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सिटी श्मशान भूमि में 24 शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार
Updated Sat, 10 Jun 2017 01:13 PM IST
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बरेली। हाईवे पर इंवर्टिस तिराहे के पास रविवार रात ट्रक और बस की भिड़ंत से हुए भीषण हादसे में मिले 24 शवों का शुक्रवार को सिटी शमशान भूमि में नम आंखों के बीच सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। इनमें शामिल तीन बच्चों के शवों को नोएडा के शेर सिंह ने श्मशान भूमि के पास ही दफना दिया। इस दर्दनाक मंजर को देखकर वहां मौजूद हर शख्स रो पड़ा। डीएम डॉ. पिंकी जोवल और एसएसपी जोगेंद्र कुमार समेत सभी अफसरों की आंखें भी नम हो गईं। भाजपा के नेताओं ने भी श्मशान भूमि पहुंचकर मृतकों को अंतिम विदाई दी।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे लाशें सिटी श्मशान भूमि पहुंचाईं गईं। श्मशान भूमि परिसर में स्थित शिव मंदिर के बाबा रम्पू ने चिताओं को मुखाग्नि दी। 21 चिताएं एक साथ जलने पर मातमी माहौल था। नोएडा के शेर सिंह के परिवार के पांच लोगों की हादसे में जान गई है। वह पत्नी की पहचान नहीं कर पाया। हादसे में तीन बच्चों की भी मौत हुई है, तीनों लाशों को लेकर वह काफी देर तक दहाड़े मारकर रोता रहा। इससे बाद वह उन्हें हाथों में उठाकर रोता-बिलखता दफनाने को ले जाने लगा, श्मशान घाट में मौजूद हर शख्स यह मंजर देखकर रोने लगा। अधिकारियों की पलकें भी भीग गईं। नोएडा से साथ आए दोस्तों ने किसी तरह शेर सिंह को समझाकर शांत किया। शेर सिंह के अलावा बाकी लाशों के दावेदार बाहर बैठे सिसकियां लेकर रोते रहे। शकुंतला देवी की बेटी सोनी के चेहरे पर मां से बिछुड़ने का गम साफ नजर आ रहा था।
अधिकारियों और शहर के गणमान्य लोगों की कमेटी और मृतकों के दावेदारों की सहमति लेकर बस हादसे में मरने वाले 24 शवों का अंतिम संस्कार कराया गया है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है। 10-12 सप्ताह में डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद उसे दावेदारों से मैच कराने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होंगे। इसके बाद आर्थिक सहायता देने की कार्रवाई होगी। डीएनए मैच होने के बाद पीड़ितों के लिए एक काउंटर खोल दिया जाएगा।
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-डॉ. पिंकी जोवल, डीएम, बरेली
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शुक्रवार सुबह करीब दस बजे लाशें सिटी श्मशान भूमि पहुंचाईं गईं। श्मशान भूमि परिसर में स्थित शिव मंदिर के बाबा रम्पू ने चिताओं को मुखाग्नि दी। 21 चिताएं एक साथ जलने पर मातमी माहौल था। नोएडा के शेर सिंह के परिवार के पांच लोगों की हादसे में जान गई है। वह पत्नी की पहचान नहीं कर पाया। हादसे में तीन बच्चों की भी मौत हुई है, तीनों लाशों को लेकर वह काफी देर तक दहाड़े मारकर रोता रहा। इससे बाद वह उन्हें हाथों में उठाकर रोता-बिलखता दफनाने को ले जाने लगा, श्मशान घाट में मौजूद हर शख्स यह मंजर देखकर रोने लगा। अधिकारियों की पलकें भी भीग गईं। नोएडा से साथ आए दोस्तों ने किसी तरह शेर सिंह को समझाकर शांत किया। शेर सिंह के अलावा बाकी लाशों के दावेदार बाहर बैठे सिसकियां लेकर रोते रहे। शकुंतला देवी की बेटी सोनी के चेहरे पर मां से बिछुड़ने का गम साफ नजर आ रहा था।
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अधिकारियों और शहर के गणमान्य लोगों की कमेटी और मृतकों के दावेदारों की सहमति लेकर बस हादसे में मरने वाले 24 शवों का अंतिम संस्कार कराया गया है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है। 10-12 सप्ताह में डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद उसे दावेदारों से मैच कराने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होंगे। इसके बाद आर्थिक सहायता देने की कार्रवाई होगी। डीएनए मैच होने के बाद पीड़ितों के लिए एक काउंटर खोल दिया जाएगा।
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-डॉ. पिंकी जोवल, डीएम, बरेली