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Bareilly News: पुलिस पूछताछ के 22 दिन बाद अकाउंटेंट की हार्टअटैक से मौत
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शाहजहांपुर। पुलिस पूछताछ के 22 दिन बाद पीडब्ल्यूडी के अकाउंटेंट की कार्यालय में अचानक तबीयत बिगड़ गई। अधिकारियों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है। परिजनों ने मीडिया से बात करने से इन्कार कर दिया।
बरेली के इज्जतनगर निवासी 58 वर्षीय नीरज कुमार शाहजहांपुर के लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में अकाउंटेंट थे। सदर बाजार पुलिस 24 फरवरी को उन्हें थाने ले गई थी। पुलिस का कहना था कि एक ठेकेदार ने अकाउंटेंट पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था। करीब एक घंटे तक अकाउंटेंट को थाने में रखकर पूछताछ की गई थी। हालांकि, दोनों के बीच समझौता कराने के बाद विभागीय अधिकारी की सुपुर्दगी में उन्हें छोड़ दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार और अकाउंटेंट के बीच भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह छुट्टी पर चले गए। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक, वह नियमित कार्यालय आ रहे थे। शुक्रवार को नीरज अपने दफ्तर में काम कर रहे थे। शाम करीब चार बजे उनकी अचानक हालत बिगड़ गई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद चार-पांच घंटे तक पुलिस को सूचना नहीं दी गई। रात करीब आठ बजे मेडिकल कॉलेज से मेमो भेजा गया, जिसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
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अकाउंटेंट नीरज कुमार लगातार कार्यालय आ रहे थे। विवाद वाली बात गलत है। कार्यालय में काम करते समय अचानक उनकी हालत बिगड़ गई थी। वह पहले से ही दिल के मरीज थे। - महेंद्र पाल, एक्सईएन, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग
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बरेली के इज्जतनगर निवासी 58 वर्षीय नीरज कुमार शाहजहांपुर के लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में अकाउंटेंट थे। सदर बाजार पुलिस 24 फरवरी को उन्हें थाने ले गई थी। पुलिस का कहना था कि एक ठेकेदार ने अकाउंटेंट पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था। करीब एक घंटे तक अकाउंटेंट को थाने में रखकर पूछताछ की गई थी। हालांकि, दोनों के बीच समझौता कराने के बाद विभागीय अधिकारी की सुपुर्दगी में उन्हें छोड़ दिया गया था।
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सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार और अकाउंटेंट के बीच भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह छुट्टी पर चले गए। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक, वह नियमित कार्यालय आ रहे थे। शुक्रवार को नीरज अपने दफ्तर में काम कर रहे थे। शाम करीब चार बजे उनकी अचानक हालत बिगड़ गई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद चार-पांच घंटे तक पुलिस को सूचना नहीं दी गई। रात करीब आठ बजे मेडिकल कॉलेज से मेमो भेजा गया, जिसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
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अकाउंटेंट नीरज कुमार लगातार कार्यालय आ रहे थे। विवाद वाली बात गलत है। कार्यालय में काम करते समय अचानक उनकी हालत बिगड़ गई थी। वह पहले से ही दिल के मरीज थे। - महेंद्र पाल, एक्सईएन, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग