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अभी तो हंस-खेल रहे थे, अब बोलते भी नहीं

Wed, 05 Nov 2014 05:30 AM IST
Bareilly
Bareilly Updated Wed, 05 Nov 2014 05:30 AM IST
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बिथरी चैनपुर। मेहतरपुर करोड़ में अमर सिंह यादव के कुनबे के लिए मंगलवार का दिन अमंगलकारी साबित हुआ। चार घरों के चिराग एक साथ बुझे तो पूरा गांव मातम में डूब गया। बच्चों की मांएं यकीन नहीं कर पाईं कि उनके कलेजे के टुकड़े जो थोड़ी देर पहले तक उन्हें अपनी नटखट शरारतों से परेशान किए हुए थे वो अब हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं। वे उनके शवों से लिपटकर बिलखती रहीं। बच्चों के पिता भी अपने लाड़लों के शव देखकर होश खो बैठे।
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अमर सिंह की आठ संतानें हैं जिनमें से चार की शादी हो चुकी है। छह बेटियों में पांचवें नंबर की सरिता उनकी लाड़ली थी। रोते हुए अमर सिंह ने बताया कि कुछ ही देर पहले सरिता घर में ऊधम मचाए हुए थी। उन्हें क्या पता था कि वह बाहर जाएगी तो जिंदा नहीं लौटेगी। अमर सिंह के भतीजे विष्णु चार भाइयों से अलग पुश्तैनी घर में रहते हैं। तीन साल का कुलदीप उनका इकलौता बेटा था। उसकी मौत पर विष्णु की पत्नी सत्यवती जार-जार रो रही थी।
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अमर सिंह की दूसरे नंबर की बेटी भानी की शादी आंवला के सेंधी चापट गांव में नेत्रपाल से हुई थी। बड़ी बेटी सुनीता भी नेत्रपाल के भाई वेदपाल को ब्याही थी जो छह साल पहले बीमारी से चल बसी। नेत्रपाल भाई दूज पर भानी को लेकर ससुराल आए थे। बेटा दीपक तो पिता के साथ लौट गया, बेटियां नन्ही और स्वाति मां के साथ ननिहाल में रुक गईं। साढ़े दस बजे स्वाति की मौत की खबर मिली तो नेत्रपाल बदहवास हो गए। इज्जतनगर के नौगवां निवासी अमर सिंह भी भाई दूज पर रामबेटी को लेकर उसके भाई विष्णु के घर आए थे और बेटी ममता को उसके साथ छोड़कर गांव लौट गए थे। मंगलवार सुबह उन्हें फोन पर बेटी की मौत की खबर मिली।
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38 साल पुरानी थी दीवार
चार मासूमों की जान लेने वाली छह फुट ऊंची नौ इंच मोटी दीवार 38 साल पहले बनी थी। इसमें सीमेंट के बजाय मिट्टी-गारे का इस्तेमाल किया गया था। इसी दीवार से सटी गली की नाली है जबकि अंदर अमर सिंह के घर का शौचालय बना था। अधिकारियों ने माना कि नाली में हर वक्त पानी की नमी रहने से दीवार कमजोर हो गई और अचानक गिर पड़ी। हादसे से प्रभावित चारों परिवारों की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। बड़े परिवार के मुखिया अमर सिंह पर जरूर तीस बीघा जमीन है लेकिन विष्णु और नेत्रपाल पर तीन-तीन बीघा जमीन ही है। नौगवां के अमर सिंह भी मजदूरी करते हैं।


भगवत सरन अस्पताल पहुंचे
हादसे की सूचना मिलने के बाद लघु उद्योग राज्यमंत्री भगवत सरन गंगवार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने सीएमएस को बुलाकर उनका बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। उधर, एसडीएम फरीदपुर के मौके पर न आने से नाराज सपा के जिला सचिव अरविंद सिंह यादव ने डीएम से फोन पर इसकी शिकायत की। साथ ही प्रभावित परिवारों को बीस-बीस लाख रुपये दिलाने की मांग की।
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