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बड़े इंतजार के बाद आई सर्दी
बरेली
Updated Sun, 17 Jan 2016 02:02 AM IST
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बरेली। हवा के रुख में बदलाव से अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। पहाड़ से चलकर आने वाली सर्द हवाओं ने ठंड बढ़ा दी और पारा गिरने से लोग ठिठुरने लगे। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस कम हो गया। मौसम विभाग ने शनिवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। एक दिन पहले यह 10 और 22 डिग्री सेल्सियस था।
सर्द हवाएं दो दिन से चलने लगीं लेकिन शनिवार को आसमान में बादल भी छाने से सूरज नहीं निकला और दिन को भी ठिठुरन बढ़ गई। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर कम हुआ स्थिति यह थी कि सुबह लोग घर से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। दोपहर को सूरज ने बादलों को भेदकर निकलने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। नतीजतन, शाम होते होते पारा और नीचे आ गया। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आसमान में बादल नहीं छाए हैं बल्कि यह कोहरे की परत है। पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभपंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय में मौसम विज्ञानी डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि तीन दिन पहले जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी होने के बाद वहां से चलीं ठंडी हवाओं की वजह से मौसम में यह बदलाव हुआ है। ये हवाएं मैदानी क्षेत्र में आने से यहां आसमान में कोहरे की परत जम गई है। इससे सूर्य के दर्शन नहीं हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। 20 जनवरी तक बारिश की संभावना नहीं है। डॉ. कुशवाहा ने कहा कि मौसम का यह बदलाव खेती के लिए लाभदायक है।
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सर्द हवाएं दो दिन से चलने लगीं लेकिन शनिवार को आसमान में बादल भी छाने से सूरज नहीं निकला और दिन को भी ठिठुरन बढ़ गई। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर कम हुआ स्थिति यह थी कि सुबह लोग घर से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। दोपहर को सूरज ने बादलों को भेदकर निकलने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। नतीजतन, शाम होते होते पारा और नीचे आ गया। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आसमान में बादल नहीं छाए हैं बल्कि यह कोहरे की परत है। पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभपंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय में मौसम विज्ञानी डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि तीन दिन पहले जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी होने के बाद वहां से चलीं ठंडी हवाओं की वजह से मौसम में यह बदलाव हुआ है। ये हवाएं मैदानी क्षेत्र में आने से यहां आसमान में कोहरे की परत जम गई है। इससे सूर्य के दर्शन नहीं हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। 20 जनवरी तक बारिश की संभावना नहीं है। डॉ. कुशवाहा ने कहा कि मौसम का यह बदलाव खेती के लिए लाभदायक है।
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