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बोरवेल में गिरकर सिपाही की बेटी की मौत: पानी के गड्ढे में तैरती चप्पल देख मां को हुआ शक, ढाई घंटे बाद गोताखोरों ने निकाल शव
Sun, 01 May 2022 08:33 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 01 May 2022 08:33 PM IST
सार
अर्चना के क्वार्टर के पास बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में मंजरी की एक चप्पल तैरती दिखी। अर्चना ने पहचान लिया कि चप्पल उन्हीं की बेटी की है।
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महिला सिपाही अर्चना सिंह और मृतक बच्ची मंजरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पुलिस लाइन में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर शनिवार शाम महिला सिपाही की छह साल की बच्ची की मौत हो गई। गड्ढे को खोदने के बाद खुला छोड़ दिया गया था, जिसमें पानी भर गया था। काफी तलाश के बाद बच्ची की चप्पलें गड्ढे के पास पड़ी मिलीं तो उसमें गोताखोरों को उतारा गया, तब कहीं उसका शव बाहर निकाला गया।
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खुर्जा (बुलंदशहर) की रहने वाली सिपाही अर्चना सिंह पुलिस लाइन में तैनात हैं। अर्चना के पति अत्येंद्र बुलंदशहर में ही प्राइवेट जॉब करते हैं। पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में छह साल की बेटी मंजरी उनके साथ रहती थी। शनिवार शाम करीब सात बजे अर्चना ने मंजरी को मेस में देखने भेजा की खाना बन गया है या नहीं। इसके बाद मंजरी लौटकर घर नहीं पहुंची। अर्चना ने उसे पुलिस लाइन में ही काफी तलाश किया लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला।
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बच्ची के पुलिस लाइन से लापता होने की खबर फैली तो खलबली मच गई। आरआई को सूचना देने के बाद और भी लोगों को उसकी तलाश में लगाया गया। पुलिस लाइन में लगे कैमरे भी चेक किए गए लेकिन मंजरी कही नहीं दिखी। काफी देर बाद अर्चना के क्वार्टर के पास बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में मंजरी की एक चप्पल तैरती दिखी। अर्चना ने पहचान लिया कि चप्पल उन्हीं की बेटी की है।
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इसके बाद दो गोताखोरों को बुलाकर करीब दस फुट गहरे गड्ढे में उतारा गया। रात करीब साढ़े नौ बजे गोताखोरों ने गड्ढे में भरी पानी से मंजरी को बाहर निकाला। फौरन उसे चौपुला के पास एक अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद कई पुलिस अधिकारी भी पुलिस लाइन पहुंच गए। अर्चना रात में ही बेटी का शव बुलंदशहर ले गईं।