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Bareilly News: बरेली में चलेगी आरी, मिर्जापुर में लहलहाएगी हरियाली
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बरेली। बरेली-बदायूं रोड के बाद अब बरेली-पीलीभीत रोड के दोनों ओर हरे वृक्षों पर विकास की आरी चलेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने जिले की सीमा में आने वाले 3240 वृक्षों को काटने के लिए वन विभाग को रिपोर्ट भेज दी है।
वन विभाग के स्तर से प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बरेली में कटान के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइड लाइन के अनुसार इसका दोगुना पौधरोपण मिर्जापुर जिले में किया जाएगा। बरेली में वन भूमि उपलब्ध न होने के कारण यहां पौधरोपण नहीं हो सकेगा।
इससे पहले बरेली-बदायूं रोड पर लाल फाटक से रामगंगा तक छह किमी सड़क को छह लेन बनाने के लिए 6500 वृक्षों को काट दिया गया। इसके बदले बिजनौर के नजीबाबाद के जंगलों को पौधरोपण किया लिए चिह्नित किया गया था।
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अब बरेली-पीलीभीत हाईवे का चौड़ीकरण होना है। एनएचएआई ने इसके लिए हाईवे के दोनों ओर वृक्षों को चिह्नित किया है। 29 हेक्टेयर वन भूमि पर 3240 वृक्षों को काटा जाना है। एनएचएआई की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद वन विभाग ने मिर्जापुर जिले में पौधरोपण के लिए 58 हेक्टेअर भूमि को चिह्नित किया है।
बरेली-पीलीभीत हाईवे का 27.75 किमी हिस्सा बरेली जिले में आता है। इसके चौड़ीकरण के लिए जल्द ही हरियाली पर आरी चलेगी। वृक्षों की कटान के साथ नए स्थान पर पौधरोपण के लिए एनएचएआई की ओर से वन विभाग को भुगतान किया जाएगा।
बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए बरेली में 3240 वृक्षों को काटा जाना है। प्रस्ताव वन विभाग को भेज दिया गया है। इसके बदले पौधरोपण के लिए मिर्जापुर में जमीन चिह्नित की गई है। - बीपी पाठक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे का बरेली में करीब 27 किमी हिस्सा है। एनएचएआई की ओर से हाईवे चौड़ीकरण के लिए वृक्षों को काटे जाने की कार्रवाई चल रही है। बरेली में वन भूमि उपलब्ध नहीं है। मिर्जापुर में पौधरोपण किया जाएगा। - समीर कुमार, डीएफओ
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वन विभाग के स्तर से प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बरेली में कटान के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइड लाइन के अनुसार इसका दोगुना पौधरोपण मिर्जापुर जिले में किया जाएगा। बरेली में वन भूमि उपलब्ध न होने के कारण यहां पौधरोपण नहीं हो सकेगा।
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इससे पहले बरेली-बदायूं रोड पर लाल फाटक से रामगंगा तक छह किमी सड़क को छह लेन बनाने के लिए 6500 वृक्षों को काट दिया गया। इसके बदले बिजनौर के नजीबाबाद के जंगलों को पौधरोपण किया लिए चिह्नित किया गया था।
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अब बरेली-पीलीभीत हाईवे का चौड़ीकरण होना है। एनएचएआई ने इसके लिए हाईवे के दोनों ओर वृक्षों को चिह्नित किया है। 29 हेक्टेयर वन भूमि पर 3240 वृक्षों को काटा जाना है। एनएचएआई की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद वन विभाग ने मिर्जापुर जिले में पौधरोपण के लिए 58 हेक्टेअर भूमि को चिह्नित किया है।
बरेली-पीलीभीत हाईवे का 27.75 किमी हिस्सा बरेली जिले में आता है। इसके चौड़ीकरण के लिए जल्द ही हरियाली पर आरी चलेगी। वृक्षों की कटान के साथ नए स्थान पर पौधरोपण के लिए एनएचएआई की ओर से वन विभाग को भुगतान किया जाएगा।
बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए बरेली में 3240 वृक्षों को काटा जाना है। प्रस्ताव वन विभाग को भेज दिया गया है। इसके बदले पौधरोपण के लिए मिर्जापुर में जमीन चिह्नित की गई है। - बीपी पाठक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे का बरेली में करीब 27 किमी हिस्सा है। एनएचएआई की ओर से हाईवे चौड़ीकरण के लिए वृक्षों को काटे जाने की कार्रवाई चल रही है। बरेली में वन भूमि उपलब्ध नहीं है। मिर्जापुर में पौधरोपण किया जाएगा। - समीर कुमार, डीएफओ