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गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव का विवाद
Bareilly
Updated Tue, 20 May 2014 05:30 AM IST
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बरेली। मॉडल टाउन गुरुद्वारा के प्रधान से चुनाव के दौरान हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को ईंट भट्ठा कारोबारी तरविंदर पाल सिंह पक्ष के लोगों की भीड़ पहले एसएसपी से मिलने पहुंच गई। वह नहीं मिले तो उन्होंने डीआईजी ऑफिस का घेराव कर लिया। सिख समुदाय की महिला-पुरुषों की भीड़ को देखकर पुलिस कर्मियों को डीआईजी ऑफिस का मेनगेट बंद करना पड़ा। इसे लेकर पुलिस कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। सिखों से डीआईजी की वार्ता के दौरान एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा और एसपी ट्रैफिक भी मौजूद थे। बाद में एसपी सिटी ने बाहर आकर लोगों को आश्वासन दिया कि दोनों ही तरफ से लिखे गए मुकदमों की निष्पक्ष जांच होगी। किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
दोपहर करीब डेढ़ बजे भट्ठा कारोबारी तरविंदर पाल सिंह के साथ सिख मिशनरी कॉलेज के सुरेंद्र सिंह दुआ, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के देवेंद्र सिंह के अलावा सुरेंद्र पाल सिंह, प्रतिपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, स्त्री संगत और रामपुर संगत की महिलाएं एसएसपी से मिलने पहुंचीं। एसएसपी के छुट्टी पर होने का पता लगने पर वे डीआईजी ऑफिस पहुंच गए। वहां पहले से ही एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक मौजूद थे। डीआईजी ने तरविंदर पाल सिंह समेत कई जिम्मेदार लोगों को बुलाकर उनका पक्ष सुना। तरविंदर सिंह ने बताया कि उसके भाई अजयपाल सिंह पर गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव को लेकर हुए विवाद में षडयंत्र के तहत हमला किया गया। अभियुक्तों को मुकदमा लिखने की जानकारी हुई तो उन्होंने भी पुलिस के साठगांठ करके उसके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया है। आरोपी हरप्रीत के कान का पर्दा फटा दिखाकर मुकदमे में गंभीर धाराएं बढ़वाने का प्रयास कर रहे हैं। पैनल से हरप्रीत का मेडिकल कराकर उसके द्वारा लिखाए गए मुकदमे को एक्सपंज किया जाए। तरविंदर सिंह ने डीआईजी को चुनाव के दौरान अपने भाई अजयपाल पर हुए हमले की गुरुद्वारा की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी दिखाई। डीआईजी ने तरविंदर सिंह की बात सुनकर उन्हें इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही एसपी सिटी को बाहर खड़ी भीड़ को समझाने के लिए भेज दिया। एसपी सिटी ने भीड़ को बताया कि मुकदमा दोनों तरफ से लिखा गया है। दोनों की मामलों को निष्पक्ष जांच हो रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। इसके बाद तरविंदर सिंह और उनके साथी शांत होकर घर लौट गए।
सपा नेता पीआरओ से भिड़े
बरेली। भट्ठा मालिक तरविंदर सिंह सपा नेता जुनैद पठान और हम्माद अली को डीआईजी के यहां साथ ले गए थे। डीआईजी ने तरविंदर सिंह को बात करने के लिए बुलाया तो दोनों सपा नेता भी साथ में जाने लगे। पीआरओ रविंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वह उनसे भिड़ गए। इसे लेकर उनकी पीआरओ से काफी देकर तक नोंकझोक हुई। बाद में डीआईजी ने सपा नेता को अंदर बुलवाकर मामला शांत किया।
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यह था मामला
रविवार को मॉडल टाउन निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी तरविंदर और उनके 29 वर्षीय भाई अजयपाल सिंह गुरुद्वारे में थे। अजयपाल घर आने को गुरुद्वारा के बाहर निकले तो मॉडल टाउन के अमरजीत सिंह उर्फ पिंका बख्शी, जपनदीप सिंह बख्शी, अवतार सिंह उर्फ राजा, भगत सिंह, उनके बेटे राजू व सेमी, गुरप्रीत सिंह ने लाठी, डंडे व धारदार कृपाण से अजयपाल पर हमला कर दिया। अजयपाल के गले और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें मरा जानकर हमलावर भाग गए। अजय पाल को पहले जिला अस्पताल और वहां से एक निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती करा दिया। हालत नाजुक होेने पर अजयपाल का मिशन अस्पताल में इलाज हो रहा है। तरविंदर का कहना था कि हमला मॉडल टाउन के हरविंदर सिंह व परमजीत सिंह सलूजा के इशारे पर किया गया।
दूसरा मुकदमा हरजीत ने लिखाया था
दूसरी रिपोर्ट मॉडल टाउन के ट्रांसपोर्टर हरजीत सिंह ने लिखाई है। उन्होंने अजयपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, उनके भाई इंद्रजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, तेजपाल सिंह को नामजद कराया है। हरजीत सिंह के मुताबिक वह गुरुद्वारा के बाहर खड़े बातें कर रहे थे। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने डंडों व कृपाण से हमला कर दिया था। इसमें हरजीत के गंभीर चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
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दोपहर करीब डेढ़ बजे भट्ठा कारोबारी तरविंदर पाल सिंह के साथ सिख मिशनरी कॉलेज के सुरेंद्र सिंह दुआ, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के देवेंद्र सिंह के अलावा सुरेंद्र पाल सिंह, प्रतिपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, स्त्री संगत और रामपुर संगत की महिलाएं एसएसपी से मिलने पहुंचीं। एसएसपी के छुट्टी पर होने का पता लगने पर वे डीआईजी ऑफिस पहुंच गए। वहां पहले से ही एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक मौजूद थे। डीआईजी ने तरविंदर पाल सिंह समेत कई जिम्मेदार लोगों को बुलाकर उनका पक्ष सुना। तरविंदर सिंह ने बताया कि उसके भाई अजयपाल सिंह पर गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव को लेकर हुए विवाद में षडयंत्र के तहत हमला किया गया। अभियुक्तों को मुकदमा लिखने की जानकारी हुई तो उन्होंने भी पुलिस के साठगांठ करके उसके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया है। आरोपी हरप्रीत के कान का पर्दा फटा दिखाकर मुकदमे में गंभीर धाराएं बढ़वाने का प्रयास कर रहे हैं। पैनल से हरप्रीत का मेडिकल कराकर उसके द्वारा लिखाए गए मुकदमे को एक्सपंज किया जाए। तरविंदर सिंह ने डीआईजी को चुनाव के दौरान अपने भाई अजयपाल पर हुए हमले की गुरुद्वारा की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी दिखाई। डीआईजी ने तरविंदर सिंह की बात सुनकर उन्हें इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही एसपी सिटी को बाहर खड़ी भीड़ को समझाने के लिए भेज दिया। एसपी सिटी ने भीड़ को बताया कि मुकदमा दोनों तरफ से लिखा गया है। दोनों की मामलों को निष्पक्ष जांच हो रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। इसके बाद तरविंदर सिंह और उनके साथी शांत होकर घर लौट गए।
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सपा नेता पीआरओ से भिड़े
बरेली। भट्ठा मालिक तरविंदर सिंह सपा नेता जुनैद पठान और हम्माद अली को डीआईजी के यहां साथ ले गए थे। डीआईजी ने तरविंदर सिंह को बात करने के लिए बुलाया तो दोनों सपा नेता भी साथ में जाने लगे। पीआरओ रविंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वह उनसे भिड़ गए। इसे लेकर उनकी पीआरओ से काफी देकर तक नोंकझोक हुई। बाद में डीआईजी ने सपा नेता को अंदर बुलवाकर मामला शांत किया।
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यह था मामला
रविवार को मॉडल टाउन निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी तरविंदर और उनके 29 वर्षीय भाई अजयपाल सिंह गुरुद्वारे में थे। अजयपाल घर आने को गुरुद्वारा के बाहर निकले तो मॉडल टाउन के अमरजीत सिंह उर्फ पिंका बख्शी, जपनदीप सिंह बख्शी, अवतार सिंह उर्फ राजा, भगत सिंह, उनके बेटे राजू व सेमी, गुरप्रीत सिंह ने लाठी, डंडे व धारदार कृपाण से अजयपाल पर हमला कर दिया। अजयपाल के गले और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें मरा जानकर हमलावर भाग गए। अजय पाल को पहले जिला अस्पताल और वहां से एक निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती करा दिया। हालत नाजुक होेने पर अजयपाल का मिशन अस्पताल में इलाज हो रहा है। तरविंदर का कहना था कि हमला मॉडल टाउन के हरविंदर सिंह व परमजीत सिंह सलूजा के इशारे पर किया गया।
दूसरा मुकदमा हरजीत ने लिखाया था
दूसरी रिपोर्ट मॉडल टाउन के ट्रांसपोर्टर हरजीत सिंह ने लिखाई है। उन्होंने अजयपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, उनके भाई इंद्रजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, तेजपाल सिंह को नामजद कराया है। हरजीत सिंह के मुताबिक वह गुरुद्वारा के बाहर खड़े बातें कर रहे थे। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने डंडों व कृपाण से हमला कर दिया था। इसमें हरजीत के गंभीर चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।