{"_id":"120-87148","slug":"Bareilly-87148-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंत की हत्या की गुत्थी सुलझाने पहुंची सीबीआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंत की हत्या की गुत्थी सुलझाने पहुंची सीबीआई
Bareilly
Updated Tue, 11 Feb 2014 05:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बरेली। धोपेश्वरनाथ मंदिर के महंत रहे गोकरन गिरि की हत्या के मामले में चल रही सीबीआई जांच तेज हो गई है। सोमवार को सीबीआई की टीम ने कैंटोनमेंट बोर्ड के दफ्तर जाकर कई घंटे छानबीन की। सीबीआई टीम को इस संबंध में कोई ठोस क्लू मिला कि नहीं इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
धोपेश्वर नाथ मंदिर के महंत गोकरन गिरि की लाश 13 फरवरी 2010 को पोखर में मिली थी। महंत की पोती रचना गोस्वामी ने बसपा विधायक वीरेंद्र गंगवार समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या कर मुकदमा लिखाया था। कैंट पुलिस ने आरोप झूठा होने का दावा कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी दी। इस पर वादी ने हाईकोर्ट की शरण ली। 23 अगस्त 2013 को हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया था। इस मामले में दिल्ली से आई सीबीआई टीम कई दिनों से शहर में डेरा जमाए हुए है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे टीम कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय पहुंची। वहां करीब पांच घंटे तक रिकार्डों की जांच की गई। इस दौरान धोपेश्वर नाथ मंदिर का ट्रस्ट किस नाम से है, किसने बनाया था, किसकी देखरेख में चलता है, मंदिर में कौन-कौन महंत और पुजारी रहा और वर्तमान में कौन है, इन सब बातों की पड़ताल की गई। इससे पहले टीम एसपी क्राइम, मुकदमे के वादी, कैंट पुलिस, कई ट्रस्टियों से भी पूछताछ कर चुकी है।
धोपेश्वर नाथ मंदिर के महंत गोकरन गिरि की लाश 13 फरवरी 2010 को पोखर में मिली थी। महंत की पोती रचना गोस्वामी ने बसपा विधायक वीरेंद्र गंगवार समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या कर मुकदमा लिखाया था। कैंट पुलिस ने आरोप झूठा होने का दावा कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी दी। इस पर वादी ने हाईकोर्ट की शरण ली। 23 अगस्त 2013 को हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया था। इस मामले में दिल्ली से आई सीबीआई टीम कई दिनों से शहर में डेरा जमाए हुए है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे टीम कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय पहुंची। वहां करीब पांच घंटे तक रिकार्डों की जांच की गई। इस दौरान धोपेश्वर नाथ मंदिर का ट्रस्ट किस नाम से है, किसने बनाया था, किसकी देखरेख में चलता है, मंदिर में कौन-कौन महंत और पुजारी रहा और वर्तमान में कौन है, इन सब बातों की पड़ताल की गई। इससे पहले टीम एसपी क्राइम, मुकदमे के वादी, कैंट पुलिस, कई ट्रस्टियों से भी पूछताछ कर चुकी है।
विज्ञापन