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गर्भवती का स्टाफ नर्स ने ही कर दिया ऑपरेशन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:04 AM IST
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सीएचसी में प्रसव कराने आई एक महिला का स्टाफ नर्स ने ही ऑपरेशन कर दिया। प्रसव के बाद प्रसूता घर पहुंची तो उसकी हालत बिगड़ गई। प्रसूता के पति ने उसे फिर सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से महिला को रेफर कर दिया गया। मजबूरन पति ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। महिला के पति ने नवाबगंज थाने में नर्स के खिलाफ तहरीर दी है।
समुहा गांव के मजरा मानपुर के कांता प्रसाद मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। पत्नी रेखा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर कांता प्रसाद ने उन्हें चार अगस्त को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां बुधवार रात करीब तीन बजे महिला डॉक्टर की गैर मौजूदगी में स्टाफ नर्स ने उसका ऑपरेशन करके प्रसव करा दिया। आरोप है कि प्रसव के बाद स्टाफ नर्स मिथलेश ने उनसे मिठाई के लिए एक हजार रुपये भी ले लिए। इसके बाद अगले दिन प्रसूता को घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई तो उसे फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर देखकर रेफर कर दिया।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। स्टाफ नर्स सिर्फ हल्का चीरा लगा सकती है। आपरेशन करने की बात गलत है। स्टाफ नर्स ने प्रसूता से रुपये लिए हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में नर्स दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डॉ. आरएन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक
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समुहा गांव के मजरा मानपुर के कांता प्रसाद मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। पत्नी रेखा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर कांता प्रसाद ने उन्हें चार अगस्त को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां बुधवार रात करीब तीन बजे महिला डॉक्टर की गैर मौजूदगी में स्टाफ नर्स ने उसका ऑपरेशन करके प्रसव करा दिया। आरोप है कि प्रसव के बाद स्टाफ नर्स मिथलेश ने उनसे मिठाई के लिए एक हजार रुपये भी ले लिए। इसके बाद अगले दिन प्रसूता को घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई तो उसे फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर देखकर रेफर कर दिया।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। स्टाफ नर्स सिर्फ हल्का चीरा लगा सकती है। आपरेशन करने की बात गलत है। स्टाफ नर्स ने प्रसूता से रुपये लिए हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में नर्स दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डॉ. आरएन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक
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