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Bareilly News: डिफेंस टेक्नोलॉजी की पढ़ाई के लिए डीआरडीओ से करार
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय और डीआरडीओ के मध्य एमटेक इन डिफेंस टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए बृहस्पतिवार को एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस एमओयू के बाद अब अगले शैक्षिक सत्र से विश्वविद्यालय रेगुलर एमटेक इन डिफेंस टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू करेगा।
कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि नए पाठ्यक्रम के जरिए युवा शक्ति डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञान अर्जित कर कॅरिअर बना सकेंगे। आने वाले सालों में इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। लिहाजा, एआईसीटीई एवं डीआरडीओ की ओर से इस पाठ्यक्रम को शुरू किया गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस साइंटिस्ट एवं टेक्नोलॉजिस्ट (आईडीएसटी) कार्यक्रम के संचालन के लिए विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों की सहायता करेगा। इससे विद्यार्थियों को डीआरडीओ की प्रयोगशाला और डिफेंस क्षेत्र की दूसरी बड़ी कंपनियों में प्रोजेक्ट कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। डीआरडीओ के वैज्ञानिक एवम भूतपूर्व एसोसिएट डायरेक्टर डाॅ. आरपी. सिंह ने कोर्स के बारे में चर्चा की।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने ऑनलाइन माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान कोर्स कोऑर्डिनेटर डाॅ. टीयू सिद्दीकी, प्रो. एसके. पांडे, प्रो. शोभना सिंह, प्रो. संजय मिश्रा, डाॅ. आलोक श्रीवास्तव, डाॅ. ओपी उपाध्याय, डाॅ. यतिंदर कुमार आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि नए पाठ्यक्रम के जरिए युवा शक्ति डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञान अर्जित कर कॅरिअर बना सकेंगे। आने वाले सालों में इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। लिहाजा, एआईसीटीई एवं डीआरडीओ की ओर से इस पाठ्यक्रम को शुरू किया गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस साइंटिस्ट एवं टेक्नोलॉजिस्ट (आईडीएसटी) कार्यक्रम के संचालन के लिए विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों की सहायता करेगा। इससे विद्यार्थियों को डीआरडीओ की प्रयोगशाला और डिफेंस क्षेत्र की दूसरी बड़ी कंपनियों में प्रोजेक्ट कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। डीआरडीओ के वैज्ञानिक एवम भूतपूर्व एसोसिएट डायरेक्टर डाॅ. आरपी. सिंह ने कोर्स के बारे में चर्चा की।
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कुलपति प्रो. केपी सिंह ने ऑनलाइन माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान कोर्स कोऑर्डिनेटर डाॅ. टीयू सिद्दीकी, प्रो. एसके. पांडे, प्रो. शोभना सिंह, प्रो. संजय मिश्रा, डाॅ. आलोक श्रीवास्तव, डाॅ. ओपी उपाध्याय, डाॅ. यतिंदर कुमार आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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