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Bareilly News: वादपत्र में संशोधन का अनुरोध स्वीकार
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19बीडीएन11-न्यायालय परिसर में खड़े हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल व हिन्दु पक्ष के व
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बदायूं। शहर की जामा मस्जिद के मुकदमे में बुधवार को न्यायालय ने वादपत्र में संशोधन के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। इसमें वादी पक्ष हिंदू महासभा पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब मुकदमे में अगली सुनवाई चार मई को होगी।
सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में विचाराधीन जामा मस्जिद के मुकदमे में बुधवार को सुनवाई हुई। इस मुकदमे में एक दिन पहले मंगलवार को भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान न्यायालय में वादी हिंदू महासभा की ओर से दायर कराये गए मुकदमे में वादपत्र के संशोधन पत्र को लेकर बहस हुई।
हिंदू महासभा के वकीलों ने कहा था कि मुकदमा दायर कराने के दौरान प्रार्थनापत्र लिखते समय कुछ गलती हो गई थी। उस पर सुधार होना जरूरी है। उन्होंने वादपत्र में संशोधन कराने का अनुरोध किया था। इंतजामिया कमेटी के वकीलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने बताया था कि यह मुकदमा चलने योग्य ही नहीं है। न्यायालय ने बहस सुनने के बाद आदेश के लिए बुधवार को तारीख लगाई गई थी। बुधवार दोपहर बाद न्यायालय ने वादपत्र का प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया। यह प्रार्थनापत्र बाद में दिया गया था। इससे न्यायालय ने वादी हिंदू महासभा पर पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए अब चार मई की तिथि निर्धारित की है।
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न्यायालय ने वादपत्र के प्रार्थना पर हुई बहस के बाद आदेश सुनाया। हमारा प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया गया है। वादपत्र लिखने के दौरान कुछ गलती हो गई थी। उसमें सुधार कराने के लिए बाद में प्रार्थनापत्र दिया गया था। इससे पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।- वेदप्रकाश साहू, अधिवक्ता, हिंदू महासभा
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सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में विचाराधीन जामा मस्जिद के मुकदमे में बुधवार को सुनवाई हुई। इस मुकदमे में एक दिन पहले मंगलवार को भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान न्यायालय में वादी हिंदू महासभा की ओर से दायर कराये गए मुकदमे में वादपत्र के संशोधन पत्र को लेकर बहस हुई।
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हिंदू महासभा के वकीलों ने कहा था कि मुकदमा दायर कराने के दौरान प्रार्थनापत्र लिखते समय कुछ गलती हो गई थी। उस पर सुधार होना जरूरी है। उन्होंने वादपत्र में संशोधन कराने का अनुरोध किया था। इंतजामिया कमेटी के वकीलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने बताया था कि यह मुकदमा चलने योग्य ही नहीं है। न्यायालय ने बहस सुनने के बाद आदेश के लिए बुधवार को तारीख लगाई गई थी। बुधवार दोपहर बाद न्यायालय ने वादपत्र का प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया। यह प्रार्थनापत्र बाद में दिया गया था। इससे न्यायालय ने वादी हिंदू महासभा पर पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए अब चार मई की तिथि निर्धारित की है।
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न्यायालय ने वादपत्र के प्रार्थना पर हुई बहस के बाद आदेश सुनाया। हमारा प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया गया है। वादपत्र लिखने के दौरान कुछ गलती हो गई थी। उसमें सुधार कराने के लिए बाद में प्रार्थनापत्र दिया गया था। इससे पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।- वेदप्रकाश साहू, अधिवक्ता, हिंदू महासभा