{"_id":"120-100454","slug":"Bareilly-100454-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"40 फीसदी शिकायतें सही होती हैं, वह तो निपटाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
40 फीसदी शिकायतें सही होती हैं, वह तो निपटाएं
Bareilly
Updated Sat, 23 Aug 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
---डाक के लिए दे दी है----
बरेली। जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली शिकायतों में से करीब 40 फीसदी ही सही होती हैं। उन्हें तो गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निस्तारित कर दिया जाए। मंडलीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में शुक्रवार को कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी चारों जिलों से आए अधिकारियों इस बिंदु पर खूब झकझोरा। तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों और वादों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा इसमें जिस भी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी असहयोग कर रहे हैं, उनके नाम बताए जाएं, ताकि उन्हें दंडित किया जा सके। साथ ही हिदायत दी कि जो भी अधिकारी अपने कार्यालय में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई के लिए मौजूद नहीं होंगे, उनकी सूची मुख्य सचिव को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अपना मंडल विकास कार्यक्रम और राजस्व के काम के लिहाज से सूबे स्तर पर जारी नई सूची में तीसरे स्थान पर है। अगली समीक्षा तक इसे नंबर एक पर लाने का लक्ष्य है और इस लिहाज से सभी विभाग अपना कामकाज सुधार लें। सबसे पहले 15 बड़े विभाग के अधिकारी रोजाना तीन बजे तक विभागीय बैठकें और काम निपटाएं एवं सायं चार बजे के बाद समीक्षा करें। मंडल में 5982 आरसी लंबित मिलने कमिश्नर चौंके। इनमें से करीब आधे तो अकेले बरेली जिले के थे। उन्होंने इस पर फोकस करने का आदेश दिया। कहा कि इससे करीब 20 करोड़ रुपये की वसूली हो जाएगी। गरीबों से जुड़ी योजना पर विशेष ध्यान देने का आदेश देते हुए उन्होंने राशन वितरण प्रणाली को कंप्यूटरीकृत करने का भी निर्देश दिए। इसके लिए उभन्होंने दो माह में कोटेदारों की बैठक करने को कहा। जिन मनरेगा मजदूरों ने 50 दिन काम किया है, उनके रजिस्ट्रेशन का निर्देश दिया।
श्रम विभाग में मजदूरों के पंजीयन की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं को स्कीम तक मालूम नहीं है। राजकीय निर्माण निगम, सीएंडडीएस, आरईएस, पीडब्ल्यूडी, पैकफेड, जल निगम, समाज कल्याण, निर्माण निगम आदि विभागों में मजदूरों के पंजीयन के बाद ही भुगतान का निर्देश जारी किया। बैठक में डीएम संजय कुमार चारों जिलों के प्रशासनिक, राजस्व और विकास महकमे के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
-------
कमिश्नर के निर्देश
- व्यापार कर अधिकारियों का जहां विरोध हो, वहां लगातार तीन दिन रेड की जाए, पुलिस बल की जरूरत हो तो कमिश्नर को बताएं।
- डग्गामार बसों, टेंपो और ऑटो पर शिकंजा कसने के लिए हर हफ्ते अभियान चलाया जाए।
- कच्ची-अवैध शराब के खिलाफ पुलिस, आबकारी और राजस्व विभाग साझा अभियान चलाएं।
- भू-माफिया पर शिकंजा कसने और हर हाल में अवैध कब्जा न होने देने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों की है।
- अवैध आरा मशीन सीज होंगे, नहर कटिंग पर सौ फीसदी एफआईआर दर्ज की जाए।
- मछली पालन के लिए नीलामी योग्य तालाबों की विज्ञापन प्रकाशन 30 अगस्त तक होगा।
- कमिश्नर की बैठक में विभागों से जिला स्तरीय नंबर एक अधिकारी ही भाग लेंगे, सहयोगी या प्रतिनिधि नहीं आएंगे।
विज्ञापन
बरेली। जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली शिकायतों में से करीब 40 फीसदी ही सही होती हैं। उन्हें तो गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निस्तारित कर दिया जाए। मंडलीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में शुक्रवार को कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी चारों जिलों से आए अधिकारियों इस बिंदु पर खूब झकझोरा। तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों और वादों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा इसमें जिस भी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी असहयोग कर रहे हैं, उनके नाम बताए जाएं, ताकि उन्हें दंडित किया जा सके। साथ ही हिदायत दी कि जो भी अधिकारी अपने कार्यालय में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई के लिए मौजूद नहीं होंगे, उनकी सूची मुख्य सचिव को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अपना मंडल विकास कार्यक्रम और राजस्व के काम के लिहाज से सूबे स्तर पर जारी नई सूची में तीसरे स्थान पर है। अगली समीक्षा तक इसे नंबर एक पर लाने का लक्ष्य है और इस लिहाज से सभी विभाग अपना कामकाज सुधार लें। सबसे पहले 15 बड़े विभाग के अधिकारी रोजाना तीन बजे तक विभागीय बैठकें और काम निपटाएं एवं सायं चार बजे के बाद समीक्षा करें। मंडल में 5982 आरसी लंबित मिलने कमिश्नर चौंके। इनमें से करीब आधे तो अकेले बरेली जिले के थे। उन्होंने इस पर फोकस करने का आदेश दिया। कहा कि इससे करीब 20 करोड़ रुपये की वसूली हो जाएगी। गरीबों से जुड़ी योजना पर विशेष ध्यान देने का आदेश देते हुए उन्होंने राशन वितरण प्रणाली को कंप्यूटरीकृत करने का भी निर्देश दिए। इसके लिए उभन्होंने दो माह में कोटेदारों की बैठक करने को कहा। जिन मनरेगा मजदूरों ने 50 दिन काम किया है, उनके रजिस्ट्रेशन का निर्देश दिया।
विज्ञापन
श्रम विभाग में मजदूरों के पंजीयन की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं को स्कीम तक मालूम नहीं है। राजकीय निर्माण निगम, सीएंडडीएस, आरईएस, पीडब्ल्यूडी, पैकफेड, जल निगम, समाज कल्याण, निर्माण निगम आदि विभागों में मजदूरों के पंजीयन के बाद ही भुगतान का निर्देश जारी किया। बैठक में डीएम संजय कुमार चारों जिलों के प्रशासनिक, राजस्व और विकास महकमे के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
-------
कमिश्नर के निर्देश
- व्यापार कर अधिकारियों का जहां विरोध हो, वहां लगातार तीन दिन रेड की जाए, पुलिस बल की जरूरत हो तो कमिश्नर को बताएं।
- डग्गामार बसों, टेंपो और ऑटो पर शिकंजा कसने के लिए हर हफ्ते अभियान चलाया जाए।
- कच्ची-अवैध शराब के खिलाफ पुलिस, आबकारी और राजस्व विभाग साझा अभियान चलाएं।
- भू-माफिया पर शिकंजा कसने और हर हाल में अवैध कब्जा न होने देने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों की है।
- अवैध आरा मशीन सीज होंगे, नहर कटिंग पर सौ फीसदी एफआईआर दर्ज की जाए।
- मछली पालन के लिए नीलामी योग्य तालाबों की विज्ञापन प्रकाशन 30 अगस्त तक होगा।
- कमिश्नर की बैठक में विभागों से जिला स्तरीय नंबर एक अधिकारी ही भाग लेंगे, सहयोगी या प्रतिनिधि नहीं आएंगे।