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कोरोना संक्रमितों के घर आई थी निजामुद्दीन दरगाह दिल्ली से एक महिला
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हजियापुर में इन दिनों कुछ यूं चल रही है जिंदगी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
कोरोना संक्रमण की चेन खोज रही एक्टिव सर्विलांस की टीम के हाथ लगा अहम सुराग
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मिनी बाईपास स्थित अस्पताल के बाद अब नई जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट
बरेली। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से बरेली आए लोगों को ट्रेस कर पाने में पुलिस-प्रशासन की नाकामी शहर को अब भारी पड़ती दिखाई दे रहा है। अब जाकर पता लगा है कि हजियापुर में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले युवक और उसके साढ़ू के परिवार में निजामुद्दीन इलाके में रहने वाली महिला पिछले महीने आई थी। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम ने यह जानकारी मिलने के बाद अफसरों को अलर्ट कर दिया है। अब छानबीन की जा रही है कि निजामुद्दीन की यह महिला कोरोना संक्रमित थी या नहीं और अब उसकी हालत क्या है।
हजियापुर के युवक और उसके ब्रह्मपुरा में रहने वाले साढ़ू के भाई और मां तक पहुंचे संक्रमण की चेन तलाश करने में जुटे स्वास्थ्य विभाग को अब जाकर कुछ कामयाबी मिलती दिख रही है। अचानक बीमार हुए हजियापुर के युवक में 27 मार्च को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उसके नजदीकी संपर्क के तमाम लोगों की जांच कराई गई तो उसके स्टेडियम रोड के एक अस्पताल में बतौर रिसेप्शनिस्ट नौकरी करने वाले साढ़ू के भाई और उसकी मां में भी संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया था। इन तीन केसों की वजह से जिले को रेड जोन में शामिल होना पड़ा। अब तक इनके संक्रमण की चेन का पता न लग पाने की वजह से शहर की घनी आबादी वाले इन इलाकों में सामुदायिक संक्रमण फैलने की भी आशंकाएं जताई जा रही थीं।
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इस बीच जिला सर्विलांस अधिकारी और नोडर अफसर डॉ. रंजन गौतम की अगुवाई में हजियापुर और ब्रह्मपुरा में फैले संक्रमण की चेन तलाश करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। करीब एक हफ्ते की कोशिशों के बाद अब जाकर पता लगा है कि पिछले महीने हजियापुर के युवक साढ़ू की दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में रहने वाली साली उसके घर आई थी जो एक दिन उसके परिवार में रही थी और अगले दिन हजियापुर के युवक के घर भी गई थी। इसके बाद वह वापस दिल्ली लौट गई। यह जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर सक्रिय हो गए हैं। विभागीय टीमों ने इस महिला के संबंध में और जानकारी जुटाने के लिए मॉनिटरिंग तेज कर दी है। महिला के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जब वह बरेली आई थी तो उसकी तबीयत कैसी थी और अब वह किस स्थिति में है।
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अमर उजाला ने किया था अलर्ट फिर भी पुलिस की निगाहों से बच गए दिल्ली से आए लोग
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात के मरकत से देश भर में संक्रमण फैलने की खबरों के दौरान ही बरेली में भी जमात के तमाम लोगों के आने की सूचनाएं आई थीं। अमर उजाला की ओर से लगातार आगाह किए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू की तो इस बात की पुष्टि भी हुई कि बुलंदशहर, बहराइच और शाहजहांपुर में हुए जलसों में शिरकत कर तमाम जमाती बरेली लौटे हैं। सूचनाएं तब्लीग के जमातियों के भी बरेली आने की थीं लेकिन पुलिस इनकी पुष्टि नहीं कर सकी। इस बीच इस तरह की खबरें लगातार आती रहीं कि बरेली लौटे तब्लीग के जमाती लगातार अपने ठिकाने बदल-बदलकर पुलिस के हाथ आने से बचे हुए हैं। हालांकि यह तो पता नहीं चला है कि कि ब्रह्मपुर में रहने वाले युवक की साली संक्रमित है या नहीं और उसका जमात से कोई लेना-देना तो नहीं है, लेकिन उसके यहां आने की पुष्टि के बाद पुलिस की कोशिशों पर सवाल जरूर खड़ा हो रहा है।
चूक: दिल्ली जाकर बरेली लौटे लोगों के नंबर ट्रेस हुए, निजामुद्दीन की महिला छूट गई
एसएसपी की ओर से पिछले दिनों एक पत्र स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया था जिसमें दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह से आए लोगों का हेल्थ चेकअप कराने की बात कही गई थी। एसएसपी ने इस पत्र में यह भी कहा था कि दिल्ली से आए ये लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं लिहाजा उनके सैंपल लेकर जांच करा ली जाए। इसके बाद कैंट चनेहटा, रिठौरा समेत शहर के कई अलग-अलग इलाकों में निजामुद्दीन से लौटे आए लोगों को क्वारंटीन करते हुए उनके सैंपल लिए गए थे, हालांकि ये सभी जांच में निगेटिव आए। दरअसल ये बरेली से ही निजामुद्दीन गए वे लोग थे जिनके नंबर मार्च में निजामुद्दीन इलाके के मोबाइल टॉवर के डाटा के आधार पर ट्रेस किए गए थे। ब्रह्मपुरा के परिवार में आई युवक की साली चूंकि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में ही रहती है लिहाजा उसका नंबर इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। अब काफी हद तक यही आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली से यह युवती संक्रमण लाकर बरेली में फैला गई। इसकी पुष्टि करने की भी कोशिश की जा रही है।
अहम कड़ी मान रहा स्वास्थ्य विभाग, एक्टिव सर्विलांस के तहत छानबीन और तेज की
हजियापुर और ब्रह्मपुरा में तीन कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उसकी चेन तलाश करने में जुटे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इन परिवारों में दिल्ली से एक महिला के आने का पता लगने के बाद कुछ राहत की सांस ली है। हालांकि यह कोई कामयाबी है भी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि महिला खुद कोरोना संक्रमित है या नहीं। बहरहाल एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार और नोडल अफसर डॉ. रंजन गौतम लगातार इस संक्रमण की चेन खोजने में जुटे हैं। फिलहाल इस तथ्य को अहम कड़ी लगने माना जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि संक्रमण की चेन अब मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक आईडीएसपी प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास भी नए तथ्यों की तलाश में जुटे हुए हैं। हजियापुर और ब्रह्मपुरा दोनों इलाकों में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग कर रही हैं। ऐसे संदिग्ध लोग जिनमें कोरोना संक्रमण का कोई भी लक्षण दिख रहा है, उनके सैंपल लिए जा रहे हैं। किसी भी शख्स के बाहर से आने की पुष्टि होते ही उसे होम क्वारंटीन कराया जा रहा है।
मरीजों को निकालकर बंद हुआ मिनी बाईपास का निजी अस्पताल.. खतरा और बढ़ा
ब्रह्मपुरा में संक्रमित मिली महिला को कुछ दिन पहले मिनी बाईपास के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी मिलने के बाद इस अस्पताल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी दिए बगैर डिस्चार्ज कर दिया गया। लिहाजा माना जा रहा है कि इसके बाद शहर में खतरा और बढ़ गया है। बता दें कि शनिवार देर शाम इस बात की पुष्टि हुई थी कि ब्रह्मपुरा की महिला की तबीयत दस दिन पहले बिगड़ी थी जिसके बाद उसे मिनी बाईपास बाईपास के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में वह दो दिन रही थी और इस दौरान उसकी यहां तीमारदारी उसके संक्रमित बेटे ने ही की थी। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग को तो इसकी जानकारी देर से मिली लेकिन तीन दिन पहले जब ब्रह्मपुरा की महिला के संक्रमित होने की खबर सुर्खियों में आई तो इस अस्पताल ने अपने यहां भर्ती मरीजों को खुद ही एक-एक कर बाहर निकालना शुरू कर दिया। अस्पताल में यह नजारा देखकर भीड़ इकट्ठी हो गई। लोगों ने आपत्ति भी की लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने सारे मरीजों को बाहर निकालकर उसके सारे शटर बंद कर दिए। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए उनके फोन नंबर पर कई बार कॉल की गई लेकिन दूसरे तरफ से फोन नॉट रिचेबल होने का जवाब आता रहा।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी छानबीन करा रहा हैं। इसमें जैसे भी तथ्य मिलेंगे, उन पर उसी के अनुरूप एक्शन लिया जाएगा। - नितीश कुमार, जिलाधिकारी
संक्रमित लोगों और उनके परिवारों से सहयोग न मिलने से हुई देरी
हजियापुर में संक्रमित मिले युवक के परिवार ने यह पता लगाने में कोई सहयोग नहीं किया कि उनके घर तक संक्रमण आखिर कैसे पहुंचा। उल्टे हजियापुर के संक्रमित की पत्नी स्वास्थ्य विभाग पर ही आरोप लगाते हुए अफसरों को घेरने की कोशिश करती रही। दो दिन बाद हजियापुर के युवक के साढ़ू के भाई और मां में संक्रमण की पुष्टि हुई तब भी असहयोग की मुहिम चलती रही। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद के मुताबिक इन दोनों परिवारों से जानकारी नहीं मिलीं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने अपनी कोशिशों से युवक के पड़ोस में अबूधाबी से परिवार लौटने की जानकारी जुटाई, इन दोनों परिवारों के तमाम नजदीकी संपर्कों की जांच कराई लेकिन दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से इन दोनों परिवारों में एक महिला के आने का पता लग पाने में हफ्ते भर से ज्यादा समय लग गया। हालांकि टीमें अब भी दोनों परिवारों के सदस्यों से लगातार पूछताछ कर रही हैं।
लॉकडाउन में दिल्ली आई और चली भी गई
हजियापुर के युवक के साढ़ू की साली लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से आई और कई दिन बरेली रहकर वापस भी लौट गई लेकिन किसी को इसका पता भी नहीं लगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब जानकारी जुटा रही हैं कि यह महिला दिल्ली से बरेली तक किस माध्यम से पहुंची थी और उसके साथ कौन था। दरअसल स्वास्थ्य विभाग की आगे की जांच का सबसे महत्वपूर्ण सवाल भी यही है कि क्या यह महिला अकेली आई थी या फिर उसके साथ कोई और था। अगर यह पुष्टि होती है कि वह किसी और के साथ बरेली आई थी तो स्वास्थ्य विभाग उसके बारे में भी पूरी जांच-पड़ताल करेगी।
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मिनी बाईपास स्थित अस्पताल के बाद अब नई जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट बरेली। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से बरेली आए लोगों को ट्रेस कर पाने में पुलिस-प्रशासन की नाकामी शहर को अब भारी पड़ती दिखाई दे रहा है। अब जाकर पता लगा है कि हजियापुर में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले युवक और उसके साढ़ू के परिवार में निजामुद्दीन इलाके में रहने वाली महिला पिछले महीने आई थी। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम ने यह जानकारी मिलने के बाद अफसरों को अलर्ट कर दिया है। अब छानबीन की जा रही है कि निजामुद्दीन की यह महिला कोरोना संक्रमित थी या नहीं और अब उसकी हालत क्या है।
हजियापुर के युवक और उसके ब्रह्मपुरा में रहने वाले साढ़ू के भाई और मां तक पहुंचे संक्रमण की चेन तलाश करने में जुटे स्वास्थ्य विभाग को अब जाकर कुछ कामयाबी मिलती दिख रही है। अचानक बीमार हुए हजियापुर के युवक में 27 मार्च को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उसके नजदीकी संपर्क के तमाम लोगों की जांच कराई गई तो उसके स्टेडियम रोड के एक अस्पताल में बतौर रिसेप्शनिस्ट नौकरी करने वाले साढ़ू के भाई और उसकी मां में भी संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया था। इन तीन केसों की वजह से जिले को रेड जोन में शामिल होना पड़ा। अब तक इनके संक्रमण की चेन का पता न लग पाने की वजह से शहर की घनी आबादी वाले इन इलाकों में सामुदायिक संक्रमण फैलने की भी आशंकाएं जताई जा रही थीं।
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इस बीच जिला सर्विलांस अधिकारी और नोडर अफसर डॉ. रंजन गौतम की अगुवाई में हजियापुर और ब्रह्मपुरा में फैले संक्रमण की चेन तलाश करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। करीब एक हफ्ते की कोशिशों के बाद अब जाकर पता लगा है कि पिछले महीने हजियापुर के युवक साढ़ू की दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में रहने वाली साली उसके घर आई थी जो एक दिन उसके परिवार में रही थी और अगले दिन हजियापुर के युवक के घर भी गई थी। इसके बाद वह वापस दिल्ली लौट गई। यह जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर सक्रिय हो गए हैं। विभागीय टीमों ने इस महिला के संबंध में और जानकारी जुटाने के लिए मॉनिटरिंग तेज कर दी है। महिला के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जब वह बरेली आई थी तो उसकी तबीयत कैसी थी और अब वह किस स्थिति में है।
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अमर उजाला ने किया था अलर्ट फिर भी पुलिस की निगाहों से बच गए दिल्ली से आए लोग
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात के मरकत से देश भर में संक्रमण फैलने की खबरों के दौरान ही बरेली में भी जमात के तमाम लोगों के आने की सूचनाएं आई थीं। अमर उजाला की ओर से लगातार आगाह किए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू की तो इस बात की पुष्टि भी हुई कि बुलंदशहर, बहराइच और शाहजहांपुर में हुए जलसों में शिरकत कर तमाम जमाती बरेली लौटे हैं। सूचनाएं तब्लीग के जमातियों के भी बरेली आने की थीं लेकिन पुलिस इनकी पुष्टि नहीं कर सकी। इस बीच इस तरह की खबरें लगातार आती रहीं कि बरेली लौटे तब्लीग के जमाती लगातार अपने ठिकाने बदल-बदलकर पुलिस के हाथ आने से बचे हुए हैं। हालांकि यह तो पता नहीं चला है कि कि ब्रह्मपुर में रहने वाले युवक की साली संक्रमित है या नहीं और उसका जमात से कोई लेना-देना तो नहीं है, लेकिन उसके यहां आने की पुष्टि के बाद पुलिस की कोशिशों पर सवाल जरूर खड़ा हो रहा है।चूक: दिल्ली जाकर बरेली लौटे लोगों के नंबर ट्रेस हुए, निजामुद्दीन की महिला छूट गई
एसएसपी की ओर से पिछले दिनों एक पत्र स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया था जिसमें दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह से आए लोगों का हेल्थ चेकअप कराने की बात कही गई थी। एसएसपी ने इस पत्र में यह भी कहा था कि दिल्ली से आए ये लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं लिहाजा उनके सैंपल लेकर जांच करा ली जाए। इसके बाद कैंट चनेहटा, रिठौरा समेत शहर के कई अलग-अलग इलाकों में निजामुद्दीन से लौटे आए लोगों को क्वारंटीन करते हुए उनके सैंपल लिए गए थे, हालांकि ये सभी जांच में निगेटिव आए। दरअसल ये बरेली से ही निजामुद्दीन गए वे लोग थे जिनके नंबर मार्च में निजामुद्दीन इलाके के मोबाइल टॉवर के डाटा के आधार पर ट्रेस किए गए थे। ब्रह्मपुरा के परिवार में आई युवक की साली चूंकि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में ही रहती है लिहाजा उसका नंबर इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। अब काफी हद तक यही आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली से यह युवती संक्रमण लाकर बरेली में फैला गई। इसकी पुष्टि करने की भी कोशिश की जा रही है।अहम कड़ी मान रहा स्वास्थ्य विभाग, एक्टिव सर्विलांस के तहत छानबीन और तेज की
हजियापुर और ब्रह्मपुरा में तीन कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उसकी चेन तलाश करने में जुटे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इन परिवारों में दिल्ली से एक महिला के आने का पता लगने के बाद कुछ राहत की सांस ली है। हालांकि यह कोई कामयाबी है भी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि महिला खुद कोरोना संक्रमित है या नहीं। बहरहाल एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार और नोडल अफसर डॉ. रंजन गौतम लगातार इस संक्रमण की चेन खोजने में जुटे हैं। फिलहाल इस तथ्य को अहम कड़ी लगने माना जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि संक्रमण की चेन अब मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक आईडीएसपी प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास भी नए तथ्यों की तलाश में जुटे हुए हैं। हजियापुर और ब्रह्मपुरा दोनों इलाकों में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग कर रही हैं। ऐसे संदिग्ध लोग जिनमें कोरोना संक्रमण का कोई भी लक्षण दिख रहा है, उनके सैंपल लिए जा रहे हैं। किसी भी शख्स के बाहर से आने की पुष्टि होते ही उसे होम क्वारंटीन कराया जा रहा है।मरीजों को निकालकर बंद हुआ मिनी बाईपास का निजी अस्पताल.. खतरा और बढ़ा
ब्रह्मपुरा में संक्रमित मिली महिला को कुछ दिन पहले मिनी बाईपास के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी मिलने के बाद इस अस्पताल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी दिए बगैर डिस्चार्ज कर दिया गया। लिहाजा माना जा रहा है कि इसके बाद शहर में खतरा और बढ़ गया है। बता दें कि शनिवार देर शाम इस बात की पुष्टि हुई थी कि ब्रह्मपुरा की महिला की तबीयत दस दिन पहले बिगड़ी थी जिसके बाद उसे मिनी बाईपास बाईपास के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में वह दो दिन रही थी और इस दौरान उसकी यहां तीमारदारी उसके संक्रमित बेटे ने ही की थी। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग को तो इसकी जानकारी देर से मिली लेकिन तीन दिन पहले जब ब्रह्मपुरा की महिला के संक्रमित होने की खबर सुर्खियों में आई तो इस अस्पताल ने अपने यहां भर्ती मरीजों को खुद ही एक-एक कर बाहर निकालना शुरू कर दिया। अस्पताल में यह नजारा देखकर भीड़ इकट्ठी हो गई। लोगों ने आपत्ति भी की लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने सारे मरीजों को बाहर निकालकर उसके सारे शटर बंद कर दिए। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए उनके फोन नंबर पर कई बार कॉल की गई लेकिन दूसरे तरफ से फोन नॉट रिचेबल होने का जवाब आता रहा।इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी छानबीन करा रहा हैं। इसमें जैसे भी तथ्य मिलेंगे, उन पर उसी के अनुरूप एक्शन लिया जाएगा। - नितीश कुमार, जिलाधिकारी