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Bareilly News: शुल्क वसूली में आगे, पुस्तकालय में धूल फांक रहीं किताबें
Wed, 03 Jan 2024 12:57 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 03 Jan 2024 12:57 AM IST
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बरेली। बरेली कॉलेज में छात्रों के लिए पुस्तकालय तो है पर एक साल से किताबें नहीं खरीदी गईं हैं। यहां कुर्सियां बैठने लायक नहीं बची हैं। खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं। रैक में किताबें धूल फांक रही हैं। यह हाल तब है, जबकि प्रवेश के समय ही हर विद्यार्थी से कॉलेज 15 रुपये पुस्तकालय शुल्क वसूलता है। नए पाठ्यक्रम के अनुरूप किताबों का न होना भी छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
कॉलेज के केंद्रीय पुस्तकालय के हॉल में 200 से अधिक छात्रों के बैठने की क्षमता है पर इसकी अधिकतर कुर्सियां खराब हो चुकी हैं। पास में ही कबाड़ रखा हुआ है। हॉल में बने वॉशरूम से पूरे दिन दुर्गंध आती रहती है। इस वजह से विद्यार्थी यहां आने से भी कतराते हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि मरम्मत के लिए विभाग की ओर से पत्र दिया जा चुका है। कॉलेज की ओर से पुराना भुगतान क्लीयर नहीं होने से नए पाठ्यक्रम से संबंधित किताबें नहीं आ पा रही हैं। इसके पीछे जिम्मेदारों का तर्क है कि नई शिक्षा नीति के तहत पुराने पाठ्यक्रम को ही दो हिस्सों में बांटा गया है। ऐसे में जो छात्र पुस्तकालय में आते हैं, उन्हें पुरानी किताबें दे दी जाती हैं। नई शिक्षा नीति से जुड़ी कई किताबें अब तक लिखी ही नहीं गई हैं।
कॉलेज के पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति की किताबें उपलब्ध न होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसे दिखवाया जाएगा। -प्रो. ओपी राय, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
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कॉलेज के केंद्रीय पुस्तकालय के हॉल में 200 से अधिक छात्रों के बैठने की क्षमता है पर इसकी अधिकतर कुर्सियां खराब हो चुकी हैं। पास में ही कबाड़ रखा हुआ है। हॉल में बने वॉशरूम से पूरे दिन दुर्गंध आती रहती है। इस वजह से विद्यार्थी यहां आने से भी कतराते हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि मरम्मत के लिए विभाग की ओर से पत्र दिया जा चुका है। कॉलेज की ओर से पुराना भुगतान क्लीयर नहीं होने से नए पाठ्यक्रम से संबंधित किताबें नहीं आ पा रही हैं। इसके पीछे जिम्मेदारों का तर्क है कि नई शिक्षा नीति के तहत पुराने पाठ्यक्रम को ही दो हिस्सों में बांटा गया है। ऐसे में जो छात्र पुस्तकालय में आते हैं, उन्हें पुरानी किताबें दे दी जाती हैं। नई शिक्षा नीति से जुड़ी कई किताबें अब तक लिखी ही नहीं गई हैं।
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कॉलेज के पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति की किताबें उपलब्ध न होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसे दिखवाया जाएगा। -प्रो. ओपी राय, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
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