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मिट्टी की ढांग ढहने से किशोरी समेत दो की मौत
Bareilly
Updated Thu, 22 May 2014 05:33 AM IST
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मीरगंज/ फतेहगंज पश्चिमी। थाना शाही के गांव पंथरा में तालाब में मिट्टी निकालने गई महिलाओं, लड़कियों के ऊपर बड़ी ढांग भरभराकर आ गिरी। मलबा के नीचे दबकर एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 16 वर्षीया लड़की ने अस्पताल के रास्ते में दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में भर्ती एक और महिला की हालत भी नाजुक बताई जा रही है। एक बच्चे समेत चार अन्य घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बुधवार दोपहर करीब 11.30 बजे शाही इलाके के पंथरा गांव की दर्जन भर लड़कियां और महिलाएं सूखे पड़े तालाब से मिट्टी लेने गई थीं। वहां मिट्टी खोदते समय एक बड़ी ढांग भरभराकर नीचे ढह गई। इससे मिट्टी खोद रहीं महिलाएं और लड़कियां मलबे के नीचे दब गईं। उनके साथ गए बच्चे किनारे खड़े थी, जिनके शोर मचाने पर पड़ोस के खेतों में मौजूद ग्रामीण दौड़कर पहुंच गए। उन्होंने खुरपी और फावड़े से मिट्टी हटाकर सबको बाहर निकला। मगर तब तक 30 वर्षीय कांति देवी पत्नी नरोत्तम सिंह उर्फ पालू की मौत हो चुकी थी। इसके बाद 108 एंबुलेंस मंगाकर अन्य घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया। इसमें कृष्णपा की 16 वर्षीय बेटी प्रियंका ने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिवारीजन रास्ते से ही प्रियंका का शव लौटकर घर ले गए है। वह एक प्राइवेट स्कूल में नवीं कक्षा की छात्रा थी। घायलों में 35 वर्षीय जावित्री देवी, 18 साल की कमलेश, गंगाराम की 16 वर्षीय बेटी उर्मिला, रामस्वरूप की 16 साल की बेटी डालवती और धनपाल का आठ वर्ष का बेटा संदीप हैं। जावित्री की रीढ़ और दोनों पैरों की हड्डी टूट गई हैं। कमलेश, उर्मिला के दोनों पैरों की हड्डी टूटी है। हादसे की सूचना पर शाही पुलिस के अलावा एसडीएम पुष्पा देवरार, सीओ मनोज पांडेय मौके पर पहुंचे।
फोटो---21एमआरजेड-अर्जुन
मौत से जीत गया अर्जुन
पंथरा के धनपाल का सात वर्षीय अर्जुन अपनी मां रीता के साथ जिद करके चला गया। वहां रीता किनारे पर खड़ी रही लेकिन अर्जुन अन्य लड़कियों के साथ नीचे चला। रीता के मुताबिक ढांग गिरने के बाद मलबा के नीचे दबे अर्जुन की हल्की सी आवाज सुनाई दी। उसी आधार पर लोगों ने फावड़े और कसी से मिट्टी हटाई। अन्य घायलों के साथ अर्जुन दीवार से चिपका खड़ा पाया गया। पूरी तरह मिट्टी में दबे होने के बावजूद किनारे होने की वजह से बच गया। अर्जुन ने बताया कि जब मैं मिट्टी तके दबा था तो लोग चीख रहे थे। मिट्टी के अंदर दो काले बड़े सांप फुसकार रहे थे लेकिन उन्होंने मुझे काटा नहीं। बची ढांग जेसीबी से ढहाने के दौरान दो काले सांप मलबा के नीचे से निकलते देखे गए।
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बुधवार दोपहर करीब 11.30 बजे शाही इलाके के पंथरा गांव की दर्जन भर लड़कियां और महिलाएं सूखे पड़े तालाब से मिट्टी लेने गई थीं। वहां मिट्टी खोदते समय एक बड़ी ढांग भरभराकर नीचे ढह गई। इससे मिट्टी खोद रहीं महिलाएं और लड़कियां मलबे के नीचे दब गईं। उनके साथ गए बच्चे किनारे खड़े थी, जिनके शोर मचाने पर पड़ोस के खेतों में मौजूद ग्रामीण दौड़कर पहुंच गए। उन्होंने खुरपी और फावड़े से मिट्टी हटाकर सबको बाहर निकला। मगर तब तक 30 वर्षीय कांति देवी पत्नी नरोत्तम सिंह उर्फ पालू की मौत हो चुकी थी। इसके बाद 108 एंबुलेंस मंगाकर अन्य घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया। इसमें कृष्णपा की 16 वर्षीय बेटी प्रियंका ने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिवारीजन रास्ते से ही प्रियंका का शव लौटकर घर ले गए है। वह एक प्राइवेट स्कूल में नवीं कक्षा की छात्रा थी। घायलों में 35 वर्षीय जावित्री देवी, 18 साल की कमलेश, गंगाराम की 16 वर्षीय बेटी उर्मिला, रामस्वरूप की 16 साल की बेटी डालवती और धनपाल का आठ वर्ष का बेटा संदीप हैं। जावित्री की रीढ़ और दोनों पैरों की हड्डी टूट गई हैं। कमलेश, उर्मिला के दोनों पैरों की हड्डी टूटी है। हादसे की सूचना पर शाही पुलिस के अलावा एसडीएम पुष्पा देवरार, सीओ मनोज पांडेय मौके पर पहुंचे।
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फोटो---21एमआरजेड-अर्जुन
मौत से जीत गया अर्जुन
पंथरा के धनपाल का सात वर्षीय अर्जुन अपनी मां रीता के साथ जिद करके चला गया। वहां रीता किनारे पर खड़ी रही लेकिन अर्जुन अन्य लड़कियों के साथ नीचे चला। रीता के मुताबिक ढांग गिरने के बाद मलबा के नीचे दबे अर्जुन की हल्की सी आवाज सुनाई दी। उसी आधार पर लोगों ने फावड़े और कसी से मिट्टी हटाई। अन्य घायलों के साथ अर्जुन दीवार से चिपका खड़ा पाया गया। पूरी तरह मिट्टी में दबे होने के बावजूद किनारे होने की वजह से बच गया। अर्जुन ने बताया कि जब मैं मिट्टी तके दबा था तो लोग चीख रहे थे। मिट्टी के अंदर दो काले बड़े सांप फुसकार रहे थे लेकिन उन्होंने मुझे काटा नहीं। बची ढांग जेसीबी से ढहाने के दौरान दो काले सांप मलबा के नीचे से निकलते देखे गए।
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