Bareilly News: उर्स-ए-ताजुश्शरिया के बाद जायरीन की रवानगी, दरगाह पर लगाई हाजिरी
बरेली में दो रोजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया शनिवार को कुल शरीफ के बाद संपन्न हो गया, जिसके बाद देश-दुनिया से आए जायरीन की वापसी शुरू हुई और रविवार को भी जारी रही। रवाना होने से पहले जायरीन ने दरगाह पर हाजिरी लगाई।
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दो रोजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शिरकत के लिए देश-दुनिया से बड़ी संख्या में जायरीन व मशहूर उलमा इकराम बरेली पहुंचे थे। कुल शरीफ के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में जायरीन घर वापसी के लिए रवाना होने लगे थे। जायरीन वापसी का यह सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। दरगाह शरीफ पर रविवार को सुबह से ही जायरीन का मजमा देखने को मिला। तमाम लोग ताजुश्शरिया की मजार शरीफ के साथ ही आला हजरत, मुफ्ती आजम हिंद सहित तमाम बुजुर्गों की मजार पर भी हाजिरी देते रहे। कोई फूल हार पेश करता तो कोई चादर पेश करता नजर आया। मजार पर हाथ फैलाए मन्नतों मुराद मांगते और आंखों में नमी लिए सलामी देकर रवाना होते रहे।
उर्स प्रभारी सलमान हसन खान ने बताया कि अपनी वापसी से पहले जायरीन सज्जादानशीन काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा कादरी (असजद मियां) से इजाजत लेकर रवाना हुए। इस बीच बड़ी तादाद में तमाम लोग असजद मियां से मुरीद भी हुए और सिलसिला-ए-आलिया कादरिया रजविया शामिल हुए। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने बताया कि अगले साल उर्स में फिर शिरकत करने पहुंचगे, इस उम्मीद सेस लोग रवाना होते रहे। अभी भी काफी मुरीद दरगाह व जामियातुर्रजा में ठहरे हुए हैं।
उर्स में सहयोग के लिए अदा किया शुक्रिया
उर्स की कामयाबी और अमन-ओ-सुकून के साथ संपन्न होने पर दोनों ही ओहदेदारान ने उर्स में खिदमत करने वाले सभी जमात रजा मुस्तफा की ब्रांचों, रजाकारों, लंगर व सबील लगाने वालों सहित शासन व पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए सभी अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया।
इनका रहा विशेष सहयोग
उर्स में जमात की ब्रांच धनतिया, फतेहगंज पूर्वी व पश्चिमी, बानखाना, कैंट, कांधरपुर, खैलम, आंवला, मवई काजियान, शाही, बहेड़ी, शीशगढ, अलीगंज, भगवंतापुर, पूरनपुर, बीसलपुर, मजनूपुर, बहेड़ी, महेशपुर,अटरिया, तिलियापुर, करगना, बिचपुरी व जमात रज़ा ए मुस्तफा के सेक्टर प्रभारी व लंगर कमेटी आदि लोगों का विशेष सहयोग रहे। उर्स की व्यवस्था मोईन खान, अब्दुल्ला रजा खान, डा. मेंहदी हसन, हाफिज इकराम, शमीम अहमद, समरान खान, मौलाना शम्स,कौसर अली, शाईबउद्दीन रजवी, मोहम्मद जुनैद रजा, रहबर रजा, अली रजा, शाहबाज खान आदि ने संभाली।