फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   7.5 lakh metric tonnes of garbage is a challenge... if the disposal rate remains the same, it will take two years

Bareilly News: 7.5 लाख मीट्रिक टन कूड़ा चुनौती... निस्तारण की यही रफ्तार रही तो लगेंगे दो साल

Sat, 10 May 2025 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 May 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
7.5 lakh metric tonnes of garbage is a challenge... if the disposal rate remains the same, it will take two years
बरेली। शहर के लिए 7.5 लाख मीट्रिक टन कूड़ा चुनौती बना हुआ है। इसके निस्तारण के लिए कूड़ा निस्तारण संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 1700 मीट्रिक टन से बढ़ाकर तीन हजार मीट्रिक टन करने की तैयारी है मगर, यह कब तक हो पाएगा यह तय नहीं है। निस्तारण की वर्तमान रफ्तार से कूड़े के निपटारे में दो साल का समय लग सकता है।
विज्ञापन

जनवरी 2022 में बाकरगंज में जमा आठ लाख मीट्रिक कूड़े के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। यहां प्रतिदिन 500 मीट्रिक टन नया कूड़ा भी पहुंचता है। जनवरी 2022 से अप्रैल 2025 तक 39 महीने में करीब नौ लाख मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित होने का दावा है। इसे सही माना जाए तो भी मई 2025 को बाकरगंज में करीब पांच लाख मीट्रिक कूड़ा बचे होने का अनुमान है। कूड़े की दूसरी साइट सरायतल्फी में करीब ढाई लाख मीट्रिक टन कूड़ा है।
विज्ञापन


नगर निगम की लीगेसी वेस्ट सिस्टम की मौजूदा निस्तारण क्षमता बाकरगंज में 1700 मीट्रिक टन है। बारिश और पावर कट तथा मशीनरी फॉल्ट होने से औसतन 1200 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निस्तारित हुआ है। अब इसे तीन हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंचाने की तैयारी है। यह क्षमता होने पर औसतन 2200-2500 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक कूड़ा निस्तारित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरायतल्फी में 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन की क्षमता का लीगेसी वेस्ट प्लांट लगाया जा चुका है। अगले महीने में बिजली कनेक्शन होते ही इसके संचालन की उम्मीद है। सथरापुर में प्रतिदिन 500 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित करने की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपने के लिए टेंडर निकाले गए हैं। ब्यूरो



--
मैंने ज्वाइन करते ही कूड़ा निस्तारण क्षमता में वृद्धि के लिए प्रयास किए, आने वाले दिनों में इसका असर दिखेगा क्योंकि सरायतल्फी में 700 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निस्तारित करने की तैयारी है। सथरापुर में 500 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित करने के लिए निजी फर्म से प्लांट लगवाने की तैयारी है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त


लोगों की बात

कूड़े की वजह से क्षेत्र में जमीन के दाम घट गए। रिश्तेदार भी आना नहीं चाहते। - यास्मीम खानम, बाकरगंज

कूड़े की वजह से आए दिन लोग बीमार हो रहे हैं। पानी दूषित हो गया। हवा भी प्रदूषित है। जल्द राहत दी जाए। -शाहीन, बाकरगंज
---
40 हजार मीट्रिक टन मिट्टी भी डंप
बाकरगंज में लीगेसी से निकाली गई 40 हजार मीट्रिक टन मिट्टी लेने में भी किसी की रुचि नहीं है। हालांकि, मलबा लोग ले जाते हैं। यहां प्रतिदिन 700 मीट्रिक टन मिट्टी और 150 मीट्रिक टन मलबा निकालता है। एजेंसी का दावा है कि करीब 100 मीट्रिक टन आरडीएफ बनता है। आरडीएफ तो पेपर मिल और सीमेंट फैक्टरी को भेजा जा रहा है लेकिन मिट्टी और मलबा को लोग गड्ढों वाली जमीन के भराव में इस्तेमाल कर रहे हैं। मिट्टी व मलबा निशुल्क दिया जाता। इसके बाद भी लोग मिट्टी लेना नहीं चाहते।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed