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फीस मामलाः डीएम, कमिश्नर सब वादे करके भूल गए
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बरेली। योगी सरकार पेरेंट्स को स्कूलों की मनमानी फीस से राहत दिलाने को शुल्क अध्यादेश लाई। फिर कानून बना जिसके तहत जिले स्तर पर शुल्क समितियां गठित हुईं। पेरेंट्स को उम्मीद थी शायद अब उनको स्कूलों की मोटी फीस से कुछ राहत मिल जाएगी। अफसरों ने जल्द कार्रवाई के वादे तो किए, लेकिन वो सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रहे गए। शैक्षिक सत्र समाप्त होने वाला है, लेकिन अफसरों की दिखावटी कार्रवाई उसी गति से चल रही। स्कूलों ने भी मान लिया कि अब कुछ होने वाला नहीं तो वहां मासूमों का प्रताड़ित किया जाने लगा। उनको क्लास से बाहर खड़ा करना और परीक्षा से वंचित करने की धमकी देना आए दिन की बात है। फीस कम होने की उम्मीद में ही छह से आठ हजार अभिभावकों ने फीस नहीं जमा की। अब उनको स्कूल नोटिस थमा रहे हैं।
शुल्क अध्यादेश के तहत सभी स्कूलों से फीस और अन्य सारा डाटा लिया गया। ऑडिट रिपोर्ट और बैलेंस शीट भी जमा कराई गई। जिला कमेटी ने पूरी रिपोर्ट बनाकर मंडलीय कमेटी को सौंपी। डीएम कमिश्नर ने बैठकें भी कीं, लेकिन उसका रिजल्ट कुछ नहीं निकला। जब मंडल स्तर पर कुछ कार्रवाई होने की उम्मीद आई तो अफसरों ने शुल्क निर्धारण कानून की आड़ ले लगी। जिला शुल्क कमेटी गठित हुए करीब दो माह बीत चुके हैं। डीएम की अध्यक्षता में तीन बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन फीस समायोजन का आदेश अभी तक जारी नहीं हो सका। सूत्रों की माने तो अफसरों ने स्कूलों से सांठगांठ कर ली और कार्रवाई को लटका रहे हैं। हालांकि डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा का कहना है कि समिति ने कार्रवाई पूरी कर ली है। डीएम से वार्ता करके फीस समायोजन का आदेश भी जारी हो जाएगा। सत्र समाप्त होने से पहले अभिभावकों को राहत मिल जाएगी।
डीआईओएस के खिलाफ अभिभावक संघ खोलेगा मोर्चा
बरेली। जिला शुल्क कमेटी अभी तक कागजी कार्रवाई में ही उलझी हुई जिसके चलते अभिभावकों को मनमानी फीस से राहत नहीं मिल सकी। अब अभिभावक संघ ने समिति के सचिव डीआईओएस के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। अभिभावक संघ की बुधवार बैठक हुई। इसमें अफसरों की लापरवाही और स्कूलों की मनमानी के खिलाफ फिर से आंदोलन किया जाएगा। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने बताया कि गुरुवार को इस संबंध में डीएम से भी वार्ता की जाएगी। अंकुर सक्सेना का कहना है कि समिति की ढुलमुल रवैया से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्कूलों ने सही डाटा नहीं दिया। समिति जिस दिशा में कार्य कर रही है उससे अभिभावकों को बहुत ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली। अब बोर्ड परीक्षाएं होने वाली हैं तो डीआईओएस उसमें उलझ जाएंगे। समिति फीस समायोजन का आदेश जारी नहीं कर पाएगी। इसलिए अब फिर से आंदोलन किया जाएगा। समिति से डीआईओएस को हटाने की मांग की जाएगी। बैठक में अजय चौहान, संजय अरोरा, संजीव मेहरोत्रा, राहुल याद, डॉ. अतुल, अपुल श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।
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शुल्क अध्यादेश के तहत सभी स्कूलों से फीस और अन्य सारा डाटा लिया गया। ऑडिट रिपोर्ट और बैलेंस शीट भी जमा कराई गई। जिला कमेटी ने पूरी रिपोर्ट बनाकर मंडलीय कमेटी को सौंपी। डीएम कमिश्नर ने बैठकें भी कीं, लेकिन उसका रिजल्ट कुछ नहीं निकला। जब मंडल स्तर पर कुछ कार्रवाई होने की उम्मीद आई तो अफसरों ने शुल्क निर्धारण कानून की आड़ ले लगी। जिला शुल्क कमेटी गठित हुए करीब दो माह बीत चुके हैं। डीएम की अध्यक्षता में तीन बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन फीस समायोजन का आदेश अभी तक जारी नहीं हो सका। सूत्रों की माने तो अफसरों ने स्कूलों से सांठगांठ कर ली और कार्रवाई को लटका रहे हैं। हालांकि डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा का कहना है कि समिति ने कार्रवाई पूरी कर ली है। डीएम से वार्ता करके फीस समायोजन का आदेश भी जारी हो जाएगा। सत्र समाप्त होने से पहले अभिभावकों को राहत मिल जाएगी।
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डीआईओएस के खिलाफ अभिभावक संघ खोलेगा मोर्चा
बरेली। जिला शुल्क कमेटी अभी तक कागजी कार्रवाई में ही उलझी हुई जिसके चलते अभिभावकों को मनमानी फीस से राहत नहीं मिल सकी। अब अभिभावक संघ ने समिति के सचिव डीआईओएस के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। अभिभावक संघ की बुधवार बैठक हुई। इसमें अफसरों की लापरवाही और स्कूलों की मनमानी के खिलाफ फिर से आंदोलन किया जाएगा। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने बताया कि गुरुवार को इस संबंध में डीएम से भी वार्ता की जाएगी। अंकुर सक्सेना का कहना है कि समिति की ढुलमुल रवैया से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्कूलों ने सही डाटा नहीं दिया। समिति जिस दिशा में कार्य कर रही है उससे अभिभावकों को बहुत ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली। अब बोर्ड परीक्षाएं होने वाली हैं तो डीआईओएस उसमें उलझ जाएंगे। समिति फीस समायोजन का आदेश जारी नहीं कर पाएगी। इसलिए अब फिर से आंदोलन किया जाएगा। समिति से डीआईओएस को हटाने की मांग की जाएगी। बैठक में अजय चौहान, संजय अरोरा, संजीव मेहरोत्रा, राहुल याद, डॉ. अतुल, अपुल श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।
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