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Bareilly News: दो लाख का बिल बनाया, सांठगांठ न हुई तो काट दिया कनेक्शन

Fri, 08 Aug 2025 02:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 02:43 AM IST
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A bill of Rs 2 lakh was made, when there was no collusion, the connection was cut
बरेली। विद्युत निगम में गड़बड़ी के मामले थम नहीं रहे हैं। अब उपभोक्ता ने घरेलू कनेक्शन पर मनमाना बिल बनाने व इसके बाद साठगांठ से इसे सुलटाने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। बात नहीं बनी तो कनेक्शन काट दिया। आरोप है कि लिखित शिकायत के बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई।
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भमोरा थाना क्षेत्र के गौरव गुप्ता ने बताया कि उनका मीटर छह जून 2023 को खराब हो गया था। उन्होंने इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 1912 पर दर्ज कराई थी। जेई को भी शिकायतीपत्र दिया। दफ्तर के कई चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ।
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डेढ़ साल बाद जेई ने कहा कि कनेक्शन काटने के आदेश आए हैं। 25 हजार का बकाया है, वह जमा कर दो तो मीटर बदल जाएगा। 20 नवंबर 2024 को उन्होंने रकम जमा करके 28 नवंबर को फिर मीटर बदलवाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। दो साल बाद 30 मार्च 2025 को नया मीटर लगाया गया।
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कर्मचारी पुराना मीटर ले गए। इसके बाद दो लाख रुपये बकाया का बिल बना दिया। उन्होंने मीटर रीडर से बात की तो उसने एक दलाल से मिलवाया। उसने 50 हजार में पूरा मामला सुलटाने की बात कही। 35 हजार रुपये एडवांस भी लिए। रीडर और दलाल में रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ तो रकम वापस कर दी।
आरोप है कि इसके बाद अवर अभियंता ने मामला सुलटाने के लिए 80 हजार रुपये मांगे। मना करने पर 27 जून 2025 को कनेक्शन ही काट दिया। पीड़ित का दावा है कि वह मीटर खराब होने से पहले हर माह बिल भरता था। ऐसे में मनमाना बिल बनाया गया है। संवाद


जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुनी
पीड़ित ने एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा से भी पैरवी कराई। अफसरों ने इसे भी दरकिनार कर दिया। मामले की शिकायत पीड़ित ने एसई ज्ञानेंद्र सिंह से की थी। पीड़ित के मुताबिक, विभाग की ओर से कार्रवाई की जगह उसे थाने में मीटर रीडर के खिलाफ तहरीर देने के लिए कहा गया। पुलिस को तहरीर दी भी गई, मगर कार्रवाई नहीं हुई।

उठ रहे ये सवाल :
1912 पर शिकायत दर्ज होने के बाद भी दो साल पहले मीटर क्यों नहीं बदला गया?
अगर दो लाख रुपयेे बकाया था तो 25 हजार बकाये के नाम पर खाते में जमा क्यों कराये?
बकाया होने के बाद भी दो साल बाद नया मीटर क्यों लगा और बाद में रीडिंग कैसे आई?
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अधीक्षण अभियंता से मामले की रिपोर्ट तलब की है। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। - ज्ञान प्रकाश, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम
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