{"_id":"5c0ab6e1bdec2241af666285","slug":"81544206049-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब चार साल का हुआ बीएड कोर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब चार साल का हुआ बीएड कोर्स
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अब दो साल का बीएड नहीं, बल्कि चार साल का एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) करना होगा। इसका गजट जारी हो गया है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नए कोर्स की मान्यता के लिए आवेदन भी खोले हैं। हालांकि उसे कुछ दिन के लिए टाल दिया गया है। वहीं गजट जारी होने के बाद चार साल के कोर्स और एनसीटीई के मानकों के अनुसार शिक्षक रखने को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। आईटीईपी कोर्स भी बारहवीं के बाद किया जा सकेगा।
कुछ वर्ष तक बीएड एक साल का होता था। एनसीटीई ने इसको दो साल का कर दिया। पिछले साल से बीएड कोर्स चार साल का करने की तैयारी थी। अब उसे लागू कर दिया गया है। हालांकि नए कॉलेजों के आवेदन रुकने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नया कोर्स इसी साल से होगा या अगले सत्र से, क्योंकि कुछ दिन बाद बीएड एंट्रेंस के आवेदन भी शुरू हो जाएंगे। आईटीईपी कोर्स कला और विज्ञान वर्ग में बारहवीं के बाद किया जा सकेगा। इसका मकसद है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर अच्छे शिक्षक तैयार हों। चार साल का यह कोर्स पूरा करने के लिए छह साल का वक्त दिया जाएगा। इसमें आठ सेमेस्टर होंगे। प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर बाकी सेमेस्टर कम से कम 125 दिन न्यूनतम 840 घंटे होंगे। इसमें छात्रों की उपस्थिति 80 फीसदी अनिवार्य होगी। पचास छात्रों की एक यूनिट होगी। मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा। एनसीटीई के मानकों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। वहीं गजट में यह भी बताया गया है कि एक यूनिट या दो यूनिट होने पर कितने शिक्षक रखने होंगे। वहीं चार साल के बीएड कोर्स के लिए शिक्षक और कॉलेज परिसर के लिए मानक तय किए गए हैं। यह मानक कॉलेजों की टेंशन बढ़ा सकते हैं, क्योंकि मानक पूरे करने में ही कॉलेजों के पसीने छूट जाएंगे। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल के अनुसार बीएड की जगह चार साल के आईटीईपी कोर्स का गजट हो गया है। शासन से जैसे निर्देश होंगे विश्वविद्यालय स्तर से वैसी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कुछ वर्ष तक बीएड एक साल का होता था। एनसीटीई ने इसको दो साल का कर दिया। पिछले साल से बीएड कोर्स चार साल का करने की तैयारी थी। अब उसे लागू कर दिया गया है। हालांकि नए कॉलेजों के आवेदन रुकने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नया कोर्स इसी साल से होगा या अगले सत्र से, क्योंकि कुछ दिन बाद बीएड एंट्रेंस के आवेदन भी शुरू हो जाएंगे। आईटीईपी कोर्स कला और विज्ञान वर्ग में बारहवीं के बाद किया जा सकेगा। इसका मकसद है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर अच्छे शिक्षक तैयार हों। चार साल का यह कोर्स पूरा करने के लिए छह साल का वक्त दिया जाएगा। इसमें आठ सेमेस्टर होंगे। प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर बाकी सेमेस्टर कम से कम 125 दिन न्यूनतम 840 घंटे होंगे। इसमें छात्रों की उपस्थिति 80 फीसदी अनिवार्य होगी। पचास छात्रों की एक यूनिट होगी। मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा। एनसीटीई के मानकों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। वहीं गजट में यह भी बताया गया है कि एक यूनिट या दो यूनिट होने पर कितने शिक्षक रखने होंगे। वहीं चार साल के बीएड कोर्स के लिए शिक्षक और कॉलेज परिसर के लिए मानक तय किए गए हैं। यह मानक कॉलेजों की टेंशन बढ़ा सकते हैं, क्योंकि मानक पूरे करने में ही कॉलेजों के पसीने छूट जाएंगे। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल के अनुसार बीएड की जगह चार साल के आईटीईपी कोर्स का गजट हो गया है। शासन से जैसे निर्देश होंगे विश्वविद्यालय स्तर से वैसी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन