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भरभराकर गिरा लिंटर तो आंखों के सामने नाच गई मौत

Fri, 06 Sep 2019 01:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 01:57 AM IST
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भरभराकर गिरा लिंटर तो आंखों के सामने नाच गई मौत - फोटो : भरभराकर गिरा लिंटर तो आंखों के सामने नाच गई मौत
नवाबगंज। उत्तराखंड के मजदूरों संग हुआ हादसा वाकई खौफनाक था। एकबारगी तो लिंटर की चपेट में आए सभी लोगों की आंखों के सामने मौत नाच गई। अंदर फंसे लोग जान बचने से खुश तो थे पर निकलते वक्त लिंटर के दरकने से दबने के सदमे में सूखे जा रहे थे। जब वे बाहर निकाले गए तो नई जिंदगी का अहसास हुआ। उन्होंने ऊपरवाले का शुक्र अदा किया कि उनकी जान बच गई।
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सितारगंज के पंडरी गांव के आसिफ ने घटनाक्रम के बारे में बताया तो फफक पड़ा। करीब पौन घंटे तक कमरे में झुके हुए लिंटर के नीचे फंसे रहा आसिफ खुद गंभीर घायल था। निजी अस्पताल में ले जाने से पहले उसने बताया कि लिंटर को जैक लगाकर उठा लिया गया था। लिंटर का बैलेंस बिगड़ते ही वह लहराकर गिर पड़ा और जोरदार आवाज हुई। आवाज के साथ ही चारों ओर धुंध ही धुंध छा गई। वह अंदर फंसा था। धूल से उसकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया। चारों ओर चीखने चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। कुछ देर तक समझ नहीं आया कि खुद बचे या अपने साथियों को बचाए। पीठ और पैर में चोट लगने के बाद भी अपने साथी इमरान को मदद की गुहार लगाते देखा तो अपना दर्द कुछ देर को भूल गया। इमरान के सिर और मुंह से खून बहने लगा। वह चीखना चाह रहा था पर बोल नहीं पा रहा था। उसकी आंखें मददगारों को तलाश रही थीं। पहले इमरान और फिर उसे बाहर निकाला गया। पुलिस और एंबुलेंस स्टाफ ने बहुत मदद की।
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मुसीबत में अपने छोड़कर भागे तो गैर बने देवदूत
क्योलड़िया। घटना के वक्त करीब दस बारह मजदूर लिंटर की जद से दूर ईट और सीमेंट ढुलाई का काम कर रहे थे। सितारगंज से इन्हें किराए की गाड़ी से लेकर आया ड्राइवर ग्रामीणों संग दूर पेड़ की छांव में बैठा था। घटना के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर भाग निकला। तब बाहर काम करने वाले मजदूर भी गाड़ी में बैठकर चले गए। वे जैक व लिंटर उठाने के अन्य उपकरण भी साथ ले गए। ऐसा तब हुआ जब इन्हीं के गांव के साथी कुछ अंदर फंसे थे तो कुछ आसपास बैठे कराह रहे थे। इनमें किसी को ईट तो किसी को सरिया लगी थी। कराहते लोगों की मदद लियाकत के पड़ोसियों ने की। इनमें हर जाति और धर्म के लोग शामिल थे जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए इनकी जान बचाई।
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सिपाही शाहरुख का काम सभी ने सराहा
क्योलड़िया। हादसे के बाद आधा किलोमीटर दूर स्थित थाने से सबसे पहले पुलिस पहुंची। बाद में तीन जेसीबी, एंबुलेंस और दूसरे थानों की पुलिस आई। पुलिसकर्मियों में शाहरुख ने जो मेहनत की उसे देखकर लोग अवाक थे। शाहरुख ने जेसीबी आने से पहले खुद ही करीब आधा घंटे तक लिंटर पर लोहे का घन चलाया और लिंटर के टुकड़े करके लोगों को निकालने में मदद की। लोगों को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक ले जाने का काम भी शाहरुख ने किया। सीओ पीपी सिंह ने भी सिपाही शाहरुख की पीठ ठोंकी।
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