानाडे ने कहा कि वहां सरकार और सेना की रणनीति से सफलता हासिल हुई।
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एयरफोर्स स्टेशन के आसपास न बजाए जाएं लाउडस्पीकर
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों एयरफोर्स ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर आसपास के इलाकों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने से परेशानी होने की समस्या बताई थी। अब काफी हद तक राहत मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि वायुसेना के जवानों की नींद पूरी होना जरूरी है, अगर उनकी नींद पूरी नहीं होती है तो हम उन्हें उड़ान से रोक देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय वायुसेना को अगले साल 36 राफेल विमान भी मिल जाएंगे। इस अवसर पर पीआरओ डिफेंस गार्गी मलिक सिन्हा और एयरफोर्स की पीआरओ रीना समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।