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आधार की धार.. आंगनबाड़ी केंद्रों से 80 हजार लाभार्थी साफ
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:04 PM IST
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बरेली।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आधार की अनिवार्यता के बाद 80 हजार फर्जी लाभार्थियों का पत्ता साफ हो गया है। इससे पुष्टाहार बांटने में पहले बड़े स्तर पर हो रही गड़बड़ी का भी खुलासा हो रहा है। लाभार्थियों की संख्या कम होने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलने वाले पुष्टाहार में भी कटौती कर दी गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं और सात वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त पुष्टाहार देने के लिए पहले दो लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन थे। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग इसी आधार पर महीने में तीन बार पुष्टाहार उपलब्ध कराता था। पुष्टाहार बांटने में गड़बड़ी की शिकायतों पर जब आधार को अनिवार्य किया गया तो फर्जी लाभार्थी साफ हो गए और पुष्टाहार लेने वालों की तादाद घटकर 1.22 लाख ही रह गई है। इसमें भी यह माना गया कि सभी महिलाएं और बच्चे हर बार पुष्टाहार लेने नहीं आते हैं। लिहाजा अब केवल 80 प्रतिशत ही पुष्टाहार भेजा जा रहा है।
गायब लोगों के नाम पर गड़बड़ी
आंगनबाड़ी केंद्रों पर जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उनमें तमाम परिवार ऐसे हैं, जो बाहर मजदूरी करते हैं। ये लोग कभी पुष्टाहार लेने नहीं आते लेकिन उनके नाम पर वितरण दिखा दिया जाता है। जल्दी ये मामले पकड़ में भी नहीं आते हैं। आधार अनिवार्य किया गया तो पुष्टाहार वितरण में हो रहा खेल सामने आ गया।
पुष्टाहार बांटने में आधार को लागू करने के बाद लाभार्थी काफी कम हो गए हैं। इससे पुष्टाहार बांटने में गड़बड़ी को भी काफी हद तक कम कर दिया गया है।
- बुद्धि मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर आधार की अनिवार्यता के बाद 80 हजार फर्जी लाभार्थियों का पत्ता साफ हो गया है। इससे पुष्टाहार बांटने में पहले बड़े स्तर पर हो रही गड़बड़ी का भी खुलासा हो रहा है। लाभार्थियों की संख्या कम होने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलने वाले पुष्टाहार में भी कटौती कर दी गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं और सात वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त पुष्टाहार देने के लिए पहले दो लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन थे। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग इसी आधार पर महीने में तीन बार पुष्टाहार उपलब्ध कराता था। पुष्टाहार बांटने में गड़बड़ी की शिकायतों पर जब आधार को अनिवार्य किया गया तो फर्जी लाभार्थी साफ हो गए और पुष्टाहार लेने वालों की तादाद घटकर 1.22 लाख ही रह गई है। इसमें भी यह माना गया कि सभी महिलाएं और बच्चे हर बार पुष्टाहार लेने नहीं आते हैं। लिहाजा अब केवल 80 प्रतिशत ही पुष्टाहार भेजा जा रहा है।
गायब लोगों के नाम पर गड़बड़ी
आंगनबाड़ी केंद्रों पर जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उनमें तमाम परिवार ऐसे हैं, जो बाहर मजदूरी करते हैं। ये लोग कभी पुष्टाहार लेने नहीं आते लेकिन उनके नाम पर वितरण दिखा दिया जाता है। जल्दी ये मामले पकड़ में भी नहीं आते हैं। आधार अनिवार्य किया गया तो पुष्टाहार वितरण में हो रहा खेल सामने आ गया।
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पुष्टाहार बांटने में आधार को लागू करने के बाद लाभार्थी काफी कम हो गए हैं। इससे पुष्टाहार बांटने में गड़बड़ी को भी काफी हद तक कम कर दिया गया है।
- बुद्धि मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी