{"_id":"5b9582dc867a557f6a2a2efa","slug":"91536525020-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवि में छेड़छाड़ मामलाः फ्रेशर पार्टी पर रोक मगर छेड़खानी पर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवि में छेड़छाड़ मामलाः फ्रेशर पार्टी पर रोक मगर छेड़खानी पर नहीं
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बरेली। एक तरफ मोदी सरकार देश भर में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का ढिंढोरा पीट रही है, दूसरी तरफ रुहेलखंड विश्वविद्यालय में निहायत हठधर्मिता के साथ नारी गरिमा की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के इंजीनियर विभाग में आयोजित फ्रेशर पार्टी में छेड़खानी और फिर सोमवार को पीड़ित छात्रा और आरोपी छात्र के बीच सरेआम मारपीट होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इतना भर किया कि सभी विभागों में फ्रेशर पार्टी का आयोजन करने पर रोक लगा दी। लेकिन छेड़खानी की घटना न कोई जांच कराई गई न कोई कानूनी कार्रवाई की गई।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में लगातार छेड़खानी की घटनाएं हो रही हैं। इक्का-दुक्का घटनाओं को छोड़कर ज्यादातर में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अधिकारियों का रुख काफी नर्मी भरा रहा है। शनिवार को इंजीनियरिंग विभाग में हुई फ्रेशर पार्टी में एक छात्रा के साथ छेड़खानी की गई थी। सोमवार को दोनों के बीच गर्ल्स कॉमन रूम के बाहर सरेआम मारपीट हुई तो प्रॉक्टोरियल बोर्ड हरकत में आया, लेकिन कार्रवाई के लिए नहीं बल्कि मामले पर लीपापोती करने के लिए। आदेश जारी किया गया कि किसी विभाग में फ्रेशर पार्टी नहीं होगी। छात्रों को दूसरे आयोजनों की भी अनुमति लेनी होगी। इंजीनियरिंग विभाग में मंगलवार को छात्रों ने एक कार्यक्रम की अनुमति मांगी तो यह कहकर मना कर दिया गया कि अगर कोई बात हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती के अनुसार बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं फ्रेशर पार्टी में जो घटना बताई जा रही है, उसके बारे में पूछताछ होगी। आरोपी छात्र की भी पहचान होगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति की रिपोर्ट- यह छेड़खानी नहीं सिर्फ ‘शोषण’
बरेली। विश्वविद्यालय में एमएससी छात्रा से छेड़छाड़ मामले में जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को कुलपति को सौंप दी है। छेड़खानी या मारपीट से परे जाते हुए समिति ने यह मामला ‘शोषण’ का करार दिया है। यह साफ नहीं किया है कि यह ‘शोषण’ आखिर था किस तरह का। उधर, नोटिस के बाद भी आरोपी छात्र जांच समिति के सामने पेश नहीं हुआ। समिति ने उसका रिकॉर्ड खंगालने और मामले की जांच ग्रीवांस सेल से कराने की संस्तुति की है।
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विश्वविद्यालय में एमएससी की छात्रा के साथ एमबीए के छात्र ने सरेआम छेड़खानी की थी। पहले भी वह छात्रा को परेशान कर चुका था। छात्रा ने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन चूंकि आरोपी विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी का बेटा है इसलिए पूरा अमला उसे बचाने में लग गया। विश्वविद्यालय के एक बड़े साहब का दबाव पड़ा तो पुलिस ने उसकी तहरीर बदलवा दी। छेड़खानी के मामले को मारपीट का बना दिया गया। दूसरी तरफ कुलपति ने मामले में जांच समिति भी गठित की। समिति ने पीड़ित छात्रा और सहपाठियों से पूछताछ की। आरोपी छात्र को भी बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद कुलपति को जो जांच रिपोर्ट दी गई, उसमें घटना को ‘शोषण’ करार दिया गया। आरोपी छात्र पहले से ही एक माह के लिए निलंबित किया जा चुका है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती के अनुसार रिपोर्ट कुलपति को चली गई है। उन्होंने कहा कि कुलपति के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
ग्रीवांस सेल नहीं चलेगी सिफारिश
अभी तक आरोपी छात्र को बचाने की पूरी कोशिश हुई, लेकिन ग्रीवांस सेल में मामला पहुंचने के बाद कायदे जांच होगी। इसमें बाहरी लोग भी होते हैं जो बिना पक्षपात के जांच करेंगे। सूत्रों की माने तो समिति पहले ग्रीवांस सेल को मामला भेजने को तैयार नहीं थी। बाद में छात्र की हरकतों को देखते हुए मामला ग्रीवांस सेल को भेजने का निर्णय लिया।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में लगातार छेड़खानी की घटनाएं हो रही हैं। इक्का-दुक्का घटनाओं को छोड़कर ज्यादातर में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अधिकारियों का रुख काफी नर्मी भरा रहा है। शनिवार को इंजीनियरिंग विभाग में हुई फ्रेशर पार्टी में एक छात्रा के साथ छेड़खानी की गई थी। सोमवार को दोनों के बीच गर्ल्स कॉमन रूम के बाहर सरेआम मारपीट हुई तो प्रॉक्टोरियल बोर्ड हरकत में आया, लेकिन कार्रवाई के लिए नहीं बल्कि मामले पर लीपापोती करने के लिए। आदेश जारी किया गया कि किसी विभाग में फ्रेशर पार्टी नहीं होगी। छात्रों को दूसरे आयोजनों की भी अनुमति लेनी होगी। इंजीनियरिंग विभाग में मंगलवार को छात्रों ने एक कार्यक्रम की अनुमति मांगी तो यह कहकर मना कर दिया गया कि अगर कोई बात हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती के अनुसार बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं फ्रेशर पार्टी में जो घटना बताई जा रही है, उसके बारे में पूछताछ होगी। आरोपी छात्र की भी पहचान होगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जांच समिति की रिपोर्ट- यह छेड़खानी नहीं सिर्फ ‘शोषण’
बरेली। विश्वविद्यालय में एमएससी छात्रा से छेड़छाड़ मामले में जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को कुलपति को सौंप दी है। छेड़खानी या मारपीट से परे जाते हुए समिति ने यह मामला ‘शोषण’ का करार दिया है। यह साफ नहीं किया है कि यह ‘शोषण’ आखिर था किस तरह का। उधर, नोटिस के बाद भी आरोपी छात्र जांच समिति के सामने पेश नहीं हुआ। समिति ने उसका रिकॉर्ड खंगालने और मामले की जांच ग्रीवांस सेल से कराने की संस्तुति की है।
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विश्वविद्यालय में एमएससी की छात्रा के साथ एमबीए के छात्र ने सरेआम छेड़खानी की थी। पहले भी वह छात्रा को परेशान कर चुका था। छात्रा ने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन चूंकि आरोपी विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी का बेटा है इसलिए पूरा अमला उसे बचाने में लग गया। विश्वविद्यालय के एक बड़े साहब का दबाव पड़ा तो पुलिस ने उसकी तहरीर बदलवा दी। छेड़खानी के मामले को मारपीट का बना दिया गया। दूसरी तरफ कुलपति ने मामले में जांच समिति भी गठित की। समिति ने पीड़ित छात्रा और सहपाठियों से पूछताछ की। आरोपी छात्र को भी बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद कुलपति को जो जांच रिपोर्ट दी गई, उसमें घटना को ‘शोषण’ करार दिया गया। आरोपी छात्र पहले से ही एक माह के लिए निलंबित किया जा चुका है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती के अनुसार रिपोर्ट कुलपति को चली गई है। उन्होंने कहा कि कुलपति के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
ग्रीवांस सेल नहीं चलेगी सिफारिश
अभी तक आरोपी छात्र को बचाने की पूरी कोशिश हुई, लेकिन ग्रीवांस सेल में मामला पहुंचने के बाद कायदे जांच होगी। इसमें बाहरी लोग भी होते हैं जो बिना पक्षपात के जांच करेंगे। सूत्रों की माने तो समिति पहले ग्रीवांस सेल को मामला भेजने को तैयार नहीं थी। बाद में छात्र की हरकतों को देखते हुए मामला ग्रीवांस सेल को भेजने का निर्णय लिया।