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महिला की मौत पर अस्पताल में हंगामा
Bareilly
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:35 PM IST
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बरेली। मिशन अस्पताल में महिला की मौत के बाद बिल भुगतान को लेकर रविवार को हंगामा हो गया। महिला के घर वालों ने अस्पताल के स्टाफ पर अधिक रुपये मांगने का आरोप लगाया। एडीएम सिटी से भी मामले की शिकायत की गई। बाद में समाजसेवा मंच के पदाधिकारियों की पहल पर महिला का शव परिवार वालों को सौंप दिया गया।
सुभाषनगर के बब्बनपुरवा मोहल्ला निवासी टेंपो चालक नाजिम अली की पत्नी शकीना बानो (21) को अपेंडिक्स की तकलीफ थी। आठ दिन पहले उसे मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नाजिम के मुताबिक भर्ती कराते समय अस्पताल प्रशासन ने 30 हजार रुपये खर्च बताया था और 20 हजार रुपये जमा कर दिए थे। शनिवार रात शकीना की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने शव देने से मना कर दिया और 46 हजार रुपए का बिल थमा दिया। गुजारिश करने के बावजूद वे बिल कम करने को राजी नहीं हुए। इस बीच अस्पताल में कई रिश्तेदार जमा हो गए। दोपहर करीब दो बजे समाज सेवा मंच के नदीम शमसी, आबिद अली खान, राहुल आदि नाजिम को साथ ले जाकर एटीएम सिटी आरपी सिंह से मिले। उन्होंने फोन पर अस्पताल मालिक से बात की। इसके बाद बिल के दस हजार रुपये जमा करने की बात कहकर उन्हें अस्पताल भेज दिया। आरोप है कि इसके बाद भी स्टाफ के लोगों ने 15 हजार रुपयों की मांग कर दी। इससे गुस्साए लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया। बाद में समाज सेवा मंच के लोगों ने आपस में रुपये जमा कर अस्पताल प्रशासन को दिए।
इलाज पर 46 हजार आठ सौ रुपए का खर्च आया था। मरीज के परिवार वालों ने इतनी रकम नहीं होने की बात कही थी। इस पर सिर्फ 13 हजार रुपए लेकर महिला का शव उन्हें दे दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने पैसे वसूलने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया।
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सुनील चावला, प्रशासनिक अधिकारी, मिशन अस्पताल
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सुभाषनगर के बब्बनपुरवा मोहल्ला निवासी टेंपो चालक नाजिम अली की पत्नी शकीना बानो (21) को अपेंडिक्स की तकलीफ थी। आठ दिन पहले उसे मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नाजिम के मुताबिक भर्ती कराते समय अस्पताल प्रशासन ने 30 हजार रुपये खर्च बताया था और 20 हजार रुपये जमा कर दिए थे। शनिवार रात शकीना की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने शव देने से मना कर दिया और 46 हजार रुपए का बिल थमा दिया। गुजारिश करने के बावजूद वे बिल कम करने को राजी नहीं हुए। इस बीच अस्पताल में कई रिश्तेदार जमा हो गए। दोपहर करीब दो बजे समाज सेवा मंच के नदीम शमसी, आबिद अली खान, राहुल आदि नाजिम को साथ ले जाकर एटीएम सिटी आरपी सिंह से मिले। उन्होंने फोन पर अस्पताल मालिक से बात की। इसके बाद बिल के दस हजार रुपये जमा करने की बात कहकर उन्हें अस्पताल भेज दिया। आरोप है कि इसके बाद भी स्टाफ के लोगों ने 15 हजार रुपयों की मांग कर दी। इससे गुस्साए लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया। बाद में समाज सेवा मंच के लोगों ने आपस में रुपये जमा कर अस्पताल प्रशासन को दिए।
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इलाज पर 46 हजार आठ सौ रुपए का खर्च आया था। मरीज के परिवार वालों ने इतनी रकम नहीं होने की बात कही थी। इस पर सिर्फ 13 हजार रुपए लेकर महिला का शव उन्हें दे दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने पैसे वसूलने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया।
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सुनील चावला, प्रशासनिक अधिकारी, मिशन अस्पताल